Dengue in Kanpur: डेंगू के 35 संक्रमित मिले, वायरल संक्रमण से दो की मौत, इमरजेंसी में रात तक 180 रोगी भर्ती
कानपुर में डेंगू का हमला तेज होने के साथ सख्त हो रहा है। गुरुवार को 35 रोगियों को डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें 26 डेंगू संक्रमित रोगी शहर के हैं। वहीं, डेंगू से अधिक खतरनाक वायरल फीवर साबित हो रहा है। ओपीडी में 4100 और इमरजेंसी में रात तक 180 रोगी भर्ती हुए हैं।
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कानपुर में डेंगू के साथ-साथ वायरल संक्रमण ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। संक्रमण के दो मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही 12 रोगी गंभीर हालत में हैलट में भर्ती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वायरल संक्रमण डेंगू और दूसरे वायरस से अधिक खतरनाक साबित हो रहा है। रोगियों को शुरुआत में जुकाम, बुखार, खांसी और गले के संक्रमण के लक्षण उभरते हैं।
इसके बाद सांस फूलने लगती है और ब्लड प्रेशर गिर जाता है। वहीं डेंगू के 35 संक्रमित मिले हैं। इनमें 26 शहर के हैं। वायरल फीवर का प्रकोप चौतरफा बना हुआ है। गुरुवार को हैलट की विभिन्न विभागों की ओपीडी में 4100 रोगी आए। इनमें दो सौ रोगी बुखार के रहे हैं। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि रात तक इमरजेंसी में 180 रोगी आ चुके थे।
उनकी स्थिति स्थिर होने पर वार्डों में शिफ्ट कर दिया जाता है। बुधवार को रेल बाजार के वायरल फीवर के रोगी अमन (20) की हैलट के आईसीयू में मौत हो गई। एसीएमओ संचारी रोग डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि 10 दिन से बुखार आ रहा था। 29 अक्तूबर को हैलट में भर्ती किया गया। संक्रमण फैलने से एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम हो गया। ब्लड प्रेशर गिर गया।
रोगी को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा था। इसी तरह गुरुवार दोपहर चौबेपुर के अखिलेश कुमार (51) को हैलट लाया गया। उनके भाई राघव ने बताया कि 11 दिनों से बुखार था। इसके बाद सांस में दिक्कत हो गई। जीटी रोड स्थित नर्सिंगहोम ले गए। वहां से हैलट रेफर कर दिया। रास्ते में मौत हो गई। हैलट इमरजेंसी में बुखार के 35 रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है।
मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा का कहना है कि वायरल फीवर के रोगी बढ़ रहे हैं। इनके गुर्दों और लिवर पर भी असर आ रहा है। इसके अलावा बालरोग अस्पताल में रोगी बढ़ रहे हैं। बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने बताया कि डेंगू, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस आदि के रोगी आ रहे हैं।
डेंगू के 35 संक्रमित मिले, 26 रोगी नगर के
वहीं, शहर में गुरुवार को 35 रोगियों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें 26 संक्रमित शहर के हैं। 22 रोगी अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। नगर में डेंगू के सक्रिय मरीज 74 हो गए हैं। डेंगू रोगियों की संख्या बढ़ने के साथ ही हैलट और दूसरे ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। कांशीराम अस्पताल में डेंगू के तीन, उर्सला में चार और पांच संक्रमित हैलट में भर्ती हैं।
इसके साथ ही रोगियों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। ज्यादातर रोगी घरों में हैं और ओपीडी स्तर पर इलाज करा रहे हैं। एसीएमओ संचारी रोग डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि जिस मोहल्ले के रोगी डेंगू संक्रमित मिल रहे हैं, वहां टीमों को भेजकर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने आठ डेंगू संक्रमितों की रिपोर्ट दी है।
छह संक्रमित नगर के हैं। इनमें शिवा पांडेय (13), राघव (9), मो. आमिर (20), फरहान रजा (21), अभिषेक (26), शिवबरन सिंह (60) हैं। उर्सला की लैब से रेनू सूर्यवंशी (37), महिला कटियार (18), आईआईटी के अभिनाथ कुमार (40), सक्षम (12), काजल सिंह (18), बिजेंद्र (57), ज्योति (21), शिव (6), सनी (18), सुरेंद्र (66) शामिल हैं।
इसके अलावा, रन्नो (24), साहिल (15), सुरेश गुप्ता (18), अनुराग तिवारी (28), वैभव कांडपाल (7), शोभा कांडपाल (35), रागिनी (38), कार्तिक (12), प्रतीक (9) और विजय लक्ष्मी (44) की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रन्नो और साहिल मकसूदाबाद के रहने वाले हैं। यहां पिछले साल दो लोगों की मौत हुई थी। वैभव और शोभा लाजपतनगर के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। एसीएमओ संचारी रोग डॉ. सिंह ने बताया कि रोगियों की स्थिति स्थिर है।