Kanpur Dehat: 18 फैक्टरियों का गंदा पानी रोकने का आदेश, प्रयागराज में माघ मेला पर स्नान को लेकर उठाया कदम
प्रयागराज में होने वाले माघ मेले के दौरान संगम स्थल पर गंगा की स्वच्छता को लेकर जनपद की 18 फैक्टरियों के दूषित पानी को रोकने के आदेश जारी किए गए हैं। ट्रीटमेंट के बाद इन फैक्टरियों में उत्पाद बनाने से बचा तरल कचरा पानी के माध्यम से नालों जाता है। यह नाले नोन नदी से जुड़े हैं। इससे गंदा पानी रिंद नदी और फिर यमुना में पहुंचता है। छह शाही स्नान के दौरान ये फैक्ट्रियां बंद रहेगीं।
जल प्रदूषण करने की श्रेणी वाली 18 फैक्टरियां जनपद में संचालित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इनसे निकलने वाला पानी मानकों के अनुसार शोधित नहीं हो पाता है। वहीं, इनका गंदा पानी सहायक नदियों के माध्यम से यमुना और फिर गंगा में मिलता है। इससे नदी के पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। माघ मेला में श्रद्धालुओं को संगम में स्नान करना है।
ऐसे में इन फैक्टरियों का गंदा पानी पहले से रोक दिया जाए तो नदी का पानी निर्मल रहेगा। इसे देखते हुए शासन के अपर मुख्य सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन अनुभाग सात ने 18 औद्योगिक इकाइयों को दूषित पानी रोकने के आदेश जारी किए हैं।
इनके बंदी का रोस्टर चार्ट भी जारी किया गया है। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्टरी संचालकों को छह दिसंबर को आदेश की प्रति भी दे दी है। इसमें स्नान की अवधि में गंदे पानी का प्रवाह रोकने व उत्पादन प्रक्रियाएं बंद कराने का आदेश जारी किया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि जिला स्तरीय समिति इन फैक्टरियों की निगरानी करेगी। फैक्टरी संचालित मिलने पर काम बंद कराकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शासन को इसकी रिपोर्ट दी जाएगी।
एक नजर में शाही स्नान
शाही स्नान छह जनवरी से 18 फरवरी के बीच पड़ेंगे। इसमें पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा तथा महाशिवरात्रि पर्व शामिल हैं।
जिले की इन फैक्टरियों को मिला आदेश
रनियां स्थित एडीपील, एगमोटेक्स फैब्रिक्स, एमिटेक इंडस्ट्रीज, आनंदेश्वर इंडस्ट्रीज, गनेशा इको स्पियर, हाइड्स इंटर नेशनल लिमिटेड, जामा कॉर्पोरेशन जैनपुर, जामा कॉर्पोरेशन खलीलपुर, लवांगना टेक्सटाइल, प्राची लेदर, प्रीमियम शूटिंग, आरएसए डाइंग, आरडी पेपर, रनियां ब्लीचिंग वर्क, नागेश्वर पेपर, श्रीनाथ टेक्सटाइल, तिरुबाला एक्सपोर्ट तथा एचएल एग्रो उमरन।