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रकम का ब्योरा न देने पर भरना पड़ा टैक्स
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में जमा लाखों की रकम का ब्योरा न देने पर आयकर विभाग ने शहर के आठ बड़े कारोबारियों पर कार्रवाई की है। विभाग ने खातों में जमा करीब दस करोड़ रुपये की अघोषित नगदी पर 45 फीसदी टैक्स लगाया है। इसके अलावा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी जांच का शिकंजा कसा है।
केंद्र सरकार ने कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए नवंबर में बड़ी करेंसी पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। सरकार की सख्ती के साथ ही आयकर विभाग ने भी बड़े कारोबारियों के बैंक अकाउंट में लेनदेन पर पैनी नजर रखी। शहर के करीब दो दर्जन बड़े कारोबारियों को आयकर विभाग ने बैंक खातों के लेनदेन की सघन जांच शुरू की। जांच में आठ बड़े ऐेसे खाताधारक मिले, जिनके बैंक खातों में
नोटबंदी के दौरान लाखों का लेनदेन किया गया। आयकर विभाग ने बैंकों की मदद से खातों का बैंक स्टेटमेंट लेकर बारीकी से जांच शुरू की। लेनदेन में घालमेल पकड़े जाने पर आयकर विभाग ने कारोबारियों को नोटिस भेज जवाब-तलब किया। कारोबारी करीब 10 करोड़ के बैकिंग लेनदेन का ब्योरा नहीं दे सके। आयकर विभाग ने कारोबारियों को अघोषित नगदी का ब्योरा न दे पाने पर धनराशि पर टैक्स वसूलने की कारवाई की है।
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आयकर अधिकारी विवेक वरुण ने बताया कि शहर के आठ बड़े कारोबारियों ने नोटबंदी के दौरान बैंक खातों से लाखों का टर्नओवर किया था। जांच में पकड़े जाने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। इस दौरान कारोबारी 10 करोड़ की धनराशि का रिकार्ड नहीं दे सके थे। इस धनराशि पर कारोबारियों से 45 फीसदी टैक्स वसूला गया है। बताया कि करीब आधा दर्जन विभिन्न व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों के बैंक खातों की जांच जारी है।
रकम का ब्योरा न देने पर भरना पड़ा टैक्स
आठ कारोबारियों की दस करोड़ अघोषित आय पर 45 फीसदी टैक्स लगा
नोटबंदी के दौरान कारोबारियों के बैंक खातों में जमा हुई थी रकम
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उन्नाव। नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में जमा लाखों की रकम का ब्योरा न देने पर आयकर विभाग ने शहर के आठ बड़े कारोबारियों पर कार्रवाई की है। विभाग ने खातों में जमा करीब दस करोड़ रुपये की अघोषित नगदी पर 45 फीसदी टैक्स लगाया है। इसके अलावा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी जांच का शिकंजा कसा है।
केंद्र सरकार ने कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए नवंबर में बड़ी करेंसी पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। सरकार की सख्ती के साथ ही आयकर विभाग ने भी बड़े कारोबारियों के बैंक अकाउंट में लेनदेन पर पैनी नजर रखी। शहर के करीब दो दर्जन बड़े कारोबारियों को आयकर विभाग ने बैंक खातों के लेनदेन की सघन जांच शुरू की। जांच में आठ बड़े ऐेसे खाताधारक मिले, जिनके बैंक खातों में
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नोटबंदी के दौरान लाखों का लेनदेन किया गया। आयकर विभाग ने बैंकों की मदद से खातों का बैंक स्टेटमेंट लेकर बारीकी से जांच शुरू की। लेनदेन में घालमेल पकड़े जाने पर आयकर विभाग ने कारोबारियों को नोटिस भेज जवाब-तलब किया। कारोबारी करीब 10 करोड़ के बैकिंग लेनदेन का ब्योरा नहीं दे सके। आयकर विभाग ने कारोबारियों को अघोषित नगदी का ब्योरा न दे पाने पर धनराशि पर टैक्स वसूलने की कारवाई की है।
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आयकर अधिकारी विवेक वरुण ने बताया कि शहर के आठ बड़े कारोबारियों ने नोटबंदी के दौरान बैंक खातों से लाखों का टर्नओवर किया था। जांच में पकड़े जाने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। इस दौरान कारोबारी 10 करोड़ की धनराशि का रिकार्ड नहीं दे सके थे। इस धनराशि पर कारोबारियों से 45 फीसदी टैक्स वसूला गया है। बताया कि करीब आधा दर्जन विभिन्न व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों के बैंक खातों की जांच जारी है।
रकम का ब्योरा न देने पर भरना पड़ा टैक्स
आठ कारोबारियों की दस करोड़ अघोषित आय पर 45 फीसदी टैक्स लगा
नोटबंदी के दौरान कारोबारियों के बैंक खातों में जमा हुई थी रकम