{"_id":"5bc8ddd5bdec2269a642adee","slug":"181539890645-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंजलि हास्पिटल के संचालक पर एक और मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंजलि हास्पिटल के संचालक पर एक और मुकदमा
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात। अकबरपुर स्थित अंजलि हॉस्पिटल के संचालक पर शिकंजा कसता जा रहा है। गुरुवार को मृतक प्रसूता के पिता की तहरीर पर नर्सिंग होम संचालक पर एक रिपोर्ट दर्ज की गई। वहीं बुधवार शाम डिप्टी सीएमओ की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। वहीं विभागीय जांच शुरू की गई है।
बिना पंजीयन व मानक पूरे किए बगैर अकबरपुर में कई हास्पिटल संचालित हैं। तीन दिन पहले एआरटीओ दफ्तर के पास संचालित अंजलि हॉस्पिटल में पतारी गांव की प्रसूता रेनू (22) की उपचार के अभाव में मौत हो गई थी। प्रसूता को परिजन जिला अस्पताल ले गए थे। वहां से गुमराह कर अंजलि हॉस्पिटल के लोगों ने अपने यहां लाकर भर्ती कर लिया था। मृतका के पिता रविशंकर ने पुलिस को बताया कि वहां अस्पताल संचालक ने ऑपरेशन होने की बात कह 50 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था। डॉक्टर आने की बात कह उसे घंटों रोके रखा गया। जिससे उसकी बेटी की उपचार के अभाव में तड़प कर मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा जमकर हंगामा किया था। इसके पहले 2 जुलाई को लालपुर की महिला रजिया पत्नी गुलफाम की प्रसव के दौरान हुए ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। अस्पताल में दो मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी। मामले को डीएम राकेश कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया तब स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। बुधवार शाम डिप्टी सीएमओ महेंद्र जतारया की तहरीर पर अस्पताल संचालक कृपाशंकर व अज्ञात साथियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इधर, गुरुवार को मृतक प्रसूता के पिता रविशंकर की तहरीर पर अस्पताल संचालक कृपाशंकर व उसके अज्ञात साथियों के विरुद्ध एक और रिपोर्ट दर्ज की गई। कोतवाल ऋषिकांत शुक्ला ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन
बिना पंजीयन व मानक पूरे किए बगैर अकबरपुर में कई हास्पिटल संचालित हैं। तीन दिन पहले एआरटीओ दफ्तर के पास संचालित अंजलि हॉस्पिटल में पतारी गांव की प्रसूता रेनू (22) की उपचार के अभाव में मौत हो गई थी। प्रसूता को परिजन जिला अस्पताल ले गए थे। वहां से गुमराह कर अंजलि हॉस्पिटल के लोगों ने अपने यहां लाकर भर्ती कर लिया था। मृतका के पिता रविशंकर ने पुलिस को बताया कि वहां अस्पताल संचालक ने ऑपरेशन होने की बात कह 50 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था। डॉक्टर आने की बात कह उसे घंटों रोके रखा गया। जिससे उसकी बेटी की उपचार के अभाव में तड़प कर मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा जमकर हंगामा किया था। इसके पहले 2 जुलाई को लालपुर की महिला रजिया पत्नी गुलफाम की प्रसव के दौरान हुए ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। अस्पताल में दो मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी। मामले को डीएम राकेश कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया तब स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। बुधवार शाम डिप्टी सीएमओ महेंद्र जतारया की तहरीर पर अस्पताल संचालक कृपाशंकर व अज्ञात साथियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इधर, गुरुवार को मृतक प्रसूता के पिता रविशंकर की तहरीर पर अस्पताल संचालक कृपाशंकर व उसके अज्ञात साथियों के विरुद्ध एक और रिपोर्ट दर्ज की गई। कोतवाल ऋषिकांत शुक्ला ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन