{"_id":"69d6aad8d9ed42f74c0af986","slug":"367-mm-of-rain-overnight-damaged-the-rabi-crop-kanpur-news-c-220-1-akb1002-140984-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: रात में हुई 3.67 मिमी बारिश से रबी की फसल को नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: रात में हुई 3.67 मिमी बारिश से रबी की फसल को नुकसान
Thu, 09 Apr 2026 12:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:52 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। आंधी संग बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से रबी की फसल को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि राजस्व विभाग के प्रारंभिक सर्वे में नुकसान 33 फीसदी से कम है। वहीं, मंगलवार रात आंधी संग रुक-रुक कर 3.67 मिमी बारिश हुई। इससे पहले से भीगी फसलों का नुकसान बढ़ गया है। सरवनखेड़ा क्षेत्र में खेत में कटी गेहूं की फसल में अंकुरण देखकर किसान मायूस हो गए हैं।
शनिवार को जिले में 8.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी। इधर मंगलवार शाम को आंधी आने और देर रात रुक-रुककर 3.67 मिमी बारिश होने से पहले से भीगी फसलें और खराब हो गई हैं। अकबरपुर, सरवनखेड़ा, राजपुर, सिकंदरा, संदलपुर, झींझक, भोगनीपुर आदि जगह पर रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। दोबारा आंधी आने से बची गेहूं की फसल भी खेत में गिर गई है। जमीन के संपर्क वाली फसल का दाना खराब होने की आशंका बनी है। जबकि लगातार पांच दिन से मौसम खराब होने और कई बार बारिश से फसल गीली होने से बाली काली पड़ गई है। लागत व मेहनत से तैयार फसलें बर्बाद होती देखकर किसान सदमे में है।
सरवनखेड़ा संवाद के अनुसार चार दिन पहले बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं की कटी व खड़ी फसल भीग गई थी। मौसम खुलने पर फसलें सूखने का इंतजार किसान कर रहे थे। इधर फिर से मौसम खराब हो गया और मंगलवार रात में बारिश हो गई। फसलों में लगातार नमी बनी रहने से मिट्टी के संपर्क में आने वाली गेहूं की बालियों में अंकुरण शुरू हो गया है। बुधवार को खेत पर पहुंचे किसान फसल की बर्बादी देखकर मायूस हो गए। पूरे दिन बादल तने रहे। छिटपुट बूंदाबांदी भी हुई। इससे भीगी फसल सूख नहीं सकी है। इधर किसान अब मौसम खुलने की आस लगाए हैं। किसानों का कहना है कि पहली बारिश से फसल को नुकसान हुआ लेकिन मंगलवार रात हुई बारिश से रही सही उम्मीद पर भी पानी फेर दिया है।
विज्ञापन
इधर पुखरायां मुरलीपुर के किसान अखिलेश सचान, सिंगरसीपुर के राजनारायण सिंह यादव, मोहम्मदपुर के साकेत यादव, शत्रुघन सिंह यादव, मांवर मोहम्मद शमी, कैलई के अबरार ने बताया कि लाही की फसल जिस तरह से तैयार थी लगता था कि फसल अच्छी होगी लेकिन पैदावार बहुत कम हुई। गेहूं की फसल देखकर किसान का मन प्रसन्न हो रहा था कि साल भर की मेहनत निकल आएगी लेकिन फसल खेत से ही नहीं कट पा रही है। एडीएम प्रशासन दुष्यंत कुमार ने बताया कि तहसील स्तर पर फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। आपदा राहत में 33 फीसदी फसल नुकसान पर ही आर्थिक सहायता देय है।
.....................
फोटो- 27 सोनू कुशवाहा, भरतपुर पियासी।
फोटो- 28 विनय तिवारी,सेरुवा।
बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि ने किया भारी नुकसान
लगातार पांच दिन में दो बार आंधी आने, बमौसम बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस बार गेहूं की फसल मार्च में मौसम गर्म होने से प्रभावित हुई थी। रही सही कसर बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से पूरी कर दी। - विनय तिवारी, सेरुवा
..............
चार बीघे गेंहू की फसल है। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से फसल चौपट हो गई है। फसल खेत में गिर चुकी है। बालियां झड़ कर जमीन पर गिर गई। मंगलवार की रात हुई बारिश से गेहूं की बाली में नमी से अंकुरण भी होने लगा है। परिवार का गुजारा करने की समस्या आ गई है। - सोनू कुशवाहा, भरतपुर पियासी
.............
फोटो-25 पिंडार्थू में बारिश व ओलावृष्टि से गिरी गेहूं की फसल सर्वे करती राजस्व टीम। स्रोत राजस्व कर्मी
फसल नुकसान के सर्वे में जुटी राजस्व टीमें
राजपुर। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसलों के नुकसान का राजस्व टीमें सर्वे कर रही हैं। इधर नौ गांवों के किसानों ने बिना सर्वे आपदा रिपोर्ट में केवल बीस फीसदी नुकसान की रिपोर्ट भेजने का आरोप लगाकर एसडीएम सिकंदरा से सर्वे कराने की मांग की है। इसमें पिंडार्थू, ऊधौपुर, खोजाफूल, करियापुर, महटौली, रजौली, डडी डेरा आदि गांव के किसान शामिल हैं। इधर सिकंदरा एसडीएम प्रदुम्न कुमार के निर्देश पर बुधवार को नायाब तहसीलदार सुधीर कुमार ने राजस्व टीमों और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ ऊधौपुर, पिंडार्थू में खेतों पर पहुंच फसल नुकसान का सर्वे किया। एसडीएम ने बताया कि नुकसान का आकलन करने में दो टीमें जुटी हैं। रिपोर्ट आने पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। (संवाद)
..........................
बीमित किसान टोलफ्री नंबर पर करें व्यक्तिगत दावा
कानपुर देहात। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पर बीमित किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर व्यक्तिगत दावा कर सकते हैं।उप निदेशक कृषि हरीशंकर भार्गव ने बताया कि रबी सीजन में 28278 किसान बीमित हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में गेहूं, जौ, चना, लाही/सरसों आदि फसलों के नुकसान पर क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी एचडीएफसी ई-आर्गो देगा। इसके लिए 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर पर सूचना देना जरूरी है। अब तक 199 किसानों ने फसल नुकसान की सूचना टोल फ्री नंबर पर दी है। (संवाद)
..........................
विज्ञापन
शनिवार को जिले में 8.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी। इधर मंगलवार शाम को आंधी आने और देर रात रुक-रुककर 3.67 मिमी बारिश होने से पहले से भीगी फसलें और खराब हो गई हैं। अकबरपुर, सरवनखेड़ा, राजपुर, सिकंदरा, संदलपुर, झींझक, भोगनीपुर आदि जगह पर रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। दोबारा आंधी आने से बची गेहूं की फसल भी खेत में गिर गई है। जमीन के संपर्क वाली फसल का दाना खराब होने की आशंका बनी है। जबकि लगातार पांच दिन से मौसम खराब होने और कई बार बारिश से फसल गीली होने से बाली काली पड़ गई है। लागत व मेहनत से तैयार फसलें बर्बाद होती देखकर किसान सदमे में है।
विज्ञापन
सरवनखेड़ा संवाद के अनुसार चार दिन पहले बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं की कटी व खड़ी फसल भीग गई थी। मौसम खुलने पर फसलें सूखने का इंतजार किसान कर रहे थे। इधर फिर से मौसम खराब हो गया और मंगलवार रात में बारिश हो गई। फसलों में लगातार नमी बनी रहने से मिट्टी के संपर्क में आने वाली गेहूं की बालियों में अंकुरण शुरू हो गया है। बुधवार को खेत पर पहुंचे किसान फसल की बर्बादी देखकर मायूस हो गए। पूरे दिन बादल तने रहे। छिटपुट बूंदाबांदी भी हुई। इससे भीगी फसल सूख नहीं सकी है। इधर किसान अब मौसम खुलने की आस लगाए हैं। किसानों का कहना है कि पहली बारिश से फसल को नुकसान हुआ लेकिन मंगलवार रात हुई बारिश से रही सही उम्मीद पर भी पानी फेर दिया है।
विज्ञापन
इधर पुखरायां मुरलीपुर के किसान अखिलेश सचान, सिंगरसीपुर के राजनारायण सिंह यादव, मोहम्मदपुर के साकेत यादव, शत्रुघन सिंह यादव, मांवर मोहम्मद शमी, कैलई के अबरार ने बताया कि लाही की फसल जिस तरह से तैयार थी लगता था कि फसल अच्छी होगी लेकिन पैदावार बहुत कम हुई। गेहूं की फसल देखकर किसान का मन प्रसन्न हो रहा था कि साल भर की मेहनत निकल आएगी लेकिन फसल खेत से ही नहीं कट पा रही है। एडीएम प्रशासन दुष्यंत कुमार ने बताया कि तहसील स्तर पर फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। आपदा राहत में 33 फीसदी फसल नुकसान पर ही आर्थिक सहायता देय है।
.....................
