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Kanpur News: माघ स्नान के लिए 31 से 400 फैक्टरियां बंद
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कानपुर। प्रयागराज में पहली जनवरी से माघ स्नान पर्व शुरू हो रहा है। प्रदेश सरकार ने महानगर सहित प्रदेश के 27 जिलों में ऐसे औद्योगिक इकाइयों को स्नान के दिन से चार दिन पूर्व बंद रखने का आदेश जारी किया है। इन फैक्टरियों में पानी और इसी तरह के दूसरे तरल पदार्थ अपने उत्पादन में प्रयोग में लाए जाते हैं हैं।
कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव की करीब 400 फैक्टरियां 31 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच 24 दिन तक बंद रहेंगी। प्रत्येक स्नान के बीच चार दिन की अवधि में यह बंदी रहेगी। इनमें 80 टेक्सटाइल की, करीब 10 केमिकल बाकी टेनरियां हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, इन सभी को गीला काम करने से मना किया गया है।
माना गया है कि कानपुर और आसपास यदि किसी औद्याेगिक इकाई का कचरा शोधित होने के बावजूद गंगा में गिरता है तो वह चार दिन में प्रयागराज बहकर पहुंच जाता है। ऐसे में इस तरह के खतरे को देखते हुए चार दिन पहले से ही बंदी का आदेश दिया गया है।
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पीआईए के अध्यक्ष मनोज बंका का कहना है कि जब यहां से गंगा में मिला हुआ प्रदूषित पानी चार दिन में प्रयागराज पहुंचता है तो 31 दिसंबर और एक जनवरी तक ही बंदी रखी जाए। तीन और चार जनवरी को क्यों। क्योंकि तब तक तो उस दिन का स्नान खत्म हो चुका होगा। इसी तरह सीएलई क्षेत्रीय अध्यक्ष असद इराकी का कहना है कि जब उद्योगों में पहले से ही ट्रीटमेंट प्लांट अनिवार्य कर दिया गया है तो उसे बंद करने का कोई औचित्य समझ में नहीं आता है।
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यह हैं स्नान की तिथियां
03 जनवरी पाैष पूर्णिमा
15 जनवरी मकर संक्रांति
18 जनवरी माैनी अमावस्या
23 जनवरी वसंत पंचमी
01 फरवरी माघी पूर्णिमा
15 फरवरी महाशिवरात्रि
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कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव की करीब 400 फैक्टरियां 31 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच 24 दिन तक बंद रहेंगी। प्रत्येक स्नान के बीच चार दिन की अवधि में यह बंदी रहेगी। इनमें 80 टेक्सटाइल की, करीब 10 केमिकल बाकी टेनरियां हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, इन सभी को गीला काम करने से मना किया गया है।
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माना गया है कि कानपुर और आसपास यदि किसी औद्याेगिक इकाई का कचरा शोधित होने के बावजूद गंगा में गिरता है तो वह चार दिन में प्रयागराज बहकर पहुंच जाता है। ऐसे में इस तरह के खतरे को देखते हुए चार दिन पहले से ही बंदी का आदेश दिया गया है।
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पीआईए के अध्यक्ष मनोज बंका का कहना है कि जब यहां से गंगा में मिला हुआ प्रदूषित पानी चार दिन में प्रयागराज पहुंचता है तो 31 दिसंबर और एक जनवरी तक ही बंदी रखी जाए। तीन और चार जनवरी को क्यों। क्योंकि तब तक तो उस दिन का स्नान खत्म हो चुका होगा। इसी तरह सीएलई क्षेत्रीय अध्यक्ष असद इराकी का कहना है कि जब उद्योगों में पहले से ही ट्रीटमेंट प्लांट अनिवार्य कर दिया गया है तो उसे बंद करने का कोई औचित्य समझ में नहीं आता है।
यह हैं स्नान की तिथियां
03 जनवरी पाैष पूर्णिमा
15 जनवरी मकर संक्रांति
18 जनवरी माैनी अमावस्या
23 जनवरी वसंत पंचमी
01 फरवरी माघी पूर्णिमा
15 फरवरी महाशिवरात्रि