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बच्ची के यौन उत्पीड़न में सिपाही को आजीवन कारावास
Updated Tue, 13 Nov 2018 01:15 AM IST
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फतेहपुर। नाबालिग से दुष्कर्म में सिपाही को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मृदुला मिश्रा की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना मलवां थानाक्षेत्र की है। अदालत ने आरोपी पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिससे 30 हजार रुपये पीड़िता को देय होंगे।
घटना नौ अप्रैल 2015 की है। सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब साढ़े चार बजे सोलह वर्षीय किशोरी शौच के लिए घर के पीछे खेत में गई थी। घात लगाए बैठे सिपाही अजीत सिंह ने किशोरी को दबोच लिया और दुष्कर्म किया। चीख सुनकर पिता मौके पर पहुंचे। हाथापाई कर उन्होंने सिपाही को पकड़ लिया
था। इस बीच भीड़ का फायदा उठाते हुए आरोपी सिपाही भाग निकला था। पीड़िता पक्ष की तहरीर पर मलवां थाने में सिपाही अजीत सिंह पर रिपोर्ट दर्ज होते ही उसे निलंबित कर दिया गया था। पुलिस ने आरोपी सिपाही को उसके मूल निवास प्रयागराज जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र के पुरवाखास गांव से गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया था।
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इसके बाद से वह जमानत पर था। हालांकि उसे कहीं तैनाती नहीं मिली थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र उत्तम और पीड़िता के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया ने अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए। जिनको मद्देनजर रखते हुए अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।। अदालत
का आदेेश आते ही सिपाही को जेल भेज दिया गया। पीड़िता के अधिवक्ता ने बताया कि सिपाही पहले मलवां थाने में तैनात था। घटना से कुछ समय पहले ही उसका कल्यानपुर थाने में स्थानांतरण हुआ था। उन्होंने बताया कि
इस प्रकरण में फैसला बीती तीन तारीख को ही आने वाला था, लेकिन सिपाही कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। अदालत ने उसकी संपत्ति कुर्क करने व उसके दोनों जमानतदारों के खिलाफ वसूली के आदेश दे दिए थे। अदालत की सख्ती देखते हुए सिपाही ने दिवाली के एक दिन पहले छह तारीख को अदालत में सरेंडर कर दिया था।
किशोरी से दुष्कर्म में सिपाही को उम्रकैद
पीड़ित परिवार को तीन साल बाद मिला इंसाफ
अमर उजाला ब्यूरो
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घटना नौ अप्रैल 2015 की है। सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब साढ़े चार बजे सोलह वर्षीय किशोरी शौच के लिए घर के पीछे खेत में गई थी। घात लगाए बैठे सिपाही अजीत सिंह ने किशोरी को दबोच लिया और दुष्कर्म किया। चीख सुनकर पिता मौके पर पहुंचे। हाथापाई कर उन्होंने सिपाही को पकड़ लिया
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था। इस बीच भीड़ का फायदा उठाते हुए आरोपी सिपाही भाग निकला था। पीड़िता पक्ष की तहरीर पर मलवां थाने में सिपाही अजीत सिंह पर रिपोर्ट दर्ज होते ही उसे निलंबित कर दिया गया था। पुलिस ने आरोपी सिपाही को उसके मूल निवास प्रयागराज जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र के पुरवाखास गांव से गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया था।
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इसके बाद से वह जमानत पर था। हालांकि उसे कहीं तैनाती नहीं मिली थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र उत्तम और पीड़िता के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया ने अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए। जिनको मद्देनजर रखते हुए अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी पर 45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।। अदालत
का आदेेश आते ही सिपाही को जेल भेज दिया गया। पीड़िता के अधिवक्ता ने बताया कि सिपाही पहले मलवां थाने में तैनात था। घटना से कुछ समय पहले ही उसका कल्यानपुर थाने में स्थानांतरण हुआ था। उन्होंने बताया कि
इस प्रकरण में फैसला बीती तीन तारीख को ही आने वाला था, लेकिन सिपाही कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। अदालत ने उसकी संपत्ति कुर्क करने व उसके दोनों जमानतदारों के खिलाफ वसूली के आदेश दे दिए थे। अदालत की सख्ती देखते हुए सिपाही ने दिवाली के एक दिन पहले छह तारीख को अदालत में सरेंडर कर दिया था।
किशोरी से दुष्कर्म में सिपाही को उम्रकैद
पीड़ित परिवार को तीन साल बाद मिला इंसाफ
अमर उजाला ब्यूरो