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बंद होंगे हाईवे पर अवैध कट, दोबारा तोड़ने पर रिपोर्ट
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर बढ़ते हादसों को लेकर नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) ने सख्त रुख अख्तियार किया है। एनएचएआई के क्षेत्रीय प्रबंधक पी शिवशंकर ने बताया कि हादसों की मुख्य वजह हाईवे पर अपनी सुविधा के लिए मनमर्जी बनाए गए अवैध कट हैं। उन्होंने बताया कि अवैध कट बंद करवाए जा रहे हैं। चेतावनी दी कि मरम्मत के बाद दोबारा कट बनाए जाने पर दोषी व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
जिले में सड़क हादसों में औसतन हर दिन एक मौत हो रही है और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। हालत यह है कि जिले की सड़कों पर हर रोज कोई न कोई हादसा हो रहा है। इस साल के बीते 170 दिनों में 276 सड़क हादसे हुए हैं। जिनमें 163 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें 21 महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं हादसों ने 236 लोग घायल हुए जिनमें दर्जनों लोग महीनों से अस्पतालों में इलाज करा रहा हैं तो कई अपाहिज हो गए। हाईवे पर हुए सड़क हादसों में अधिकांश में अवैध कट हादसे की वजह बना।
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर जगह-जगह डिवाइडर तोड़कर बनाए गए शार्टकट हादसों के शार्टकट साबित हो रहे हैं। पिछले दिनों लखनऊ और कानपुर के बीच उन्नाव जिले की सीमा में एनएचएआई के सर्वे में 81 अवैध कट चिन्हित किए गए थे। यह कट अधिकांश रूप से होटल-ढाबों, पेट्रोल पंपों और गांवों के सामने बनाए हैं। किसी ने ग्राहकों की सुविधा के लिए तो किसी ने आवागमन की सुविधा के लिए हाईवे के डिवाडर तोड़कर रास्ता बना लिया है।
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शार्टकट के चक्कर में लोग निर्धारित रोड क्रास के बजाए मनमाने तरीके से दो पहिया-चार पहिया वाहन निकालते हैं और हाईवे पर तेज रफ्तार से गुजरते समय दर्दनाक हादसे हो रहे हैं।
नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) के क्षेत्रीय प्रबंधक पी शिवशंकर ने बताया शार्टकट के लिए तोड़ गए डिवाइडरों की मरम्मत कराई जा रही है। कई जगह ग्रिल भी लगवाई जा रही है। बताया कि कुछ स्थानों पर मरम्मत कराने के बाद फिर तोड़ने की शिकायतें भी मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि जहां भी डिवाइडर और ग्रिल को दोबारा तोड़ा गया वहां आसपास के होलट, ढाबा, पेट्रोलपंप या अन्य प्रतिष्ठान संचालकों के एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
170 दिन 276 सड़क हादसों में ज्यादातर शार्टकट के चक्कर में
सड़क हादसों में 163 की मौत, घायल हुए 236 लोगों में कई गंभीर
सबसे अधिक हादसे हाईवे पर, लोगों ने डिवाइडर तोड़कर बनाएं हैं शार्टकट
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उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर बढ़ते हादसों को लेकर नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) ने सख्त रुख अख्तियार किया है। एनएचएआई के क्षेत्रीय प्रबंधक पी शिवशंकर ने बताया कि हादसों की मुख्य वजह हाईवे पर अपनी सुविधा के लिए मनमर्जी बनाए गए अवैध कट हैं। उन्होंने बताया कि अवैध कट बंद करवाए जा रहे हैं। चेतावनी दी कि मरम्मत के बाद दोबारा कट बनाए जाने पर दोषी व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
जिले में सड़क हादसों में औसतन हर दिन एक मौत हो रही है और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। हालत यह है कि जिले की सड़कों पर हर रोज कोई न कोई हादसा हो रहा है। इस साल के बीते 170 दिनों में 276 सड़क हादसे हुए हैं। जिनमें 163 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें 21 महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं हादसों ने 236 लोग घायल हुए जिनमें दर्जनों लोग महीनों से अस्पतालों में इलाज करा रहा हैं तो कई अपाहिज हो गए। हाईवे पर हुए सड़क हादसों में अधिकांश में अवैध कट हादसे की वजह बना।
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लखनऊ-कानपुर हाईवे पर जगह-जगह डिवाइडर तोड़कर बनाए गए शार्टकट हादसों के शार्टकट साबित हो रहे हैं। पिछले दिनों लखनऊ और कानपुर के बीच उन्नाव जिले की सीमा में एनएचएआई के सर्वे में 81 अवैध कट चिन्हित किए गए थे। यह कट अधिकांश रूप से होटल-ढाबों, पेट्रोल पंपों और गांवों के सामने बनाए हैं। किसी ने ग्राहकों की सुविधा के लिए तो किसी ने आवागमन की सुविधा के लिए हाईवे के डिवाडर तोड़कर रास्ता बना लिया है।
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शार्टकट के चक्कर में लोग निर्धारित रोड क्रास के बजाए मनमाने तरीके से दो पहिया-चार पहिया वाहन निकालते हैं और हाईवे पर तेज रफ्तार से गुजरते समय दर्दनाक हादसे हो रहे हैं।
नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) के क्षेत्रीय प्रबंधक पी शिवशंकर ने बताया शार्टकट के लिए तोड़ गए डिवाइडरों की मरम्मत कराई जा रही है। कई जगह ग्रिल भी लगवाई जा रही है। बताया कि कुछ स्थानों पर मरम्मत कराने के बाद फिर तोड़ने की शिकायतें भी मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि जहां भी डिवाइडर और ग्रिल को दोबारा तोड़ा गया वहां आसपास के होलट, ढाबा, पेट्रोलपंप या अन्य प्रतिष्ठान संचालकों के एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
170 दिन 276 सड़क हादसों में ज्यादातर शार्टकट के चक्कर में
सड़क हादसों में 163 की मौत, घायल हुए 236 लोगों में कई गंभीर
सबसे अधिक हादसे हाईवे पर, लोगों ने डिवाइडर तोड़कर बनाएं हैं शार्टकट