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Kannauj News: महिलाओं को मिला लखपति दीदी बनने का प्रशिक्षण
Fri, 23 Feb 2024 01:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Fri, 23 Feb 2024 01:35 AM IST
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छिबरामऊ। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह की महिलाओं को लखपति बनाने के साथ ही गांव की अन्य महिलाओं व युवतियों को भी लखपति बनाया जाएगा। इसके लिए सीआरपी में चयनित 36 लखपति दीदी का दो दिवसीय प्रशिक्षण ब्लॉक सभागार में शुरू हुआ।
गुरूवार को प्रशिक्षण के दौरान बीडीओ दीपांकर आर्या ने कहा कि केंद्र सरकार ग्रामीण महिलाओं का जीवन स्तर ऊंचा उठाना चाहती है। इसके लिए सरकार की ओर से लखपति दीदी बनाने की योजना शुरू की गई है। सभी दीदियां प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने गांवों में महिलाओं व युवतियों को आजीविका से जोड़ने के लिए उनको जागरूक करें। बीएमएम अभिषेक चैधरी ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं रोजगार से जुड़कर हर साल कम से कम एक लाख रुपया कमा सकती हैं। मास्टर ट्रेनर एसआरपी संतोष गुप्ता ने कहा कि गांव की जो महिला किराना, जनरल स्टोर, ब्यूटी पार्लर व सिलाई-कढ़ाई समेत अन्य रोजगार स्थापित करना चाहती है, उनको जोड़ने का प्रयास करें। डीआरपी मो. सलीम ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा है कि गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनें। उन्हें पैसों के लिए किसी पर आश्रित न होना पड़े। यह तभी संभव है जब महिलाएं स्वयं का रोजगार स्थापित करने के साथ ही अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़े। इस दौरान एडीओ आईएसबी अनिल कुमार, बीएमएम रोली समेत कई समूह से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।
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गुरूवार को प्रशिक्षण के दौरान बीडीओ दीपांकर आर्या ने कहा कि केंद्र सरकार ग्रामीण महिलाओं का जीवन स्तर ऊंचा उठाना चाहती है। इसके लिए सरकार की ओर से लखपति दीदी बनाने की योजना शुरू की गई है। सभी दीदियां प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने गांवों में महिलाओं व युवतियों को आजीविका से जोड़ने के लिए उनको जागरूक करें। बीएमएम अभिषेक चैधरी ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं रोजगार से जुड़कर हर साल कम से कम एक लाख रुपया कमा सकती हैं। मास्टर ट्रेनर एसआरपी संतोष गुप्ता ने कहा कि गांव की जो महिला किराना, जनरल स्टोर, ब्यूटी पार्लर व सिलाई-कढ़ाई समेत अन्य रोजगार स्थापित करना चाहती है, उनको जोड़ने का प्रयास करें। डीआरपी मो. सलीम ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा है कि गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनें। उन्हें पैसों के लिए किसी पर आश्रित न होना पड़े। यह तभी संभव है जब महिलाएं स्वयं का रोजगार स्थापित करने के साथ ही अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़े। इस दौरान एडीओ आईएसबी अनिल कुमार, बीएमएम रोली समेत कई समूह से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।
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