फोटो- 27 सोनू कुशवाहा, भरतपुर पियासी।
फोटो- 28 विनय तिवारी,सेरुवा।
बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि ने किया भारी नुकसान
लगातार पांच दिन में दो बार आंधी आने, बमौसम बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस बार गेहूं की फसल मार्च में मौसम गर्म होने से प्रभावित हुई थी। रही सही कसर बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से पूरी कर दी। - विनय तिवारी, सेरुवा
..............
चार बीघे गेंहू की फसल है। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से फसल चौपट हो गई है। फसल खेत में गिर चुकी है। बालियां झड़ कर जमीन पर गिर गई। मंगलवार की रात हुई बारिश से गेहूं की बाली में नमी से अंकुरण भी होने लगा है। परिवार का गुजारा करने की समस्या आ गई है। - सोनू कुशवाहा, भरतपुर पियासी
.............
फोटो-25 पिंडार्थू में बारिश व ओलावृष्टि से गिरी गेहूं की फसल सर्वे करती राजस्व टीम। स्रोत राजस्व कर्मी
फसल नुकसान के सर्वे में जुटी राजस्व टीमें
राजपुर। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसलों के नुकसान का राजस्व टीमें सर्वे कर रही हैं। इधर नौ गांवों के किसानों ने बिना सर्वे आपदा रिपोर्ट में केवल बीस फीसदी नुकसान की रिपोर्ट भेजने का आरोप लगाकर एसडीएम सिकंदरा से सर्वे कराने की मांग की है। इसमें पिंडार्थू, ऊधौपुर, खोजाफूल, करियापुर, महटौली, रजौली, डडी डेरा आदि गांव के किसान शामिल हैं। इधर सिकंदरा एसडीएम प्रदुम्न कुमार के निर्देश पर बुधवार को नायाब तहसीलदार सुधीर कुमार ने राजस्व टीमों और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ ऊधौपुर, पिंडार्थू में खेतों पर पहुंच फसल नुकसान का सर्वे किया। एसडीएम ने बताया कि नुकसान का आकलन करने में दो टीमें जुटी हैं। रिपोर्ट आने पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। (संवाद)
..........................
बीमित किसान टोलफ्री नंबर पर करें व्यक्तिगत दावा
कानपुर देहात। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पर बीमित किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर व्यक्तिगत दावा कर सकते हैं।उप निदेशक कृषि हरीशंकर भार्गव ने बताया कि रबी सीजन में 28278 किसान बीमित हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में गेहूं, जौ, चना, लाही/सरसों आदि फसलों के नुकसान पर क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी एचडीएफसी ई-आर्गो देगा। इसके लिए 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर पर सूचना देना जरूरी है। अब तक 199 किसानों ने फसल नुकसान की सूचना टोल फ्री नंबर पर दी है। (संवाद)
..........................