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मवेशियों को सूखे आदर्श तालाब में कैद किया
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मौरावां (उन्नाव)। हिलौली ब्लाक के गांव करदहा में आवारा मवेशियों की समस्या से आजिज किसानों ने रविवार की रात सौ से अधिक मवेशियों को खदेड़ कर गांव के बाहर बने सूखे आदर्श तालाब परिसर में बंद कर दिया। किसानों का कहना है कि खेत में खड़ी गेहूं की फसल कटने तक इन मवेशियों को निकालने नही देंगे।
हिलौली ब्लाक की ग्राम पंचायत करदहा व आसपास के तमाम गांवों में आवारा मवेशी किसानों के लिए मुसीबत बने हैं। किसान दिन-रात फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। नगर पंचायतों में पालतू पशुओं की टैगिंग के बाद किसानों को आवारा मवेशियों से राहत मिलने की उम्मीद नजर आई थी लेकिन कई दिन बाद भी समस्या बरकरार रही। रविवार की रात ग्रामीण एकजुट हुए और आवारा मवेशियों की घेराबंदी कर उन्हें खदेड़कर करदहा गांव के बाहर स्थित सूखे आदर्श तालाब परिसर में बंद कर दिया। पूर्व प्रधान प्रांजुल मिश्रा ने बताया कि किसानों ने अपने खेतों की रखवाली के लिए कटीले तार की बाड़, बांस और पोल भी लगाए लेकिन मवेशी उन्हें भी तोड़कर रातों-रात फसल नष्ट कर देते हैं। ग्रामीण काफी समय से समस्या से परेशान थे। इस पर सोमवार को आवारा मवेशियों को यहां बंद करना पड़ा।
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हिलौली ब्लाक की ग्राम पंचायत करदहा व आसपास के तमाम गांवों में आवारा मवेशी किसानों के लिए मुसीबत बने हैं। किसान दिन-रात फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। नगर पंचायतों में पालतू पशुओं की टैगिंग के बाद किसानों को आवारा मवेशियों से राहत मिलने की उम्मीद नजर आई थी लेकिन कई दिन बाद भी समस्या बरकरार रही। रविवार की रात ग्रामीण एकजुट हुए और आवारा मवेशियों की घेराबंदी कर उन्हें खदेड़कर करदहा गांव के बाहर स्थित सूखे आदर्श तालाब परिसर में बंद कर दिया। पूर्व प्रधान प्रांजुल मिश्रा ने बताया कि किसानों ने अपने खेतों की रखवाली के लिए कटीले तार की बाड़, बांस और पोल भी लगाए लेकिन मवेशी उन्हें भी तोड़कर रातों-रात फसल नष्ट कर देते हैं। ग्रामीण काफी समय से समस्या से परेशान थे। इस पर सोमवार को आवारा मवेशियों को यहां बंद करना पड़ा।
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