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Kanpur News: 18 बनी हाशिम के ताबूत देख आंखें हुईं नम
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कानपुर। ऑल इंडिया शिया युवा यूनिट की ओर से रविवार को बड़ी कर्बला नवाबगंज से 18 बनी हाशिम के ताबूत उठाए गए। इस दौरान हुई मजलिस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। ताबूतों के जुलूस और कर्बला की शहादत के बयान के दौरान माहौल गमगीन हो गया और लोगों की आंखें नम हो गईं।
मजलिस को संबोधित करते हुए ईरान से आए मौलाना जमी अब्बास जाफरी ने एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिया-सुन्नी के भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुटता के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने ईरान के मौजूदा हालात पर भी चर्चा करते हुए कहा कि वहां स्थिति अब सामान्य हो रही है और लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में लौट चुके हैं। मौलाना नामदार अब्बास ने कहा कि मुसलमान दहशतगर्दी के लिए बदनाम है।
इसकी सबसे बड़ी वजह कर्बला के पैगाम को न समझना है अगर लोग इमाम हुसैन और उनकी कुर्बानी के मकसद को समझ लेते तो रुसवा न होते। वहीं मौलाना शारिब ने कर्बला की शहादत का बयान किया जिसे सुनकर मौजूद लोग भावुक हो गए। कार्यक्रम में अंजुमन हैदरिया सुल्तानपुर और अंजुमन मजलूमिया हरदोई की ओर से नौहाख्वानी और सीनाजनी की गई। इस दौरान हुसैनी फेडरेशन की ओर से हाजी मुंसिफ की याद में स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया।
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शिविर में लोगों की बीपी, शुगर और फेफड़ों की जांच की गई। स्वास्थ्य शिविर में डॉ. जुल्फिकार अली रिजवी, डॉ. मो. आमिर, डॉ. एजाज महबूब, डॉ. अयाज, डॉ. सानिया, डॉ. मो. अहमद, डॉ. अब्दुल और डॉ. आफताब ने मरीजों की जांच कर परामर्श दिया और निशुल्क दवाएं वितरित कीं। कमेटी के चेयरमैन शहाब रिजवी ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में नायाब आलम, मो. जकी, मो. रजा, जमील हुसैन, सआदत रिजवी, दानिश रिजवी, शारिब अब्बास, अबुजर काजमी, साबिर कलीम, हाजी कबीर जैदी, आरिफ अब्बास रिजवी, एहसान हुसैन, खुर्शीद, मो. काशान और मो. कामरान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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मजलिस को संबोधित करते हुए ईरान से आए मौलाना जमी अब्बास जाफरी ने एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिया-सुन्नी के भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुटता के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने ईरान के मौजूदा हालात पर भी चर्चा करते हुए कहा कि वहां स्थिति अब सामान्य हो रही है और लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में लौट चुके हैं। मौलाना नामदार अब्बास ने कहा कि मुसलमान दहशतगर्दी के लिए बदनाम है।
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इसकी सबसे बड़ी वजह कर्बला के पैगाम को न समझना है अगर लोग इमाम हुसैन और उनकी कुर्बानी के मकसद को समझ लेते तो रुसवा न होते। वहीं मौलाना शारिब ने कर्बला की शहादत का बयान किया जिसे सुनकर मौजूद लोग भावुक हो गए। कार्यक्रम में अंजुमन हैदरिया सुल्तानपुर और अंजुमन मजलूमिया हरदोई की ओर से नौहाख्वानी और सीनाजनी की गई। इस दौरान हुसैनी फेडरेशन की ओर से हाजी मुंसिफ की याद में स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया।
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शिविर में लोगों की बीपी, शुगर और फेफड़ों की जांच की गई। स्वास्थ्य शिविर में डॉ. जुल्फिकार अली रिजवी, डॉ. मो. आमिर, डॉ. एजाज महबूब, डॉ. अयाज, डॉ. सानिया, डॉ. मो. अहमद, डॉ. अब्दुल और डॉ. आफताब ने मरीजों की जांच कर परामर्श दिया और निशुल्क दवाएं वितरित कीं। कमेटी के चेयरमैन शहाब रिजवी ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में नायाब आलम, मो. जकी, मो. रजा, जमील हुसैन, सआदत रिजवी, दानिश रिजवी, शारिब अब्बास, अबुजर काजमी, साबिर कलीम, हाजी कबीर जैदी, आरिफ अब्बास रिजवी, एहसान हुसैन, खुर्शीद, मो. काशान और मो. कामरान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।