Kanpur: त्योहार में खपाने के लिए तैयार कर रहे थे मिलावटी तेल, 41 टन सीज...पांच नमूने भेज गए हैं लैब
Kanpur News: धर्मेंद्र द्विवेदी ने फैक्टरी में विभिन्न ब्रांड के नकली तेल बनाए जाने और मिलावटी तेल तैयार किए जाने की आशंका जताई है। इसके अलावा भी कई अन्य अनियमितताएं मिली हैं। इसके चलते राइसब्रान का एक खुला नमूना, कुसुम ब्रांड के सरसों के तेल, रिफाइंड, सोयाबीन तेल समेत कुल पांच नमूने लिए गए हैं।
विस्तार
कानपुर में खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने दिवाली से पहले बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 41 टन से अधिक खाद्य तेल सीज कर दिया। त्योहार में खपाने के लिए जीटी रोड स्थित एक फैक्टरी में मिलावटी तेल तैयार किया जा रहा था। फैक्टरी से सरसों, रिफाइंड, राइसब्रान समेत अन्य तेल के कई कंटेनर बरामद हुए हैं।
इसमें करीब पांच टन एक्सपायरी तेल भी मिला है। इसके अलावा कई नामी ब्रांड के तेलों की भी पैकेजिंग होते मिली। टीम ने अलग-अलग ब्रांड के पांच नमूने लिए हैं। सीज किए गए तेल की कीमत करीब 42 लाख रुपये से बताई जा रही है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी की अगुवाई में गठित टीम ने दोपहर दो बजे छापा मारा।
टीम जीटी रोड स्थित बांके बिहारी धर्मकांटे के पास वाली गली में श्रेया ऑयल-श्री सिद्धनाथ ऑयल मिल में पहुंची। यहां पर हर ब्रांड के तेलों के भारी मात्रा में स्टीकर देख टीम दंग रह गई। जब व्यापारी से रजिस्ट्रेशन के कागजात मांगे तो कोई कागज नहीं दिखा पाया। टीम को ब्रांड का पैकेज तेल मिला है, वह एक्सपायरी था।
कुल पांच नमूने लिए गए हैं, जांच के लिए भेजा लैब
श्री द्विवेदी ने फैक्टरी में विभिन्न ब्रांड के नकली तेल बनाए जाने और मिलावटी तेल तैयार किए जाने की आशंका जताई है। इसके अलावा भी कई अन्य अनियमितताएं मिली हैं। इसके चलते राइसब्रान का एक खुला नमूना, कुसुम ब्रांड के सरसों के तेल, रिफाइंड, सोयाबीन तेल समेत कुल पांच नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है।
इतना तेल किया गया सीज
| मात्रा | कीमत |
| 14 टन राइसब्रान | 1120000 |
| 20 टन सरसों का तेल | 2160000 |
| दो टन सोयाबीन रिफाइंड | 200000 |
| 500 गत्ता 10 लीटर | 500000 |
| राजस्थान ब्रांड राइसब्रान बोतल | 39000 |
| सीजर सरसों का तेल | 135000 |
एक्सपायरी के एक-दो महीने तक तेल खाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। अगर एक्सपायरी के बाद बहुत पुराना हो गया तो टॉक्सिटी हो सकती है। इसका बुरा असर, लिवर, गुर्दा और पाचन तंत्र पर आ सकता है। -डॉ. जेएस कुशवाहा, सीनियर फिजीशियन, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
कंपनी का तेल तीन साल तक नुकसान नहीं करता है। बशर्ते वह सील पैक रहा हो। खुला तेल ऑक्सीजन के संपर्क में आकर घातक हो जाता है। इससे कैंसर तक हो सकता है। -प्रो. आरके द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष ऑयल विभाग, एचबीटीयू