{"_id":"5c4a100dbdec22108404b8cd","slug":"15483577656-akbarpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार घंटे स्कूल के कमरे में ‘कैद’ रहे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार घंटे स्कूल के कमरे में ‘कैद’ रहे बच्चे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। झींझक ब्लॉक के जुरिया गांव के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल परिसर में गुरुवार सुबह 9 बजे गांव के किसानों ने 50 मवेशी घुसा दिए। उस समय स्कूल में 13 बच्चे मौजूद थे। धमाचौकड़ी मचाते घुसे मवेशियों को देख सहमे शिक्षकों से बच्चों को एक कक्षा में बंद कर दिया। लेखपाल और पुलिस के आने पर 1 बजे परिसर से मवेशियों के निकलने के बाद बच्चो को कमरे से निकालकर घर भेजा गया।
जुरिया गांव का प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल एक ही परिसर में है। प्राथमिक स्कूल में 77 और उच्च प्राथमिक स्कूल में 33 बच्चे पंजीकृत हैं। गुरुवार को सुबह 9 बजे उच्च प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक जगराम व प्राथमिक के प्रधानाध्यापक आदित्य वर्मा, शिक्षक व 13 बच्चे स्कूल पहुंच गए थे। इसी बीच गांव के किसान खेतों से करीब 50 छुट्टा मवेशी खदेड़कर लाए और स्कूल परिसर में घुसा दिए। किसान गेट पर डंडे लेकर खडे़ रहे। परिसर में मवेशियों की धमाचौकड़ी से बच्चों के साथ शिक्षक भी सहम गए। शिक्षकों ने बच्चों को जूनियर स्कूल के एक कक्ष में बंद कर दिया।
इसके बाद अपने उच्चाधिकारियों के अलावा ग्राम प्रधान कमलेश, थाना और लेखपाल मोहन सिंह को सूचना दी। कुछ देर बाद प्रधान मौके पर पहुंचे गए लेकिन लेखपाल व चौकी प्रभारी अनुराग पांडेय करीब दो घंटे बाद पहुंचे। पुलिस, लेखपाल व प्रधान ने किसानों को समझाया। मान मनव्वल के बाद करीब एक बजे किसान माने तब लेखपाल ने मवेशियों को परिसर से निकलवाकर जलिहापुर के जंगलो में छुड़वा दिया। इसके बाद बच्चों को कक्ष से निकालकर स्कूल भेज दिया गया। परिसर में मवेशी घुसाने के बाद जो बच्चे आए उन्हें गेट पर खड़े किसानों ने ही घर लौटा दिया थ्रा।
विज्ञापन
मवेशियों को लाए किसान अमर सिंह, कल्लू संखवार, पिंटू यादव, उदयभान, भुवनेश्वर, शंभूराम आदि ने बताया कि गांव में गरीब 100 छुट्टा मवेशी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि प्रशासन ने एक सप्ताह में अगर छुट्टा मवेशी बंद करने का स्थायी हल नहीं निकाला तो दोबारा स्कूल परिसर में मवेशी बंद करेंगे।
अकबरपुर के सुभाष नगर में प्रशासन ने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल बनाया है। इसमें चारे, पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। दो दिन पूर्व नवीपुर, माती, मिलकिन पुरवा, कंधिया आदि के किसानों ने इस आश्रय स्थल में छुट्टा मवेशियों को बंद किया था। पशुओं को भूसा प्यासा देख बुधवार रात किसानों ने ही बाहर निकालकर भगा दिया था।
चार घंटे स्कूल के कमरे में ‘कैद’ रहे बच्चे
जुरिया गांव के किसानों ने स्कूल परिसर में घुसा दिए थे 50 छुट्टा मवेशी
क्रासर
9 बजे स्कूल परिसर में घुसाए गए थे छुट्टा मवेशी
13 बच्चे जूनियर, प्राथमिक स्कूल में पढ़ रहे थे
1 बजे लेखपाल, चौकी इंचार्ज ने मवेशी निकाले
फोटो संख्या 24एकेबीपी01- विद्यालय परिसर में बंद छुट्टा मवेशी
फोटो संख्या 24एकेबीपी02- विद्यालय के कक्ष में बंद बच्चे
फोटो संख्या 24एकेबीपी03- ग्रामीणों को समझाती पुलिस
