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दशरथ घाटी में मिले भगवान श्रीराम माता सीता के पदचिंह!
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ऐतिहासिक पदचिंह मिलने का दावा
चित्रकूट। मऊ क्षेत्र के दशरथ घाटी के पास पहाड़ की एक चट्टान पर ऐतिहासिक पैरों के दो निशान मिलें हैं। इतिहासकारों व स्थानीय कई तरह के कयास लगा रहे हैं।
मऊ क्षेत्र में युवकों की टोली ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर रही है। पांच दिवसीय यात्रा शुक्रवार की शाम को लॉरी हनुमानगंज किला, कर्का आश्रम होते हुए बीहड़ जंगल के बीच स्थित दशरथ घाटी पहुंची। जब टीम के सदस्य पहाड़ की ऊंचाई पर पहुंचे तो एक चट्टान पर पैरों के निशान उकरे देख हैरान हो गए। टीम के सदस्य इंद्रेश त्रिपाठी घाटी में पैरों के निशान मिले हैं। कहा कि प्रमुख धार्मिक स्थानों को महानता का दर्जा प्रदान करना, तीन ऐतिहासिक तथ्यों को संकलित करना और आम जनमानस तक पहुंचाना हमारी यात्रा कर प्रमुख उद्देश्य है की इनका जीर्णोद्धार हो और ऐतिहासिक पद चिन्ह को सुरक्षित किया जाए
महात्मा गंाधी ग्रामोदय विवि के इतिहास के विभागाध्यक्ष डा. अभय वर्मा ने बताया कि इस संबंध में अभी सिर्फ चित्र देखकर कुछ दावा नहीं किया जा सकता। यात्रा संयोजक इंद्रेश त्रिपाठी के साथ मौजूद दीपक सिंह, अजय शुक्ला ,अखिलेश शुक्ला व कई ग्रामीणों ने कहा कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से इस क्षेत्र में बहुत अच्छे स्थान है यदि यहां तक मार्ग का निर्माण हो जाए बिजली की सुविधा हो जाए और सुंदरीकरण हो जाए तो अत्यंत आकर्षण का केंद्र यह स्थान बनेंगे। जिससे जनपद में देश-विदेश के पर्यटक बढेंगे।
चित्रकूट। मऊ क्षेत्र के दशरथ घाटी के पास पहाड़ की एक चट्टान पर ऐतिहासिक पैरों के दो निशान मिलें हैं। इतिहासकारों व स्थानीय कई तरह के कयास लगा रहे हैं।
मऊ क्षेत्र में युवकों की टोली ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर रही है। पांच दिवसीय यात्रा शुक्रवार की शाम को लॉरी हनुमानगंज किला, कर्का आश्रम होते हुए बीहड़ जंगल के बीच स्थित दशरथ घाटी पहुंची। जब टीम के सदस्य पहाड़ की ऊंचाई पर पहुंचे तो एक चट्टान पर पैरों के निशान उकरे देख हैरान हो गए। टीम के सदस्य इंद्रेश त्रिपाठी घाटी में पैरों के निशान मिले हैं। कहा कि प्रमुख धार्मिक स्थानों को महानता का दर्जा प्रदान करना, तीन ऐतिहासिक तथ्यों को संकलित करना और आम जनमानस तक पहुंचाना हमारी यात्रा कर प्रमुख उद्देश्य है की इनका जीर्णोद्धार हो और ऐतिहासिक पद चिन्ह को सुरक्षित किया जाए
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महात्मा गंाधी ग्रामोदय विवि के इतिहास के विभागाध्यक्ष डा. अभय वर्मा ने बताया कि इस संबंध में अभी सिर्फ चित्र देखकर कुछ दावा नहीं किया जा सकता। यात्रा संयोजक इंद्रेश त्रिपाठी के साथ मौजूद दीपक सिंह, अजय शुक्ला ,अखिलेश शुक्ला व कई ग्रामीणों ने कहा कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से इस क्षेत्र में बहुत अच्छे स्थान है यदि यहां तक मार्ग का निर्माण हो जाए बिजली की सुविधा हो जाए और सुंदरीकरण हो जाए तो अत्यंत आकर्षण का केंद्र यह स्थान बनेंगे। जिससे जनपद में देश-विदेश के पर्यटक बढेंगे।
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