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नोन और पांडु नदी उफान पर, कई गांवों में जलभराव
Updated Fri, 03 Aug 2018 01:44 AM IST
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चौबेपुर (कानपुर)। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से गांवों में जलभराव हो चुका है। नोन और पांडु नदी के उफनाने से गांवों के घरों में पानी घुस गया। जिससे कच्चे और पुराने जर्जर पक्के मकानों के गिरने का सिलसिला जारी है। कई संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित बना है। गुरुवार को भी ब्लाक कर्मचारियों की टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कुछ गांवों में जल निकासी की व्यवस्था कराई।
क्षेत्र से गुजरी नोन नदी व पांडू नदी के उफान से स्थिति खराब हो गई है। पांडू नदी का पानी आने से इलाके के निगोहा, रमेशपुर, जादेपुर प्रतापपुर, बिरोहा, मनोह आदि गांव जलमग्न हो गए है। जबकि जरारी, मरियानी, भिंडुरी, त्रिलोकपुर, खरगपुर, प्रेमपुर, गुरैया, बदनपुर, पूरागनू, बिशुनपुर, भिखारीपुर, जगुआपुरवा आदि गांवों में नोन नदी के पानी ने तबाही मचाई हुई है। नहर तटवर्ती सहजोरा, पचोर, रघुनाथपुर, उमरी, सरायछीतम आदि गांव में भी जलभराव के चलते खरीफ की हजारों बीघा फसल पानी में डूबने से बर्बादी की कगार पर है। नदियों के पानी ने संपर्क मार्गों को प्रभावित किया है।
बेला रोड से जुडे़ निगोहा संपर्क मार्ग,जादेपुर-शोभन मार्ग के अलावा चौबेपुर-बिठूर संपर्क मार्ग पर पानी के बहाव के चलते लोगों का निकलपाना दूभर है। बिठूर मार्ग पर बिशुनपुर गांव मार्ग के निकट वर्षों पुराने नोन नदी के जर्जर पुल को देखते हुए पुलिस ने गुरुवार को मार्ग पर आवागमन बंद कराए रखा। मार्ग बंद होने से बिशुनपुर, दरियापुर आलमपुर, उदेतपुर, बंगला, किशुनपुर आदि गांवों के लोगों को वाया मरखरा होते हुए कस्बा आना जाना पडा। ब्लाक प्रमुख अनुभव शुक्ला, एडीओ पंचायत सुरेश निगम ने ब्लाक कर्मियों की टीम के साथ क्षेत्र के राजारामपुर, गबडाहा, अबावक्रपुर,और फत्तेपुर गांव जाकर पानी निकास की व्यवस्था कराई। खंड विकास अधिकारी अमित सिंह परिहार ने बताया कि सफाई कर्मियों का रोस्टर लगाकर गांव-गांव पानी निकास का प्रयास कराया जा रहा है। विद्यालयों के इर्द गिर्द एवं परिसर में पानी भरा होने से अवकाश रखा गया। खंड शिक्षा अधिकारी देवेन्द्र पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी के द्वारा जलभराव वाले स्कूलों में पानी निकास की व्यवस्था न हो पाने तक शैक्षिक कार्य बंद रखने के निर्देश है।
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क्षेत्र से गुजरी नोन नदी व पांडू नदी के उफान से स्थिति खराब हो गई है। पांडू नदी का पानी आने से इलाके के निगोहा, रमेशपुर, जादेपुर प्रतापपुर, बिरोहा, मनोह आदि गांव जलमग्न हो गए है। जबकि जरारी, मरियानी, भिंडुरी, त्रिलोकपुर, खरगपुर, प्रेमपुर, गुरैया, बदनपुर, पूरागनू, बिशुनपुर, भिखारीपुर, जगुआपुरवा आदि गांवों में नोन नदी के पानी ने तबाही मचाई हुई है। नहर तटवर्ती सहजोरा, पचोर, रघुनाथपुर, उमरी, सरायछीतम आदि गांव में भी जलभराव के चलते खरीफ की हजारों बीघा फसल पानी में डूबने से बर्बादी की कगार पर है। नदियों के पानी ने संपर्क मार्गों को प्रभावित किया है।
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बेला रोड से जुडे़ निगोहा संपर्क मार्ग,जादेपुर-शोभन मार्ग के अलावा चौबेपुर-बिठूर संपर्क मार्ग पर पानी के बहाव के चलते लोगों का निकलपाना दूभर है। बिठूर मार्ग पर बिशुनपुर गांव मार्ग के निकट वर्षों पुराने नोन नदी के जर्जर पुल को देखते हुए पुलिस ने गुरुवार को मार्ग पर आवागमन बंद कराए रखा। मार्ग बंद होने से बिशुनपुर, दरियापुर आलमपुर, उदेतपुर, बंगला, किशुनपुर आदि गांवों के लोगों को वाया मरखरा होते हुए कस्बा आना जाना पडा। ब्लाक प्रमुख अनुभव शुक्ला, एडीओ पंचायत सुरेश निगम ने ब्लाक कर्मियों की टीम के साथ क्षेत्र के राजारामपुर, गबडाहा, अबावक्रपुर,और फत्तेपुर गांव जाकर पानी निकास की व्यवस्था कराई। खंड विकास अधिकारी अमित सिंह परिहार ने बताया कि सफाई कर्मियों का रोस्टर लगाकर गांव-गांव पानी निकास का प्रयास कराया जा रहा है। विद्यालयों के इर्द गिर्द एवं परिसर में पानी भरा होने से अवकाश रखा गया। खंड शिक्षा अधिकारी देवेन्द्र पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी के द्वारा जलभराव वाले स्कूलों में पानी निकास की व्यवस्था न हो पाने तक शैक्षिक कार्य बंद रखने के निर्देश है।
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