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श्रीकृष्ण का जन्म होते ही खुल गए कारागार के ताले
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रनियां। खुल गए सारे ताले वाह क्या बात हो गई, जब से जन्मे कन्हैया करामात हो गई भजन पर भक्त झूमने लगे। कटका रोड स्थित एक विद्यालय में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया गया। भगवान कृष्ण की झांकी भी निकाली गई।
रनियां कटका रोड स्थित एक विद्यालय परिसर में श्रीमद्भागवत का आयोजन किया गया। कथा के चौथे दिन आचार्य कृष्ण मोहन महाराज ने भगवान कृष्ण जन्म पर चर्चा की। कथा के बीच में मथुरा से आए भजन गायक ने अपनी कृष्ण भजन सुनाएं। वहीं कथा में श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई गई। आचार्य ने कहा कि द्वापर युग में अत्याचारी कंस के भय से पूरा ब्रजमंडल भयभीत था। देवताओं के प्रार्थना करने पर भगवान विष्णु ने देवकी की कोख से भाद्रपद माह कष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि को रोहिणी नक्षत्र में 16 कला संपन्न श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लिया था।
कृष्ण जन्म के समय मथुरा कारागार के ताले खुद खुल गए और पहरेदार गहरी निद्रा में सो गए। यमुना का जल स्तर बढ़ता जा रहा था। ब्राह्मणों के हवन कुंड में कभी न बुझने वाली अग्नि कंस के अत्याचार से बुझी पड़ी थी वह स्वयं जलने लगी। इस दौरान सुरेश गुप्ता, विजय द्विवेदी, छुन्ना श्रीवास्तव, नीरज द्विवेदी, अमित श्रीवास्तव, यदुनाथ सिंह, राम लखन सिंह आदि मौजूद रहे।
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श्रीकृष्ण का जन्म होते ही खुल गए कारागार के ताले
भागवत कथा में सुनाया कृष्ण जन्म का प्रसंग
अमर उजाला ब्यूरो
फ ोटो संख्या28एकेबीपी07-- भागवत कथा का रसपान करते श्रोता
रनियां कटका रोड स्थित एक विद्यालय परिसर में श्रीमद्भागवत का आयोजन किया गया। कथा के चौथे दिन आचार्य कृष्ण मोहन महाराज ने भगवान कृष्ण जन्म पर चर्चा की। कथा के बीच में मथुरा से आए भजन गायक ने अपनी कृष्ण भजन सुनाएं। वहीं कथा में श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई गई। आचार्य ने कहा कि द्वापर युग में अत्याचारी कंस के भय से पूरा ब्रजमंडल भयभीत था। देवताओं के प्रार्थना करने पर भगवान विष्णु ने देवकी की कोख से भाद्रपद माह कष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि को रोहिणी नक्षत्र में 16 कला संपन्न श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लिया था।
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कृष्ण जन्म के समय मथुरा कारागार के ताले खुद खुल गए और पहरेदार गहरी निद्रा में सो गए। यमुना का जल स्तर बढ़ता जा रहा था। ब्राह्मणों के हवन कुंड में कभी न बुझने वाली अग्नि कंस के अत्याचार से बुझी पड़ी थी वह स्वयं जलने लगी। इस दौरान सुरेश गुप्ता, विजय द्विवेदी, छुन्ना श्रीवास्तव, नीरज द्विवेदी, अमित श्रीवास्तव, यदुनाथ सिंह, राम लखन सिंह आदि मौजूद रहे।
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श्रीकृष्ण का जन्म होते ही खुल गए कारागार के ताले
भागवत कथा में सुनाया कृष्ण जन्म का प्रसंग
अमर उजाला ब्यूरो
फ ोटो संख्या28एकेबीपी07-- भागवत कथा का रसपान करते श्रोता