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Kanpur News: मैनेजर, डिप्टी मैनेजर, कैशियर समेत 14 बैंक कर्मी रडार पर
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कानपुर। महफूज अली और उसके साथियों के अवैध लेनदेन के खेल में कई बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता मिली है। आईडीबीआई रेलबाजार शाखा में खुले खातों में करीब 500 करोड़ और एचडीएफसी लाल बंगला शाखा के खातों में लगभग 200 करोड़ का लेनदेन मिला है। तीसरे नंबर पर सिटी यूनियन बैंक और चौथे पर एक्सिस बैंक शामिल हैं। पुलिस के रडार पर मैनेजर, डिप्टी मैनेजर, कैशियर समेत 14 बैंक कर्मी हैं। इनसे एक दो दिन में पूछताछ की जा सकती है।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि महफूज अली और उसके साथियों ने फर्जी फर्मों के साथ फर्जी एपीएमसी के प्रमाण पत्र लगाए हैं। यह प्रमाण पत्र भी कुछ बैंक कर्मियों ने ही मुहैया कराए थे। यह जानकारी महफूज अली ने पुलिस पूछताछ में दी है। जांच में आईडीबीआई रेलबाजार में खुले खातों में सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन मिला है। यहां 500 करोड़ के आसपास लेनदेन हुआ है।
एचडीएफसी लाल बंगला शाखा के खातों में लगभग 200 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है। सिटी यूनियन बैंक में और एक्सिस बैंक के खातों में भी कई करोड़ों का लेनदेन किया गया। फर्जी फर्म अफीसा इंटरप्राइजेज में 146 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन की जानकारी सामने आई है। रवि इंटरप्राइजेज के खाते में छह महीने में करीब 7.75 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ।
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पुलिस महफूज अली, फिरोज खान, नूर आलम, संजीव दीक्षित, शीबू, रिजवान से संपर्क रखे बैंक कर्मियों की तलाश में जुट गई है। इस कार्य में लोन दिलाने वाले बैंक के अधिकारियों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस मिलीभगत की जानकारी के लिए कॉल डेटा रिकार्ड निकलवा रही है। कुछ बैंक कर्मियों से गुरुवार को पूछताछ की गई।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि महफूज अली कानपुर से भागकर लखनऊ, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल में छिपकर रहा। यहां उसको बचाने के नाम पर जन प्रतिनिधियों, छुटभैया नेताओं और कुछ पुलिसकर्मियों ने अच्छी खासी रकम वसूली है। यह राशि कई करोड़ में है। महफूज अली अपने बेटे के साथ नेपाल भी गया था। वहां उसने किसी को एक करोड़ रुपये दिए थे। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि महफूज अली और उसके साथियों ने फर्जी फर्मों के साथ फर्जी एपीएमसी के प्रमाण पत्र लगाए हैं। यह प्रमाण पत्र भी कुछ बैंक कर्मियों ने ही मुहैया कराए थे। यह जानकारी महफूज अली ने पुलिस पूछताछ में दी है। जांच में आईडीबीआई रेलबाजार में खुले खातों में सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन मिला है। यहां 500 करोड़ के आसपास लेनदेन हुआ है।
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एचडीएफसी लाल बंगला शाखा के खातों में लगभग 200 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है। सिटी यूनियन बैंक में और एक्सिस बैंक के खातों में भी कई करोड़ों का लेनदेन किया गया। फर्जी फर्म अफीसा इंटरप्राइजेज में 146 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन की जानकारी सामने आई है। रवि इंटरप्राइजेज के खाते में छह महीने में करीब 7.75 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ।
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पुलिस महफूज अली, फिरोज खान, नूर आलम, संजीव दीक्षित, शीबू, रिजवान से संपर्क रखे बैंक कर्मियों की तलाश में जुट गई है। इस कार्य में लोन दिलाने वाले बैंक के अधिकारियों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस मिलीभगत की जानकारी के लिए कॉल डेटा रिकार्ड निकलवा रही है। कुछ बैंक कर्मियों से गुरुवार को पूछताछ की गई।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि महफूज अली कानपुर से भागकर लखनऊ, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल में छिपकर रहा। यहां उसको बचाने के नाम पर जन प्रतिनिधियों, छुटभैया नेताओं और कुछ पुलिसकर्मियों ने अच्छी खासी रकम वसूली है। यह राशि कई करोड़ में है। महफूज अली अपने बेटे के साथ नेपाल भी गया था। वहां उसने किसी को एक करोड़ रुपये दिए थे। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।