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मंडल के सभी 24 एडीओ को कारण बताओ नोटिस
Updated Sun, 17 Jun 2018 11:24 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में पंचायतीराज विभाग की योजनाओं की प्रगति खराब होने पर डीपीआरओ के निलंबन के बाद अब सहायक विकास अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी है। उप निदेशक ने राजस्व गांवों को खुले में शौचमुक्त कराने, ग्रामीण सफाई कर्मियों पर अंकुश न लगा पाने, बड़ी ग्राम पंचायतों में नियम विरुद्ध खर्च की गई धनराशि का हिसाब-किताब न देने आदि आरोपों में मंडल के चारों जिलों के 24 एडीओ (पंचायत) को कारण बताओ नोटिस जारी की है। अंतिम चेतावनी देते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है।
मंडल के पंचायतीराज उप निदेशक दिनेश कुमार सिंह ने सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ क्यों न अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए? यह भी कहा कि जून 2017 में सभी एडीओ पंचायत को ग्राम पंचायत की खुली बैठक में शौचालय के लाभार्थियों का चयन कर सूची डीपीआरओ को देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक एक भी ग्राम पंचायत में ये कार्रवाई पूर्ण नहीं की है।
चतुर्थ राज्य वित्त आयोग, 14वें वित्त आयोग, निर्मल भारत अभियान, स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई गई धनराशि के सापेक्ष उपभोग व व कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र और निर्मित शौचालयों की निर्धारित प्रारूप पर सूचियां भी उपलब्ध नहीं कराई गईं। उप निदेशक ने कहा कि नियम विरुद्ध कार्य योजनाएं बनाकर सरकारी धनराशि का अपव्यय किया जा रहा है।
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मंडल की करीब 30 बड़ी ग्राम पंचायतों में पिछले तीन सालों में बिना खुली बैठकों के कार्य योजनाएं बनाकर मनमाने ढंग से अपलोड कर ली गईं। नोटिस में कहा कि आप कारण बताएं कि क्यों न उन्हें निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाए? तीन दिन के अंदर साक्ष्य सहित संतोषजनक स्पष्टीकरण न देने पर कार्रवाई कर दी जाएगी। सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को दो दिन के अंदर नोटिस एडीओ पंचायत को पहुंचाने के निर्देश दिए।
मंडल के सभी 24 एडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी
उप निदेशक ने चारों जिलों से तीन दिन में मांगा जवाब
विभागीय योजनाओं में रूचि न लेने का आरोप
डीपीआरओ के माध्यम से भेजी गई नोटिस
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में पंचायतीराज विभाग की योजनाओं की प्रगति खराब होने पर डीपीआरओ के निलंबन के बाद अब सहायक विकास अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी है। उप निदेशक ने राजस्व गांवों को खुले में शौचमुक्त कराने, ग्रामीण सफाई कर्मियों पर अंकुश न लगा पाने, बड़ी ग्राम पंचायतों में नियम विरुद्ध खर्च की गई धनराशि का हिसाब-किताब न देने आदि आरोपों में मंडल के चारों जिलों के 24 एडीओ (पंचायत) को कारण बताओ नोटिस जारी की है। अंतिम चेतावनी देते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है।
मंडल के पंचायतीराज उप निदेशक दिनेश कुमार सिंह ने सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ क्यों न अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए? यह भी कहा कि जून 2017 में सभी एडीओ पंचायत को ग्राम पंचायत की खुली बैठक में शौचालय के लाभार्थियों का चयन कर सूची डीपीआरओ को देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक एक भी ग्राम पंचायत में ये कार्रवाई पूर्ण नहीं की है।
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चतुर्थ राज्य वित्त आयोग, 14वें वित्त आयोग, निर्मल भारत अभियान, स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई गई धनराशि के सापेक्ष उपभोग व व कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र और निर्मित शौचालयों की निर्धारित प्रारूप पर सूचियां भी उपलब्ध नहीं कराई गईं। उप निदेशक ने कहा कि नियम विरुद्ध कार्य योजनाएं बनाकर सरकारी धनराशि का अपव्यय किया जा रहा है।
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मंडल की करीब 30 बड़ी ग्राम पंचायतों में पिछले तीन सालों में बिना खुली बैठकों के कार्य योजनाएं बनाकर मनमाने ढंग से अपलोड कर ली गईं। नोटिस में कहा कि आप कारण बताएं कि क्यों न उन्हें निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाए? तीन दिन के अंदर साक्ष्य सहित संतोषजनक स्पष्टीकरण न देने पर कार्रवाई कर दी जाएगी। सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को दो दिन के अंदर नोटिस एडीओ पंचायत को पहुंचाने के निर्देश दिए।
मंडल के सभी 24 एडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी
उप निदेशक ने चारों जिलों से तीन दिन में मांगा जवाब
विभागीय योजनाओं में रूचि न लेने का आरोप
डीपीआरओ के माध्यम से भेजी गई नोटिस