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Kanpur: जिले में 3000 ट्रांसजेंडर...विभाग के पास डाटा ही नहीं, सर्टिफिकेट नहीं बनने से मिल रहा योजनाओं का लाभ

Tue, 09 Jan 2024 12:52 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 09 Jan 2024 12:52 PM IST
सार

Kanpur News: समाज कल्याण विभाग जहां से ट्रांसजेंडर के लिए टी-कार्ड बनाए जाते हैं, वहां ट्रांसजेंडर का कोई डाटा ही नहीं है। इसकी वजह से भी दिक्कत आ रही है। यही वजह है कि ट्रांसजेंडर को प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड जैसी अनेक योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।

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3000 transgenders in the Kanpur, department does not have the data, the getting no benefits of the schemes
ट्रांसजेंडर/सांकेतिक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में ट्रांसजेंडर (उभयलिंगी) को सरकारी योजनाओं का लाभ इसलिए नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि इसके लिए उनके पास निर्धारित टी कार्ड ही नहीं है। इस कार्ड के बनने के बाद ही इनका आधार कार्ड, वोटर आईडी, आयुष्मान कार्ड आदि बनना संभव है।

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शहर में ट्रांसजेंडर की संख्या करीब तीन हजार बताई जा रही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अभी ऐसी कोई व्यवस्था ही नहीं बनाई गई है, जिससे यह तय किया जा सके कि ट्रांसजेंडर किसे कहा जाए। जबकि इस संबंध में शासन से एक साल पहले ही दिशा निर्देश जारी हो चुका है।
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ट्रांसजेंडर की आवाज उठाने के लिए कानपुर क्वीर वेलफेयर फाउंडेशन की स्थापना की गई है। इसकी संस्थापक ट्रांसजेंडर अनुज पांडेय का कहना है कि उनके फाउंडेशन के माध्यम से लगातार इस समाज से जुड़े लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई जा रही हैं।

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ट्रांसजेंडर का कोई डाटा ही नहीं है
दिक्कत यह है कि अभी तक उन लोगों को मुख्यधारा में नहीं जोड़ा जा सका है। इसके लिए वह लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समाज कल्याण विभाग जहां से ट्रांसजेंडर के लिए टी-कार्ड बनाए जाते हैं, वहां ट्रांसजेंडर का कोई डाटा ही नहीं है। इसकी वजह से भी दिक्कत आ रही है।

अनेक योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है
यही वजह है कि ट्रांसजेंडर को प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड जैसी अनेक योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। अनुज का कहना है कि यदि उन लोगों के सर्टिफिकेट बना दिए जाए तो उनका जीवन यापन काफी आसान हो जाएगा।

ट्रांसजेंडर्स का सर्टिफिकेट बनाएगा समाज कल्याण विभाग
बिना किसी मेडिकल के ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट बनाए जाने के मामले में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस जो मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड इंपावरमेंट ऑफ इंडिया से जुड़ा हुआ संगठन है, उसकी ओर से एक पत्र जिलाधिकारी विशाख जी. को भेजा गया है। इसमें ट्रांसजेंडर अनुज पांडेय के मामले का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि नियमानुसार किसी भी ट्रांसजेंडर का सर्टिफिकेट बिना मेडिकल परीक्षण के बनाया जाता है।

जिलाधिकारी ने विभाग के अधिकारी से मांगी रिपोर्ट
इस संबंध में जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को पूरे मामले की जांच करने के लिए कहा है। इस संबंध में सोमवार को समाज कल्याण अधिकारी त्रिनेत्र सिंह ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में जितने भी आवेदन आए हैं, उनकी पड़ताल करके सर्टिफिकेट बनाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिससे ऐसे लोगों को लाभ मिल सके।

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