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आईआईटी कानपुर को 100 करोड़ का दान: गुरु दक्षिणा देने वाले राकेश गंगवाल के नाम पर होगा एसएमआरटी
Tue, 05 Apr 2022 10:50 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 05 Apr 2022 10:50 PM IST
सार
प्रो. करंदीकर ने बताया कि स्कूल का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में लगभग 8,10,000 वर्ग फीट क्षेत्र में 500 बेड के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल, अकादमिक ब्लॉक, आवासीय/छात्रावास और सर्विस ब्लॉक की स्थापना होगी।
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आईआईटी के डायरेक्टर से हाथ मिलाते राकेश गंगवाल (पीली शर्ट में)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर आईआईटी में बनने वाले स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (एसएमआरटी) का नाम संस्थान को सबसे बड़ा दान देने वाले इंडिगो एयरलाइंस के को-फाउंडर राकेश गंगवाल के नाम पर होगा। अब इसका नाम गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी होगा।
आईआईटी के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर साथ हुए समझौते में इस पर मुहर लगी है। अस्पताल को तैयार होने में कम से कम 10 साल का समय लगेगा। राकेश ने सोमवार को एसएमआरटी के लिए 100 करोड़ रुपये का दान दिया था। राकेश स्कूल के सलाहकार बोर्ड में भी शामिल रहेंगे।
प्रो. करंदीकर ने बताया कि स्कूल का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में लगभग 8,10,000 वर्ग फीट क्षेत्र में 500 बेड के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल, अकादमिक ब्लॉक, आवासीय/छात्रावास और सर्विस ब्लॉक की स्थापना होगी। दवाओं के शोध एवं विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए एक्सीलेंस सेंटर बनाया जाएगा।
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तीन से पांच वर्षों में यह काम किया जाना है। दूसरे चरण में अस्पताल की क्षमता बढ़कर 1000 बिस्तर, क्लीनिकल विभाग/केंद्र, अनुसंधान क्षेत्रों में विस्तार, पैरामेडिकल विषय, वैकल्पिक चिकित्सा, अस्पताल प्रबंधन, स्पोर्ट्स मेडिसिन समेत शेष कार्य कराया जाएगा।
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आईआईटी के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर साथ हुए समझौते में इस पर मुहर लगी है। अस्पताल को तैयार होने में कम से कम 10 साल का समय लगेगा। राकेश ने सोमवार को एसएमआरटी के लिए 100 करोड़ रुपये का दान दिया था। राकेश स्कूल के सलाहकार बोर्ड में भी शामिल रहेंगे।
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प्रो. करंदीकर ने बताया कि स्कूल का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में लगभग 8,10,000 वर्ग फीट क्षेत्र में 500 बेड के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल, अकादमिक ब्लॉक, आवासीय/छात्रावास और सर्विस ब्लॉक की स्थापना होगी। दवाओं के शोध एवं विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए एक्सीलेंस सेंटर बनाया जाएगा।
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तीन से पांच वर्षों में यह काम किया जाना है। दूसरे चरण में अस्पताल की क्षमता बढ़कर 1000 बिस्तर, क्लीनिकल विभाग/केंद्र, अनुसंधान क्षेत्रों में विस्तार, पैरामेडिकल विषय, वैकल्पिक चिकित्सा, अस्पताल प्रबंधन, स्पोर्ट्स मेडिसिन समेत शेष कार्य कराया जाएगा।