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शनि आज वक्री होंगे, कोरोनावायरस का प्रभाव कम होगा
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कानपुर। राहुल शुक्ला -------------- सोमवार यानी 11 म ई को शनि अपनी चाल को बदलते हुए वक्री हो जाएंगे है। शनि की यह वक्री चाल 142 दिनों तक रहेगी। इसके बाद 29 सितंबर से शनि वक्री से फिर मार्गी हो जाएंगे। ऐसे में शनि के चाल बदलने से कई लोगों की परेशानियां बढ़ जाएगी। शनि के राशि परिवर्तन से कई राशियों पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। इसके बाद 13 मई को शुक्र वृषभ राशि में वक्री होगा। ये दोनों ग्रह अपनी-अपनी राशि में वक्री रहेंगे। इस समय 9 में से 6 ग्रह एक साथ वक्री हो रहे है।.ये एक दुर्लभ संयोग है। ऐसा बहुत ही कम होता है। जब एक साथ 6 ग्रह वक्री रहते हैं. ग्रहों की इन स्थितियों के प्रभाव से दुनियाभर में फैली कोरानावायरस की महामारी का असर कम हो सकता है। पंडित के दुबे पद्मेश और आचार्य मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि ज्योतिषशास्त्र में शनि को न्याय का कारक ग्रह माना गया है। शनि के वक्री होने का सबसे अधिक असर उन राशि के जातकों पर पड़ेगा। जिन राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होगी. अगर आपकी कुंडली में शनि अशुभ भाव में बैठा है तब आपको इसका कष्ट देखने को मिलेगा। वहीं, अगर आपकी कुंडली में शनि शुभ भाव में है तो आपको इसका अशुभ असर देखने को नहीं मिलेगा।.राहु-केतु छाया ग्रह माने गए हैं। ये हमेशा वक्री ही रहते हैं। राहु-केतु क्रमश: मिथुन और धनु में वक्री हैं। सूर्य और चंद्र हमेशा मार्गी रहते हैं।.14 मई को गुरु भी वक्री हो रहा है. ये अपनी नीच राशि मकर में शनि के साथ स्थित है. इसके बाद लगातार 34 दिनों तक गुरु, शुक्र, शनि और राहु-केतु ये 5 ग्रह वक्री रहेंगे। 18 जून को बुध भी मिथुन राशि में वक्री हो जाएंगे। इस तरह 6 ग्रहों वक्री हो जाएंगे। -------- जानें किन राशियों को मिलेगी राहत मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैया तथा धनु, मकर एवं कुम्भ राशि पर साढ़े साती चलने के परिणामस्वरूप इन राशि वाले जातकों को कुछ दिनों के लिए थोड़ी राहत मिलेगी। इन्हें अपने कर्मों में और अधिक सुधार लाना चाहिए।.ताकि आने वाला समय अनुकूल रहे। अन्य राशि वालों को भी सन्मार्ग पर चलते हुए सत्कर्मों की वृद्धि करनी चाहिए। जिन लोगों पर इनकी महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यांतरदशा, सूक्ष्मदशा आदि चल रही है। उन्हें विषम परिस्थियों में भी सत्यभाषण का त्याग नहीं करना चाहिए तभी शनि की अनुकूलता मिलेगी। --------------- 7 दिनों के लिए 6 ग्रह रहेंगे वक्री ज्योतिष में ग्रहों की दो स्थितियां बताई गई हैं। एक मार्गी और दूसरी वक्री। मार्गी में ग्रह सीधा चलता है यानी आगे बढ़ता है। जबकि वक्री स्थिति में ग्रह टेढ़ा या उल्टा चलता है यानी पीछे की ओर चलने लगता है। 18 जून से 25 जून तक 7 दिनों के लिए 6 ग्रह वक्री रहेंगे। इसके बाद 25 जून की रात शुक्र ग्रह वृष राशि में मार्गी हो जाएगा।इसके बाद पांच ग्रह वक्री रह जाएंगे। -------- वक्री शनि से बचने का उपाय -------------- - प्रत्येक शनिवार को शनि देव का उपवास रखें. - शाम को पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं - शनि के बीज मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का 108 बार जाप करें. - गरीबों को अन्न-वस्त्र दान करें
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