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Kanpur News: चंबल में छोड़ा गया 1.40 लाख क्यूसेक पानी, हाई अलर्ट
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जिले में बहती चंबल नदी ।
- फोटो : वायरल वीडियो में गली में खड़ी कार।
इटावा/चकरनगर। कोटा बैराज से गुरुवार को एक बार फिर से चंबल नदी में 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एक दिन पूर्व बुधवार को भी बैराज से चंबल में 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते बैराज से दो दिन में कुल एक लाख 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। ऐसे में जिले के तलहटी के गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। बैराज से छोड़ा गया यह पानी आज सुबह जिले में पहुंच जाएगा। प्रशासन इस पर पूरी नजर बनाए हुए है और चंबल के आसपास के गांवों में अलर्ट कर दिया है।
चंबल में छोड़ा गया लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी गुरुवार शाम तक धौलपुर तक पहुंचा था। उदी चंबल प्रभारी राहुल तोमर के अनुसार इसे जिले की सीमा में पहुंचने में धौलपुर से 12 घंटे का समय लगेगा। ऐसे में चंबल में रात से पानी बढ़ना शुरू हो जाएगा और आज सुबह से चंबल में तेजी के साथ पानी बढ़ने लगेगा। प्रशासन इसको लेकर पूरी तरह से अलर्ट है और बाढ़ चौकियां भी बना दी गई हैं। यहां तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं प्रशासन अनुमान लगा रहा है कि छोड़े गए पानी से बाढ़ जैसी स्थिति नहीं आएगी और चंबल का जलस्तर लगभग 114 मीटर के आसपास पहुंचकर स्थित हो जाएगा जबकि चंबल में इस समय जल स्तर 109.18 मीटर है और खतरे का निशान 120.88 मीटर पर है। चकरनगर एसडीएम ब्रम्हा नंद कठेरिया ने बताया कि लेखपालों को गांवों की स्थिति जानने के लिए लगा दिया गया है।
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प्राथमिक विद्यालय कंधेशीघार, प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर घार, गया प्रसाद वर्मा महाविद्यालय डिभोली, कार्यालय विकासखंड चकरनगर, प्राथमिक विद्यालय भरेह, प्राथमिक विद्यालय अंदावा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ा कासदा, प्राथमिक विद्यालय शेरगढ़ कचहरी, प्राथमिक विद्यालय अनैठा, प्राथमिक विद्यालय बंसरी, प्राथमिक विद्यालय बिडोरी, जूनियर हाई स्कूल सिंड़ौस, प्राथमिक विद्यालय कोला व प्राथमिक विद्यालय मर्दानपुरा में बाढ़ चौकियां बनाकर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। तहसीलदार कार्यालय को रिपोर्टिंग सेंटर बनाया गया है। कंधेसीघार, महुआ सूडा, अंदावा नीमाडांडा, हरौली, भरेह में स्टीमर भी तैनात कर दिए गए है। ।
साल 2022 में चंबल नदी से सटे गांव बंसरी, अचरौली, सलोखरा, कतरौली, पथर्रा, बिहार, इमिलिया, चकरपुरा, महुआ सूडा, जगतौली, बरेछा, मिटहटी, कुंदौल, पालीघार, सहसो, भोआ गांवों तक चंबल नदी का पानी पहुंच गया था। वहीं यमुना नदी के किनारे के गांव गौहानी, खिरीटी, कछपुरा, नद गंवा,चिंडोली, डिभौली, हरौलीघार, दिलीपनगर, कांयछी, निवी, नौगांवा, पुरावली, इकनौर, विल्हाटी, निवारी, कचहरी, लखनपुरा घार, करावली गांवों में यमुना का पानी घुस गया था। वहीं क्वारी नदी के किनारे के गांव ललूपुरा, चौरेला, सिंडौस, विंडवा खुर्द, चमराहीतीर, रीतौर, कुवंर पुरा कुर्छा, बिडौरी, मड़ैया, पछायगांव, बसवारा, मड़ैया बढ़पुरा, जरौली, बिठौली पसिया गांवों में बाढ़ आ गई थी। चंबल में पानी बढ़ने से यह नदियां भी उफान मारने लगती हैं। ऐसे में इस स्थिति पर भी प्रशासन नजर रखे हुए है।
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चंबल में छोड़ा गया लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी गुरुवार शाम तक धौलपुर तक पहुंचा था। उदी चंबल प्रभारी राहुल तोमर के अनुसार इसे जिले की सीमा में पहुंचने में धौलपुर से 12 घंटे का समय लगेगा। ऐसे में चंबल में रात से पानी बढ़ना शुरू हो जाएगा और आज सुबह से चंबल में तेजी के साथ पानी बढ़ने लगेगा। प्रशासन इसको लेकर पूरी तरह से अलर्ट है और बाढ़ चौकियां भी बना दी गई हैं। यहां तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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वहीं प्रशासन अनुमान लगा रहा है कि छोड़े गए पानी से बाढ़ जैसी स्थिति नहीं आएगी और चंबल का जलस्तर लगभग 114 मीटर के आसपास पहुंचकर स्थित हो जाएगा जबकि चंबल में इस समय जल स्तर 109.18 मीटर है और खतरे का निशान 120.88 मीटर पर है। चकरनगर एसडीएम ब्रम्हा नंद कठेरिया ने बताया कि लेखपालों को गांवों की स्थिति जानने के लिए लगा दिया गया है।
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प्राथमिक विद्यालय कंधेशीघार, प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर घार, गया प्रसाद वर्मा महाविद्यालय डिभोली, कार्यालय विकासखंड चकरनगर, प्राथमिक विद्यालय भरेह, प्राथमिक विद्यालय अंदावा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ा कासदा, प्राथमिक विद्यालय शेरगढ़ कचहरी, प्राथमिक विद्यालय अनैठा, प्राथमिक विद्यालय बंसरी, प्राथमिक विद्यालय बिडोरी, जूनियर हाई स्कूल सिंड़ौस, प्राथमिक विद्यालय कोला व प्राथमिक विद्यालय मर्दानपुरा में बाढ़ चौकियां बनाकर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। तहसीलदार कार्यालय को रिपोर्टिंग सेंटर बनाया गया है। कंधेसीघार, महुआ सूडा, अंदावा नीमाडांडा, हरौली, भरेह में स्टीमर भी तैनात कर दिए गए है। ।
साल 2022 में चंबल नदी से सटे गांव बंसरी, अचरौली, सलोखरा, कतरौली, पथर्रा, बिहार, इमिलिया, चकरपुरा, महुआ सूडा, जगतौली, बरेछा, मिटहटी, कुंदौल, पालीघार, सहसो, भोआ गांवों तक चंबल नदी का पानी पहुंच गया था। वहीं यमुना नदी के किनारे के गांव गौहानी, खिरीटी, कछपुरा, नद गंवा,चिंडोली, डिभौली, हरौलीघार, दिलीपनगर, कांयछी, निवी, नौगांवा, पुरावली, इकनौर, विल्हाटी, निवारी, कचहरी, लखनपुरा घार, करावली गांवों में यमुना का पानी घुस गया था। वहीं क्वारी नदी के किनारे के गांव ललूपुरा, चौरेला, सिंडौस, विंडवा खुर्द, चमराहीतीर, रीतौर, कुवंर पुरा कुर्छा, बिडौरी, मड़ैया, पछायगांव, बसवारा, मड़ैया बढ़पुरा, जरौली, बिठौली पसिया गांवों में बाढ़ आ गई थी। चंबल में पानी बढ़ने से यह नदियां भी उफान मारने लगती हैं। ऐसे में इस स्थिति पर भी प्रशासन नजर रखे हुए है।