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...तो डाकुओं को मिल गई दवा
Updated Sun, 27 Aug 2017 11:00 PM IST
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...तो डाकुओं को मिल गई दवा
चित्रकूट। डाकू बबुली कोल और उसके दाहिने हाथ लवलेश कोल को गोली लगने का दावा कर रही पुलिस टीम अभी भी बैकफुट पर है। सर्विलांस से लेकर जंगल के आसपास रहने वाले लोगों की मानें तो घायल डाकुओं को इलाज के साथ-साथ दवा भी पहुंच गई है। दोनों (बबुली-लवलेश) की जान बच गई है।
कुछ पुलिस अधिकारी भी मानते हैं कि डाकू निही के औदर जंगल से नागर की ओर होता हुआ बेधक जंगल की ओर निकल गए हैं। इस मामले में डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि सब सुनी सुनाई बातें हैं। पुलिस टीमें पूरा प्रयास कर रहीं हैं। जहां से भी लोेकेशन मिलती है,उस पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने दोनों के जिंदा होने के मामले में कुछ भी नहीं कहा।
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चित्रकूट। डाकू बबुली कोल और उसके दाहिने हाथ लवलेश कोल को गोली लगने का दावा कर रही पुलिस टीम अभी भी बैकफुट पर है। सर्विलांस से लेकर जंगल के आसपास रहने वाले लोगों की मानें तो घायल डाकुओं को इलाज के साथ-साथ दवा भी पहुंच गई है। दोनों (बबुली-लवलेश) की जान बच गई है।
कुछ पुलिस अधिकारी भी मानते हैं कि डाकू निही के औदर जंगल से नागर की ओर होता हुआ बेधक जंगल की ओर निकल गए हैं। इस मामले में डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि सब सुनी सुनाई बातें हैं। पुलिस टीमें पूरा प्रयास कर रहीं हैं। जहां से भी लोेकेशन मिलती है,उस पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने दोनों के जिंदा होने के मामले में कुछ भी नहीं कहा।
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