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गरीब बच्चों के लिए निजी स्कूलों को 7.40 लाख मिले
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बांदा। अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा ले रहे अलाभित व दुर्बल समूह के 148 बच्चों की ड्रेस और कापी-किताबों के लिए शासन ने 7.40 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। यह बच्चों के खातों में भेजे गए हैं। प्रत्येक बच्चे को पांच हजार रुपये मिलेंगे।
सर्व शिक्षा अभियान के सह समन्वयक नरेंद्र कुमार ने बताया कि गैर सहायता प्राप्त विद्यालयों में पहली कक्षा से अलाभित व दुर्बल समूह के बच्चों को ड्रेस व कापी किताबों के लिए पांच हजार वार्षिक वित्तीय सहायता दी जाती है। पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 14 फरवरी से आवेदन प्रक्त्रिस्या शुरू हो जाएगी। 16 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे।
प्रवेश प्रक्त्रिस्या दो चरणों में लॉटरी पद्धति से होगी। उन्होंने बताया कि अलाभित समूह में बीपीएल श्रेणी के सभी वर्ग के बच्चे आते हैं। इनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। जबकि दुर्बल समूह में अनुसूचित जाति, जनजाति के ही बच्चे शामिल हैं। इनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। अल्पसंख्यक स्कूलों में प्रवेश नहीं होगा। ब्यूरो
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सर्व शिक्षा अभियान के सह समन्वयक नरेंद्र कुमार ने बताया कि गैर सहायता प्राप्त विद्यालयों में पहली कक्षा से अलाभित व दुर्बल समूह के बच्चों को ड्रेस व कापी किताबों के लिए पांच हजार वार्षिक वित्तीय सहायता दी जाती है। पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 14 फरवरी से आवेदन प्रक्त्रिस्या शुरू हो जाएगी। 16 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे।
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प्रवेश प्रक्त्रिस्या दो चरणों में लॉटरी पद्धति से होगी। उन्होंने बताया कि अलाभित समूह में बीपीएल श्रेणी के सभी वर्ग के बच्चे आते हैं। इनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। जबकि दुर्बल समूह में अनुसूचित जाति, जनजाति के ही बच्चे शामिल हैं। इनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। अल्पसंख्यक स्कूलों में प्रवेश नहीं होगा। ब्यूरो
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