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उन्नाव: हवा में ‘जहर’ घोल रहे 34 कारखाने सील, जैविक खाद व पोल्ट्री फूड के लाइसेंस पर तैयार कर रहे थे ग्लू व चर्बी
Wed, 30 Dec 2020 12:35 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 30 Dec 2020 12:35 AM IST
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उन्नाव जिले में प्रदूषण फैलाने वाले 34 कारखानों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सील कर दिया है। इन कारखानों में किसी का लाइसेंस खत्म मिला तो किसी में लकड़ी के बजाय चमड़े की कतरन जलाई जाती मिली। खाद और पोल्ट्री फूड का लाइसेंस लेकर ग्लू व चर्बी तैयार करने का काम भी होता मिला।
एक माह पहले भी 22 कारखानों को सील किया गया था। जैविक खाद व पोल्ट्री फूड कारखानों से हो रहे वायु प्रदूषण पर डीएम रवींद्र कुमार के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू की थी। जांच में बड़े पैमाने पर खामियां सामने आईं।
जिसपर बंथर औद्योगिक क्षेत्र की सभी 16 और दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र के 18 कारखानों को मंगलवार को सील कर दिया है। इससे पहले 25 नवंबर को भी डकारी गांव के आसपास संचालित 22 कारखानों को सील किया गया था। इन सभी में जैविक खाद और पोल्ट्री फूड सप्लीमेंट बनाने का लाइसेंस लेकर ग्लू व चर्बी तैयार करने का काम किया जा रहा था।
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बॉयलर में लकड़ी के बजाय चमड़े की कतरन जलाकर प्रदूषण फैलाया जाता मिला। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि सभी कारखानों की जांच में खामियां सामने आने पर कार्रवाई की गई है।
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एक माह पहले भी 22 कारखानों को सील किया गया था। जैविक खाद व पोल्ट्री फूड कारखानों से हो रहे वायु प्रदूषण पर डीएम रवींद्र कुमार के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू की थी। जांच में बड़े पैमाने पर खामियां सामने आईं।
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जिसपर बंथर औद्योगिक क्षेत्र की सभी 16 और दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र के 18 कारखानों को मंगलवार को सील कर दिया है। इससे पहले 25 नवंबर को भी डकारी गांव के आसपास संचालित 22 कारखानों को सील किया गया था। इन सभी में जैविक खाद और पोल्ट्री फूड सप्लीमेंट बनाने का लाइसेंस लेकर ग्लू व चर्बी तैयार करने का काम किया जा रहा था।
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बॉयलर में लकड़ी के बजाय चमड़े की कतरन जलाकर प्रदूषण फैलाया जाता मिला। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि सभी कारखानों की जांच में खामियां सामने आने पर कार्रवाई की गई है।