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Kanpur News: एक दिन में औसत नौ फार्मर रजिस्ट्री ही कर पाए 200 लेखपाल
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ऋषि तिवारी
इटावा। किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए शुरू की गई फार्मर रजिस्ट्री जिले में लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। अधिकारियों की उदासीनता और कर्मचारियों की मनमानी से फार्मर रजिस्ट्री में जिले की 61वीं रैंक आई है। फार्मर रजिस्ट्री के मामले में सबसे ज्यादा मनमानी लेखपालों ने की है। स्थिति यह रही कि 200 लेखपाल एक दिन में औसत नौ फार्मर रजिस्ट्री ही कर पाए। अब जब शासन स्तर से कड़ाई हुई तो जिले के अधिकारियों की ओर से रविवार को भी कई जगह कैंप लगाकर फार्मर रजिस्ट्री की गई।
जिले में 2,75,320 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है। जून 2024 से यह प्रक्रिया शुरू की गई थी। प्रक्रिया को पूरा करने के लिए लगभग 200 लेखपालों के साथ ही कृषि विभाग के 52 कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके साथ ही जिले के लगभग 400 जनसेवा केंद्रों के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है। जिले में 31अक्तूबर तक 1,31,069 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो पाई है। जो लगभग 47.61 प्रतिशत है। फार्मर रजिस्ट्री करने के मामले में सबसे ज्यादा मनमर्जी जिले के लेखपालों ने की है। 16 माह के अंतराल में 200 लेखपाल सिर्फ 3866 फार्मर रजिस्ट्री ही कर सके। 16 माह यानि कि लगभग 480 दिनों में से दो महीने का अवकाश निकाल दें तो लगभग 420 दिन बचते हैं। इस हिसाब से 200 लेखपाल एक दिन में औसत नौ फार्मर रजिस्ट्री ही कर पाए। वहीं कृषि विभाग के कर्मचारियों और जनसेवा संचालकों की ओर से लगभग 1.20 लाख फार्मर रजिस्ट्री की गई है। (संवाद)
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इटावा। किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए शुरू की गई फार्मर रजिस्ट्री जिले में लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। अधिकारियों की उदासीनता और कर्मचारियों की मनमानी से फार्मर रजिस्ट्री में जिले की 61वीं रैंक आई है। फार्मर रजिस्ट्री के मामले में सबसे ज्यादा मनमानी लेखपालों ने की है। स्थिति यह रही कि 200 लेखपाल एक दिन में औसत नौ फार्मर रजिस्ट्री ही कर पाए। अब जब शासन स्तर से कड़ाई हुई तो जिले के अधिकारियों की ओर से रविवार को भी कई जगह कैंप लगाकर फार्मर रजिस्ट्री की गई।
जिले में 2,75,320 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है। जून 2024 से यह प्रक्रिया शुरू की गई थी। प्रक्रिया को पूरा करने के लिए लगभग 200 लेखपालों के साथ ही कृषि विभाग के 52 कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके साथ ही जिले के लगभग 400 जनसेवा केंद्रों के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है। जिले में 31अक्तूबर तक 1,31,069 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो पाई है। जो लगभग 47.61 प्रतिशत है। फार्मर रजिस्ट्री करने के मामले में सबसे ज्यादा मनमर्जी जिले के लेखपालों ने की है। 16 माह के अंतराल में 200 लेखपाल सिर्फ 3866 फार्मर रजिस्ट्री ही कर सके। 16 माह यानि कि लगभग 480 दिनों में से दो महीने का अवकाश निकाल दें तो लगभग 420 दिन बचते हैं। इस हिसाब से 200 लेखपाल एक दिन में औसत नौ फार्मर रजिस्ट्री ही कर पाए। वहीं कृषि विभाग के कर्मचारियों और जनसेवा संचालकों की ओर से लगभग 1.20 लाख फार्मर रजिस्ट्री की गई है। (संवाद)
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