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किसानों को नहीं मिला पूरा मुआवजा
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बांदा। अर्जुन सहायक परियोजना में जमीनें देने वाले किसान हलाकान हैं। शासनादेश के मुताबिक चार गुना मुआवजा की आस में अधिकारियों के पास दौड़ लगा रहे हैं। शनिवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के प्रदेश सचिव निरंजन सिंह राजपूत की अगुवाई में पहुंचे किसानों ने अधीक्षण अभियंता सिंचाई को शिकायत पत्र देकर समस्या से अवगत कराया।
किसान नेताओं ने बताया कि अर्जुन सहायक परियोजना के लिए वर्ष 2009 में जमीन अधिग्रहण का सिलसिला शुरू हुआ। डूब क्षेत्र व नहरें बनाने के लिए जमीनें 2014 तक ली गई। शासनादेश के अनुसार अनुमन्य दर से चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान था, लेकिन तत्कालीन अनुमन्य दर देकर रजिस्ट्री करा ली गई।
हालांकि योजना का रकबा बढ़ने पर वर्ष 2018 में कुछ किसानों को चार गुना मुआवजा दिया गया। कुछ किसानों की 33 वर्षीय वार्षिकी भी काटकर आधी कर दी गई। शिकायती पत्र देने वालों में मंडल अध्यक्ष कमरूद्दीन, मंडल उपाध्यक्ष आलोक सिंह, जिलाध्यक्ष हमीरपुर रामराज खंगार, बद्री सिंह, कामता प्रसाद, अमित पालीवाल शामिल रहे।
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किसान नेताओं ने बताया कि अर्जुन सहायक परियोजना के लिए वर्ष 2009 में जमीन अधिग्रहण का सिलसिला शुरू हुआ। डूब क्षेत्र व नहरें बनाने के लिए जमीनें 2014 तक ली गई। शासनादेश के अनुसार अनुमन्य दर से चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान था, लेकिन तत्कालीन अनुमन्य दर देकर रजिस्ट्री करा ली गई।
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हालांकि योजना का रकबा बढ़ने पर वर्ष 2018 में कुछ किसानों को चार गुना मुआवजा दिया गया। कुछ किसानों की 33 वर्षीय वार्षिकी भी काटकर आधी कर दी गई। शिकायती पत्र देने वालों में मंडल अध्यक्ष कमरूद्दीन, मंडल उपाध्यक्ष आलोक सिंह, जिलाध्यक्ष हमीरपुर रामराज खंगार, बद्री सिंह, कामता प्रसाद, अमित पालीवाल शामिल रहे।
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