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पत्नी को उतारा था मौत के घाट, मिली उम्रकैद
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:02 AM IST
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फर्रुखाबाद।
विशेष अदालत ने पत्नी की हत्या में दोषी पाए जाने पर शुक्रवार को युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जिला देवधर (झारखंड) के थाना सरठ निवासी गुड्डू ने बहन फिरोजा की शादी जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव पंजू खिरिया में होशियार अली से वर्ष 2002 में की थी। 18 जनवरी 2014 को बहन की हत्या कर शव गायब करने की गांव के लोगों ने सूचना दी। 19 जनवरी को बहन के घर गया तो वहां कोई नहीं था। गुड्डू ने बहन की हत्या करने की पति होशियार सिंह के खिलाफ रिपोर्ट जहानगंज थाने में दर्ज कराई थी। विवेचक ने जांच कर अदालत में
आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी को हत्या के जुर्म में दोषी पाकर उम्रकैद की सजा और बीस हजार रुपये जुर्माना किया। साक्ष्य मिटाने के जुर्म में दोषी पाकर पांच साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माना किया। दोनों सजाए एक साथ चलने का आदेश दिया है। विशेष अदालत एससीएसटी के न्यायाधीश रवींद्र नाथ दुबे ने दोषी को सजा सुनाई।
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पत्नी के हत्या मेें उम्रकैद
30 हजार का जुर्माना भी लगाया
जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा
अमर उजाला ब्यूरो
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विशेष अदालत ने पत्नी की हत्या में दोषी पाए जाने पर शुक्रवार को युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जिला देवधर (झारखंड) के थाना सरठ निवासी गुड्डू ने बहन फिरोजा की शादी जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव पंजू खिरिया में होशियार अली से वर्ष 2002 में की थी। 18 जनवरी 2014 को बहन की हत्या कर शव गायब करने की गांव के लोगों ने सूचना दी। 19 जनवरी को बहन के घर गया तो वहां कोई नहीं था। गुड्डू ने बहन की हत्या करने की पति होशियार सिंह के खिलाफ रिपोर्ट जहानगंज थाने में दर्ज कराई थी। विवेचक ने जांच कर अदालत में
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आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी को हत्या के जुर्म में दोषी पाकर उम्रकैद की सजा और बीस हजार रुपये जुर्माना किया। साक्ष्य मिटाने के जुर्म में दोषी पाकर पांच साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माना किया। दोनों सजाए एक साथ चलने का आदेश दिया है। विशेष अदालत एससीएसटी के न्यायाधीश रवींद्र नाथ दुबे ने दोषी को सजा सुनाई।
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पत्नी के हत्या मेें उम्रकैद
30 हजार का जुर्माना भी लगाया
जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा
अमर उजाला ब्यूरो