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छह महीने पहले खोदवाए गड्ढे, नहीं बने शौचालय
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:56 AM IST
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भीतरगांव (घाटमपुर)। विकास खंड के ओडीएफ घोषित कर दिए गए कुम्हऊपुर गांव में अभी तक 72 शौचालयों का निर्माण कार्य अधूरा है। इनमें कई ऐसे हैं भी हैं जिनके गड्ढे (टैंक) छह महीने पहले खोदकर डाल दिए गए थे। बनने का इंतजार करते थक चुके लाभार्थी अब उनका प्रयोग घर के कूड़ा का निस्तारण करने के लिए कर रहे हैं। और छोटे बच्चे उनके भीतर कूदकर खेल रहे हैं। ग्राम प्रधान पति राकेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने गांव पंचायत में तकरीबन 50 शौचालय मौरंग-सीमेंट दुकानों से उधार लेकर बनवाए हैं। जबकि, लाभार्थियों के खातों में अभीतक एक भी किश्त नहीं भेजी गई है।
गांव निवासी मो. यासीन ने बताया कि घर के बाहर पत्नी साजदा के साथ मिलकर शौचालय का टैंक खोदा था। लेकिन, अनुदान की किस्त न मिलने से निर्माण कार्य पूरा नहीं पाया है। उसके पड़ोसी रामप्रसाद पासी और जगदीश पासी का भी ऐसा ही हाल है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण पर 12 हजार रुपये की अनुदान राशि मिलने की खुशी में उन्होंने अपने घरों के बाहर गड्ढे खोद डाले थे। लेकिन, अब पछता रहे हैं।
नीलम सविता ने बताया कि उसने जनवरी-फरवरी के महीने में गड्ढा खोदवाया था और उसको निजी खर्च से पक्का भी करवा दिया है। लेकिन, किश्त न मिलने से निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। रहमतुन ने बताया कि उसका शौचालय भी नहीं बन पाया है।
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गांव निवासी मो. यासीन ने बताया कि घर के बाहर पत्नी साजदा के साथ मिलकर शौचालय का टैंक खोदा था। लेकिन, अनुदान की किस्त न मिलने से निर्माण कार्य पूरा नहीं पाया है। उसके पड़ोसी रामप्रसाद पासी और जगदीश पासी का भी ऐसा ही हाल है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण पर 12 हजार रुपये की अनुदान राशि मिलने की खुशी में उन्होंने अपने घरों के बाहर गड्ढे खोद डाले थे। लेकिन, अब पछता रहे हैं।
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नीलम सविता ने बताया कि उसने जनवरी-फरवरी के महीने में गड्ढा खोदवाया था और उसको निजी खर्च से पक्का भी करवा दिया है। लेकिन, किश्त न मिलने से निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। रहमतुन ने बताया कि उसका शौचालय भी नहीं बन पाया है।
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