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Kannauj News: मासूम से दरिंदगी करने वाले युवक को 20 साल की सजा
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कन्नौज। विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने शहर के सरायमीरा में 10 वर्षीय बच्ची से दरिंदगी करने वाले युवक को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया लगाया है। जुर्माना न देने की सूरत में दोषी को एक साल अतिरिक्त जेल में रहना पड़ेगा। कोर्ट ने न्याय का मानवीय चेहरा दिखाते हुए जुर्माने की पूरी रकम पीड़िता के इलाज, पुनर्वास के लिए देने का आदेश बुधवार को दिया है।
दिल नहला देने वाली यह वारदात सदर कोतवाली क्षेत्र के सरायमीरा (देविन टोला) की है। 22 अक्तूबर 2024 की शाम 4:20 बजे 10 साल की मासूम बच्ची रोज की तरह गांव के पास भैंस चरा रही थी। तभी घात लगाए बैठे बजरिया निवासी अनिल यादव की नीयत बिगड़ गई। वह बच्ची को जबरन उठाकर एक सुनसान खंडहर में ले गया और उसके साथ दरिंदगी की। मासूम की चीख-पुकार सुनकर पास में ही मौजूद एक महिला और युवक दौड़े। ग्रामीणों की तत्परता से वह दरिंदा भागने में नाकाम रहा और लोगों ने उसे रंगे हाथों दबोचकर सीधा पुलिस के हवाले कर दिया।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने साक्ष्य जुटाए, पीड़िता का मेडिकल कराया और फॉरेंसिक सबूतों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा।
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पुख्ता सबूतों के आगे आरोपी हुआ पस्त
कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक सबूत और गवाहों के बयान मजबूती से पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलों और पत्रावली पर मौजूद पुख्ता सबूतों को देखने के बाद अदालत ने अनिल यादव को पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत दोषी पाया। बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर कोर्ट ने दोषी अनिल यादव को 20 साल का कारावास और दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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दिल नहला देने वाली यह वारदात सदर कोतवाली क्षेत्र के सरायमीरा (देविन टोला) की है। 22 अक्तूबर 2024 की शाम 4:20 बजे 10 साल की मासूम बच्ची रोज की तरह गांव के पास भैंस चरा रही थी। तभी घात लगाए बैठे बजरिया निवासी अनिल यादव की नीयत बिगड़ गई। वह बच्ची को जबरन उठाकर एक सुनसान खंडहर में ले गया और उसके साथ दरिंदगी की। मासूम की चीख-पुकार सुनकर पास में ही मौजूद एक महिला और युवक दौड़े। ग्रामीणों की तत्परता से वह दरिंदा भागने में नाकाम रहा और लोगों ने उसे रंगे हाथों दबोचकर सीधा पुलिस के हवाले कर दिया।
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पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने साक्ष्य जुटाए, पीड़िता का मेडिकल कराया और फॉरेंसिक सबूतों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा।
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पुख्ता सबूतों के आगे आरोपी हुआ पस्त
कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक सबूत और गवाहों के बयान मजबूती से पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलों और पत्रावली पर मौजूद पुख्ता सबूतों को देखने के बाद अदालत ने अनिल यादव को पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत दोषी पाया। बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर कोर्ट ने दोषी अनिल यादव को 20 साल का कारावास और दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।