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नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा
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कानपुर देहात। नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के सदस्य विभिन्न सरकारी विभागों के फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर धोखाधड़ी कर रहे थे। खास बात यह है कि नौकरी न लगने पर जब इनसे रुपये मांगे जाते थे तो गिरोह के सदस्य एक -दूसरे पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराकर अभ्यार्थी व पुलिस को गुमराह कर देते थे। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है अन्य की तलाश की जा रही है।
एसपी राधेश्याम ने बताया कि बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर दस लोग संगठित होकर युवाओं से ठगी कर रहे थे। डेरापुर पुलिस ने सरगांव खुर्द गांव के कत्यानी देवी मंदिर के पास से सोमवार को गांव के ही शैलेंद्र सिंह उर्फ पटेल, बलभद्रापुर अकबरपुर के कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछतांछ में युवकों ने बताया कि वह अपने साथी भोलाखेड़ा लखनऊ के प्रवीण सिंह, ऊधमपुर डेरापुर के रामशरण यादव, करियापुर अमराहट के राकेश राजपूत, सढऱामऊ मंगलपुर के आनंद कुमार, करौसा अकबरपुर के जयचंद उर्फ मंगली, मडनापुर के निरपत सिंह उर्फ प्रेम नारायन, हेमंत तिवारी, प्रकाश कौशल के साथ मिलकर बेरोजगार युवाओं को नौकरी लालच देकर ठगी कर रहे थे। युवाओं से नौकरी के नाम पर 6 से 15 लाख रुपये तक ले लेते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, नौकरी का आई कार्ड व नौकरी से संबंधित प्रपत्र देकर दिल्ली, नरेला, बिहार, लखनऊ, रेलवे कोच रायबरेली, सचिवालय लखनऊ, मेडिकल कालेज लखनऊ, नगर निगम कार्यालय फैजाबाद आदि स्थानों पर भेजकर रुपये हड़प लेते थे। युवक जब बताए गए दफ्तर में पहुंचता तो उसे ठगे जाने का पता चलता था। गिरोह के लोग युवाओं को विश्वास दिलाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर आदि भी रखते थे। एसपी ने बताया कि अभी तक छानबीन में 12 से अधिक लोगों से धोखाधड़ी किए जाने का खुलासा हुआ है। इनके पकड़े जाने की जानकारी पर लोग इनकी ओर से दिए गए फर्जी ज्वानिंग लेटर आदि लेकर थाने पहुंच रहे हैं। एसपी ने बताया कि युवाओं को जब ठगे जाने का पता चलता था तो वह अपने रुपये वापस करने का दबाव बनाता था तो गिरोह के लोग एक आपस में ही धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस व ठगी के शिकार लोगों को गुमराह कर देते थे। एसपी ने कहा कि मामले में दस लेागों पर धोखाधड़ी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी सदस्यों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी राधेश्याम ने बताया कि बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर दस लोग संगठित होकर युवाओं से ठगी कर रहे थे। डेरापुर पुलिस ने सरगांव खुर्द गांव के कत्यानी देवी मंदिर के पास से सोमवार को गांव के ही शैलेंद्र सिंह उर्फ पटेल, बलभद्रापुर अकबरपुर के कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछतांछ में युवकों ने बताया कि वह अपने साथी भोलाखेड़ा लखनऊ के प्रवीण सिंह, ऊधमपुर डेरापुर के रामशरण यादव, करियापुर अमराहट के राकेश राजपूत, सढऱामऊ मंगलपुर के आनंद कुमार, करौसा अकबरपुर के जयचंद उर्फ मंगली, मडनापुर के निरपत सिंह उर्फ प्रेम नारायन, हेमंत तिवारी, प्रकाश कौशल के साथ मिलकर बेरोजगार युवाओं को नौकरी लालच देकर ठगी कर रहे थे। युवाओं से नौकरी के नाम पर 6 से 15 लाख रुपये तक ले लेते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, नौकरी का आई कार्ड व नौकरी से संबंधित प्रपत्र देकर दिल्ली, नरेला, बिहार, लखनऊ, रेलवे कोच रायबरेली, सचिवालय लखनऊ, मेडिकल कालेज लखनऊ, नगर निगम कार्यालय फैजाबाद आदि स्थानों पर भेजकर रुपये हड़प लेते थे। युवक जब बताए गए दफ्तर में पहुंचता तो उसे ठगे जाने का पता चलता था। गिरोह के लोग युवाओं को विश्वास दिलाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर आदि भी रखते थे। एसपी ने बताया कि अभी तक छानबीन में 12 से अधिक लोगों से धोखाधड़ी किए जाने का खुलासा हुआ है। इनके पकड़े जाने की जानकारी पर लोग इनकी ओर से दिए गए फर्जी ज्वानिंग लेटर आदि लेकर थाने पहुंच रहे हैं। एसपी ने बताया कि युवाओं को जब ठगे जाने का पता चलता था तो वह अपने रुपये वापस करने का दबाव बनाता था तो गिरोह के लोग एक आपस में ही धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस व ठगी के शिकार लोगों को गुमराह कर देते थे। एसपी ने कहा कि मामले में दस लेागों पर धोखाधड़ी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी सदस्यों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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