फोटो संख्या 24एकेबीपी04- अकबरपुर के सुभाष नगर स्थिति गोशाला में लटकता ताला
फोटो संख्या 24एकेबीपी05- माती मुख्यालय परिसर में घूमते मवेशी
कानपुर देहात। झींझक ब्लॉक के जुरिया गांव के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल परिसर में गुरुवार सुबह 9 बजे गांव के किसानों ने 50 मवेशी घुसा दिए। उस समय स्कूल में 13 बच्चे मौजूद थे। धमाचौकड़ी मचाते घुसे मवेशियों को देख सहमे शिक्षकों से बच्चों को एक कक्षा में बंद कर दिया। लेखपाल और पुलिस के आने पर 1 बजे परिसर से मवेशियों के निकलने के बाद बच्चो को कमरे से निकालकर घर भेजा गया।
जुरिया गांव का प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल एक ही परिसर में है। प्राथमिक स्कूल में 77 और उच्च प्राथमिक स्कूल में 33 बच्चे पंजीकृत हैं। गुरुवार को सुबह 9 बजे उच्च प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक जगराम व प्राथमिक के प्रधानाध्यापक आदित्य वर्मा, शिक्षक व 13 बच्चे स्कूल पहुंच गए थे। इसी बीच गांव के किसान खेतों से करीब 50 छुट्टा मवेशी खदेड़कर लाए और स्कूल परिसर में घुसा दिए। किसान गेट पर डंडे लेकर खडे़ रहे। परिसर में मवेशियों की धमाचौकड़ी से बच्चों के साथ शिक्षक भी सहम गए। शिक्षकों ने बच्चों को जूनियर स्कूल के एक कक्ष में बंद कर दिया।
विज्ञापन
इसके बाद अपने उच्चाधिकारियों के अलावा ग्राम प्रधान कमलेश, थाना और लेखपाल मोहन सिंह को सूचना दी। कुछ देर बाद प्रधान मौके पर पहुंचे गए लेकिन लेखपाल व चौकी प्रभारी अनुराग पांडेय करीब दो घंटे बाद पहुंचे। पुलिस, लेखपाल व प्रधान ने किसानों को समझाया। मान मनव्वल के बाद करीब एक बजे किसान माने तब लेखपाल ने मवेशियों को परिसर से निकलवाकर जलिहापुर के जंगलो में छुड़वा दिया। इसके बाद बच्चों को कक्ष से निकालकर स्कूल भेज दिया गया। परिसर में मवेशी घुसाने के बाद जो बच्चे आए उन्हें गेट पर खड़े किसानों ने ही घर लौटा दिया थ्रा।
विज्ञापन
मवेशियों को लाए किसान अमर सिंह, कल्लू संखवार, पिंटू यादव, उदयभान, भुवनेश्वर, शंभूराम आदि ने बताया कि गांव में गरीब 100 छुट्टा मवेशी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि प्रशासन ने एक सप्ताह में अगर छुट्टा मवेशी बंद करने का स्थायी हल नहीं निकाला तो दोबारा स्कूल परिसर में मवेशी बंद करेंगे।
अकबरपुर के सुभाष नगर में प्रशासन ने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल बनाया है। इसमें चारे, पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। दो दिन पूर्व नवीपुर, माती, मिलकिन पुरवा, कंधिया आदि के किसानों ने इस आश्रय स्थल में छुट्टा मवेशियों को बंद किया था। पशुओं को भूसा प्यासा देख बुधवार रात किसानों ने ही बाहर निकालकर भगा दिया था।
चार घंटे स्कूल के कमरे में ‘कैद’ रहे बच्चे
जुरिया गांव के किसानों ने स्कूल परिसर में घुसा दिए थे 50 छुट्टा मवेशी
क्रासर
9 बजे स्कूल परिसर में घुसाए गए थे छुट्टा मवेशी
13 बच्चे जूनियर, प्राथमिक स्कूल में पढ़ रहे थे
1 बजे लेखपाल, चौकी इंचार्ज ने मवेशी निकाले
फोटो संख्या 24एकेबीपी01- विद्यालय परिसर में बंद छुट्टा मवेशी
फोटो संख्या 24एकेबीपी02- विद्यालय के कक्ष में बंद बच्चे
फोटो संख्या 24एकेबीपी03- ग्रामीणों को समझाती पुलिस
फोटो संख्या 24एकेबीपी04- अकबरपुर के सुभाष नगर स्थिति गोशाला में लटकता ताला
फोटो संख्या 24एकेबीपी05- माती मुख्यालय परिसर में घूमते मवेशी