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जलस्तर बढ़ने से नमामि गंगे को झटका
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:19 AM IST
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शुक्लागंज। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और नमामि गंगे परियोजना के तहत घाटों के सुंदरीकरण का काम कराया जा रहा है, लेकिन काम देरी से शुरू हुआ। जिसके कारण अब परियोजना के लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
गंगा में अचानक पानी बढ़ने से गंगा का पानी हटाने वाले कई पंप सेट और बंधा जलमग्न हो गए हैं। एक बार फिर उस स्थान पर पानी भर गया है, जहां पर घाट की सीढ़ियां बननी थी। माना जा रहा है करीब 20 से 25 लाख का नुकसान है।
मालूम हो कि काम पिछले वर्ष अक्तूबर माह से शुरू होना था, लेकिन मार्च माह से शुुुुुरू हुआ काम अब तक करीब 40 फीसदी हो जाना चाहिए था, मगर 10 फ ीसदी काम ही हो सका है।
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लेट लतीफ ी से काम होने के कारण घाट की सीढ़ियां नहीं बन सकी। केवल गड्ढों से पानी निकालने का काम होता रहा। इस बीच अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ गया। जिससे एक बार कई फि ट गहरे गड्ढों में पानी समा गया। साथ ही तीन पंप सेट पानी में खराब हो गए। बंधा भी कई जगह से टूट गया।
जमीन पर बिछाई जाने वाली जियो की बोरियां जलमग्न होने के कारण खराब हो गई हैं। जिसमें बालू और सीमेंट का मिश्रण भरकर उन्हें सतह पर बिछाने का काम होना था।
कार्यदायी कंपनी के इंजीनियर रोहित सिंह ने बताया गंगा का जलस्तर बढ़ने से नुकसान हुआ है और काम भी अब बढ़ गया है। लेकिन दिन रात काम करके इसे समय पर खत्म करने की कोशिश की जाएगी।
-लाखों रुपये का हुआ नुकसान, पंप सेट और बंधा पानी में डूबे
-देर से काम शुरू होने के कारण सरकारी धन की हो रही बर्बादी
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गंगा में अचानक पानी बढ़ने से गंगा का पानी हटाने वाले कई पंप सेट और बंधा जलमग्न हो गए हैं। एक बार फिर उस स्थान पर पानी भर गया है, जहां पर घाट की सीढ़ियां बननी थी। माना जा रहा है करीब 20 से 25 लाख का नुकसान है।
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मालूम हो कि काम पिछले वर्ष अक्तूबर माह से शुरू होना था, लेकिन मार्च माह से शुुुुुरू हुआ काम अब तक करीब 40 फीसदी हो जाना चाहिए था, मगर 10 फ ीसदी काम ही हो सका है।
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लेट लतीफ ी से काम होने के कारण घाट की सीढ़ियां नहीं बन सकी। केवल गड्ढों से पानी निकालने का काम होता रहा। इस बीच अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ गया। जिससे एक बार कई फि ट गहरे गड्ढों में पानी समा गया। साथ ही तीन पंप सेट पानी में खराब हो गए। बंधा भी कई जगह से टूट गया।
जमीन पर बिछाई जाने वाली जियो की बोरियां जलमग्न होने के कारण खराब हो गई हैं। जिसमें बालू और सीमेंट का मिश्रण भरकर उन्हें सतह पर बिछाने का काम होना था।
कार्यदायी कंपनी के इंजीनियर रोहित सिंह ने बताया गंगा का जलस्तर बढ़ने से नुकसान हुआ है और काम भी अब बढ़ गया है। लेकिन दिन रात काम करके इसे समय पर खत्म करने की कोशिश की जाएगी।
-लाखों रुपये का हुआ नुकसान, पंप सेट और बंधा पानी में डूबे
-देर से काम शुरू होने के कारण सरकारी धन की हो रही बर्बादी