{"_id":"5ced9b29bdec22070518de48","slug":"15590756731231-akbarpur-news9","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना बनाए ही हड़प लिया गया 31 शौचालयों का धन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना बनाए ही हड़प लिया गया 31 शौचालयों का धन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात। अकबरपुर ब्लाक के बारा ग्राम पंचायत में बिना निर्माण कराए 31 शौचालयों का धन निकाल लिया गया। वहीं पंचायत सचिव ने ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों के अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए। डीपीआरओ के निर्देश पर एडीओ पंचायत ने जांच की थी। मंगलवार को जांच आख्या डीपीआरओ को सौंप दी। इसमें शौचालय निर्माण धांधली उजागर हुई है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में बनाए जा रहे शौचालयों में धांधली किए जाने के मामले उजागर हो रहे हैं। आठ मई को डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने अकबरपुर ब्लाक की बारा ग्राम पंचायत का निरीक्षण किया था। उन्होंने पंचायत सचिव से गांव में कराए गए विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख तलब किए थे लेकिन पंचायत सचिव मौके पर कोई अभिलेख दिखा नहीं सके थे।
डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत हरिओम सक्सेना को जांच सौंपी थी। ग्राम पंचायत को बेस लाइन सूची के अनुसार 510 शौचालय आवंटित किए गए थे, जिसमें 509 बने दिखाए गए और उनका धन भी निकाल लिया गया लेकिन सत्यापन में 478 शौचालय ही बने मिले जबकि बिना निर्माण कराए ही 31 शौचालयों का धन निकाल लेने की बात जांच में उजागर हुई। जिस अवधि में शौचालयों का निर्माण दिखाया गया है, उस दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी भगवानदीन फिर ग्राम विकास अधिकारी हरनाथ तैनात रहे। वहीं, छूटे हुए लाभार्थियों के 155 शौचालयों में 83 पूर्ण निर्मित मिले और 5 अधूरे पाए गए।
विज्ञापन
वहीं, 67 शौचालयों में काम शुरू नहीं कराया गया है। डीपीआरओ ने बताया कि जांच आख्या मिली है, 31 शौचालयों का धन बिना निर्माण कराए निकाल लेने की बात सामने आई है, अब मामले में पूर्व में तैनात रहे पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।
नहीं बने 31 शौचालय और निकल गया धन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में बनाए जा रहे शौचालयों में धांधली किए जाने के मामले उजागर हो रहे हैं। आठ मई को डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने अकबरपुर ब्लाक की बारा ग्राम पंचायत का निरीक्षण किया था। उन्होंने पंचायत सचिव से गांव में कराए गए विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख तलब किए थे लेकिन पंचायत सचिव मौके पर कोई अभिलेख दिखा नहीं सके थे।
विज्ञापन
डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत हरिओम सक्सेना को जांच सौंपी थी। ग्राम पंचायत को बेस लाइन सूची के अनुसार 510 शौचालय आवंटित किए गए थे, जिसमें 509 बने दिखाए गए और उनका धन भी निकाल लिया गया लेकिन सत्यापन में 478 शौचालय ही बने मिले जबकि बिना निर्माण कराए ही 31 शौचालयों का धन निकाल लेने की बात जांच में उजागर हुई। जिस अवधि में शौचालयों का निर्माण दिखाया गया है, उस दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी भगवानदीन फिर ग्राम विकास अधिकारी हरनाथ तैनात रहे। वहीं, छूटे हुए लाभार्थियों के 155 शौचालयों में 83 पूर्ण निर्मित मिले और 5 अधूरे पाए गए।
विज्ञापन
वहीं, 67 शौचालयों में काम शुरू नहीं कराया गया है। डीपीआरओ ने बताया कि जांच आख्या मिली है, 31 शौचालयों का धन बिना निर्माण कराए निकाल लेने की बात सामने आई है, अब मामले में पूर्व में तैनात रहे पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।
नहीं बने 31 शौचालय और निकल गया धन
अमर उजाला ब्यूरो