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Kanpur Encounter: 100 टीमें, 10 हजार जवान फिर भी पांच दिन बाद तक खाली हाथ
Wed, 08 Jul 2020 06:41 AM IST
अवधेश कुमार
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: अवधेश कुमार
Updated Wed, 08 Jul 2020 06:41 AM IST
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में ढाई लाख के इनामी बदमाश विकाश दुबे और उसके साथियों का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने दहशतगर्दों की तलाश में 100 टीमें, 10 हजार जवान व एसटीएफ लगाने का दावा किया है, पर खास नतीजे नहीं मिले।
इस बीच अधिकृत सूत्रों ने दावा किया कि विकास मुठभेड़ के बाद रात करीब दो बजे साइकिल से भागा था। पुलिस से बचते- बचाते पांच किलोमीटर दूर शिवली कस्बे पहुंचकर उसने अपना मोबाइल बंद किया, किसी से बाइक ली और लखनऊ की ओर फरार हो गया। विकास की पत्नी ऋचा भी मुठभेड़ के बाद रात करीब दो बजे लखनऊ स्थित आवास से निकली थी। उसकी आखिरी लोकेशन चंदौली में मिली। एसटीएफ को आशंका है, अपने बेटे समेत तीनों पूर्वांचल में हो सकते हैं या नेपाल भाग गए होंगे।
यह जानकारी क्राइम ब्रांच और स्वाट टीम ने सर्विलांस के जरिए जुटाई है। दो जुलाई को रात डेढ़ बजे तक मुठभेड़ चली थी, रात दो बजे के बाद एसएसपी समेत अफसर मौके पर पहुंचे थे। तब तक विकास और उसके गुर्गे फरार हो चुके थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हिरासत में लिए गए आरोपियों ने बताया कि बदमाश अलग अलग फरार हुए।
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बम बरामद बाइकें भी मिलीं
पुलिस ने विकास के ढहाए मकान और गांव के दर्जनों घरों में सर्च अभियान चलाया। विकास के घर में बने तहखाने से तीन देशी बम, कुछ खोखे और शस्त्र लाइसेंस बरामद हुए। इसके अलावा नामजद दो आरोपियों गोविंद और विष्णु पाल की बाइकें भी मिली। इन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।
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इस बीच अधिकृत सूत्रों ने दावा किया कि विकास मुठभेड़ के बाद रात करीब दो बजे साइकिल से भागा था। पुलिस से बचते- बचाते पांच किलोमीटर दूर शिवली कस्बे पहुंचकर उसने अपना मोबाइल बंद किया, किसी से बाइक ली और लखनऊ की ओर फरार हो गया। विकास की पत्नी ऋचा भी मुठभेड़ के बाद रात करीब दो बजे लखनऊ स्थित आवास से निकली थी। उसकी आखिरी लोकेशन चंदौली में मिली। एसटीएफ को आशंका है, अपने बेटे समेत तीनों पूर्वांचल में हो सकते हैं या नेपाल भाग गए होंगे।
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यह जानकारी क्राइम ब्रांच और स्वाट टीम ने सर्विलांस के जरिए जुटाई है। दो जुलाई को रात डेढ़ बजे तक मुठभेड़ चली थी, रात दो बजे के बाद एसएसपी समेत अफसर मौके पर पहुंचे थे। तब तक विकास और उसके गुर्गे फरार हो चुके थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हिरासत में लिए गए आरोपियों ने बताया कि बदमाश अलग अलग फरार हुए।
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बम बरामद बाइकें भी मिलीं
पुलिस ने विकास के ढहाए मकान और गांव के दर्जनों घरों में सर्च अभियान चलाया। विकास के घर में बने तहखाने से तीन देशी बम, कुछ खोखे और शस्त्र लाइसेंस बरामद हुए। इसके अलावा नामजद दो आरोपियों गोविंद और विष्णु पाल की बाइकें भी मिली। इन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।