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मुफलिसी में गोद दिया बच्चा
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उन्नाव। गंगाघाट में मुफलिसी में अपने जिगर के टुकड़े को मात्र 5 हजार रुपये के डिलीवरी खर्च में दूसरे को गोद देने वाले दंपति को बाल संरक्षण समिति ने बुलाया है। मामले की जानकारी होने के बाद बाल संरक्षण अधिकारी ने गंगाघाट थाना प्रभारी से बात की। प्रभारी ने शनिवार को दोनों को समिति के पास भेजने की बात कही है।
कोतवाली गंगाघाट के अमरुद बाजार में एक किराए के घर में मेराज आलम, पत्नी यास्मीन और तीन बेटों बिलाल, निहाल व रेहान के साथ रहता है। मेराज पहले एक फैक्ट्री में काम करता था। फैक्ट्री में बंदी होने के बाद बेरोजगार मेराज ने मजदूरी शुरू की। इधर उसकी पत्नी यास्मीन फिर गर्भवती हो गई। दोनों नए सदस्य के आगमन को लेकर खुश तो हुए लेकिन उसकी परवरिश में आर्थिक तंगी आड़े आ गई। इसी बीच यास्मीन से कानपुर कर्नलगंज के एक दंपति ने बच्चे को गोद देने और इसके बदले में डिलीवरी खर्च, परिवार को कपड़े और पांच हजार रुपये की नगदी देने की शर्त रखी। यास्मीन कर्नलगंज में घरों में काम करती थी। यास्मीन व मेराज ने इसे स्वीकार कर लिया।
सोमवार को यास्मीन ने बेटे को जन्म दिया। इसके तुरंत बाद ही उसे कर्नलगंज निवासी दंपति को सौंप दिया। इसके एवज में गोद लेने वालों ने यास्मीन व मेराज को डिलीवरी में खर्च साढ़े पांच हजार रुपये दिए। हालांकि अभी उसे कपड़े व पांच हजार रुपये और मिलने हैं। इस मामले की जानकारी शुक्रवार को बाल संरक्षण समिति को हुई। बाल संरक्षण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि मामले में गंगाघाट थाना प्रभारी से बात हुई है। उन्होंने दंपति को शनिवार को समिति के पास भेजने की बात कही है। दंपति के आने के बाद उससे बात की जाएगी।
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-गंगाघाट के दंपति ने जन्म के बाद ही बेटे को मात्र डिलीवरी खर्च में दूसरे दंपति को दिया गोद
-मामला जानकारी में आने पर बाल संरक्षण समिति ने थाना प्रभारी से की बात, शनिवार को बुलाया
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कोतवाली गंगाघाट के अमरुद बाजार में एक किराए के घर में मेराज आलम, पत्नी यास्मीन और तीन बेटों बिलाल, निहाल व रेहान के साथ रहता है। मेराज पहले एक फैक्ट्री में काम करता था। फैक्ट्री में बंदी होने के बाद बेरोजगार मेराज ने मजदूरी शुरू की। इधर उसकी पत्नी यास्मीन फिर गर्भवती हो गई। दोनों नए सदस्य के आगमन को लेकर खुश तो हुए लेकिन उसकी परवरिश में आर्थिक तंगी आड़े आ गई। इसी बीच यास्मीन से कानपुर कर्नलगंज के एक दंपति ने बच्चे को गोद देने और इसके बदले में डिलीवरी खर्च, परिवार को कपड़े और पांच हजार रुपये की नगदी देने की शर्त रखी। यास्मीन कर्नलगंज में घरों में काम करती थी। यास्मीन व मेराज ने इसे स्वीकार कर लिया।
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सोमवार को यास्मीन ने बेटे को जन्म दिया। इसके तुरंत बाद ही उसे कर्नलगंज निवासी दंपति को सौंप दिया। इसके एवज में गोद लेने वालों ने यास्मीन व मेराज को डिलीवरी में खर्च साढ़े पांच हजार रुपये दिए। हालांकि अभी उसे कपड़े व पांच हजार रुपये और मिलने हैं। इस मामले की जानकारी शुक्रवार को बाल संरक्षण समिति को हुई। बाल संरक्षण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि मामले में गंगाघाट थाना प्रभारी से बात हुई है। उन्होंने दंपति को शनिवार को समिति के पास भेजने की बात कही है। दंपति के आने के बाद उससे बात की जाएगी।
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-गंगाघाट के दंपति ने जन्म के बाद ही बेटे को मात्र डिलीवरी खर्च में दूसरे दंपति को दिया गोद
-मामला जानकारी में आने पर बाल संरक्षण समिति ने थाना प्रभारी से की बात, शनिवार को बुलाया