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तिहरे हत्याकांड में तीन भाइयों समेत आठ को उम्रकैद
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। नौली गांव में हुए तिहरे हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अब्दुल मोबीन ने गुरुवार को तीन भाइयों समेत आठ आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। 60-60 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी। मुकदमे में एक आरोपी नाबालिग है। उसका मामला जुबैनायल कोर्ट में चलेगा। सजा के बाद सभी को कोर्ट से जेल भेजा गया है।
टॉवर ठेके के विवाद में वर्ष 2014 में मेरापुर थाना क्षेत्र के नौली गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुंवर पाल सिंह यादव की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का बदला लेने के लिए 20 अगस्त 2014 को बवना गांव में सुबह करीब 10 बजे तीन बाइकों से आए असलहाधारियों ने इसी गांव निवासी मुन्ने खां, श्यामवीर एवं अमरुद्दीन की गोली मार कर हत्या कर दी थी। जबकि चबूतरे पर बैठे बाहर सिंह घायल हो गए थे।
बाहर सिंह के भतीजे अवधेश सिंह ने गांव बवना निवासी सगे भाई राजवीर, रामवीर, उदयवीर पुत्र बलबंत, गांव गढिया निवासी वीरेंद्र पुत्र राम प्रकाश, रावेंद्र पुत्र मेघलाल, नगला मन्न निवासी नेक सिंह पुत्र मुखलाल, मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नौली निवासी रामपाल पुत्र विशुन दयाल, विनोद पुत्र अजय पाल और एक नाबालिग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने जांच कर अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी नाबालिग घोषित हुआ।
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उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गजाला तबस्सुम ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आठ आरोपियोें को दोषी करार दिया। इसके बाद धारा 302/34 आईपीसी में उम्रकैद की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना किया।
जुर्माना देने पर तीन साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। धारा 307/34 आईपीसी में उम्रकैद की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। धारा 147 आईपीसी में एक साल, धारा 148 आईपीसी में दो साल और 506 आईपीसी में एक साल की सजा सुनाई है। सभी सजाए एक साथ चलने का आदेश दिया है।
60-60 हजार रुपये जुर्माना, भुगतान न करने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी
पूर्व जिला पंचायत सदस्य की हत्या का बदला लेने को हुआ था तिहरा हत्याकांड
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फर्रुखाबाद। नौली गांव में हुए तिहरे हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अब्दुल मोबीन ने गुरुवार को तीन भाइयों समेत आठ आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। 60-60 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी। मुकदमे में एक आरोपी नाबालिग है। उसका मामला जुबैनायल कोर्ट में चलेगा। सजा के बाद सभी को कोर्ट से जेल भेजा गया है।
टॉवर ठेके के विवाद में वर्ष 2014 में मेरापुर थाना क्षेत्र के नौली गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुंवर पाल सिंह यादव की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का बदला लेने के लिए 20 अगस्त 2014 को बवना गांव में सुबह करीब 10 बजे तीन बाइकों से आए असलहाधारियों ने इसी गांव निवासी मुन्ने खां, श्यामवीर एवं अमरुद्दीन की गोली मार कर हत्या कर दी थी। जबकि चबूतरे पर बैठे बाहर सिंह घायल हो गए थे।
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बाहर सिंह के भतीजे अवधेश सिंह ने गांव बवना निवासी सगे भाई राजवीर, रामवीर, उदयवीर पुत्र बलबंत, गांव गढिया निवासी वीरेंद्र पुत्र राम प्रकाश, रावेंद्र पुत्र मेघलाल, नगला मन्न निवासी नेक सिंह पुत्र मुखलाल, मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नौली निवासी रामपाल पुत्र विशुन दयाल, विनोद पुत्र अजय पाल और एक नाबालिग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने जांच कर अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी नाबालिग घोषित हुआ।
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उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गजाला तबस्सुम ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आठ आरोपियोें को दोषी करार दिया। इसके बाद धारा 302/34 आईपीसी में उम्रकैद की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना किया।
जुर्माना देने पर तीन साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। धारा 307/34 आईपीसी में उम्रकैद की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। धारा 147 आईपीसी में एक साल, धारा 148 आईपीसी में दो साल और 506 आईपीसी में एक साल की सजा सुनाई है। सभी सजाए एक साथ चलने का आदेश दिया है।
60-60 हजार रुपये जुर्माना, भुगतान न करने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी
पूर्व जिला पंचायत सदस्य की हत्या का बदला लेने को हुआ था तिहरा हत्याकांड