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बेटी ने किया अं तिम संस्कार
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दिबियापुर (औैरैया)। कस्बा के वीर अब्दुल हमीद नगर निवासी प्रेमचंद्र पाठक की बीमारी के चलते बुधवार की रात मौत हो गई। उनके कोई पुत्र नहीं था। सभी की मौजूदगी में उनकी इकलौती बेटी ने अपने पिता का अंतिम संस्कार कर बेटे की कमी को पूरा कर अपना फर्ज निभाया। उसके इस बात की प्रशंसा पूरे नगर में होती रही। वह शादी के बाद से ही अपने पिता के पास रहती थी।
वीर अब्दुल हमीद नगर में बर्तन की दुकान किए प्रेमचंद्र पाठक (92) की मौत हो गई। मौत की सूचना पर उनके पैतृक गांव नंगला पाठक से उनके परिजन आ गए व मोहल्ले के दिवाकर पांडेय, धीरज शुक्ला, लल्ला तिवारी, संजय गुप्ता, भूरे खां आदि भी पहुंचे। उनके कोई पुत्र न होने से अंतिम संस्कार को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। इस पर उनकी इकलौती पुत्री बेबी पाठक ने सभी लोगों से कहा कि वह अपने पिता का अंतिम संस्कार अपने हाथों से करेंगी। बाद में शव को कस्बा स्थित मुक्ति धाम ले जाया गया। उनकी पुत्री ने अपने हाथों से पिता को चिता को अग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।
-बर्तन व्यवसायी के निधन पर बेटी ने उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
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वीर अब्दुल हमीद नगर में बर्तन की दुकान किए प्रेमचंद्र पाठक (92) की मौत हो गई। मौत की सूचना पर उनके पैतृक गांव नंगला पाठक से उनके परिजन आ गए व मोहल्ले के दिवाकर पांडेय, धीरज शुक्ला, लल्ला तिवारी, संजय गुप्ता, भूरे खां आदि भी पहुंचे। उनके कोई पुत्र न होने से अंतिम संस्कार को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। इस पर उनकी इकलौती पुत्री बेबी पाठक ने सभी लोगों से कहा कि वह अपने पिता का अंतिम संस्कार अपने हाथों से करेंगी। बाद में शव को कस्बा स्थित मुक्ति धाम ले जाया गया। उनकी पुत्री ने अपने हाथों से पिता को चिता को अग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।
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-बर्तन व्यवसायी के निधन पर बेटी ने उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो