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लौट आई सर्दी, किसानों का चेहरा चमका

Sun, 17 Jan 2016 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज Updated Sun, 17 Jan 2016 12:17 AM IST
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Winter has returned , farmers face brighten
सर्दी के मौसम में गर्मी के एहसास से किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें उभर आईं थीं। आलू व गेहूं की फसल मौसम की भेंट चढ़ने की आशंका से किसानों की नींद उड़ी हुई थी। आधा जनवरी गर्मी में बीतने के बाद शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला।
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सर्दी लौटी तो आलू व गेहूं की फसलें अच्छी होने की उम्मीद जागी। इसी के साथ किसानों के चेहरे से गुम हुई चमक फिर लौट आई। वहीं, आलू की पैदावार करने वाले किसान फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका से डरे हैं। किसानों की माने तो इस मौसम में आलू में झुलसा रोग लगने की गुंजाइश ज्यादा रहती है।
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यदि झुलसा रोग का प्रकोप न हुआ तो निश्चित रूप से पैदावार बढ़िया होगी। बुजुर्ग किसानों का कहना है कि पूरे दिसंबर में कोहरे की धुंध नहीं दिखाई दी, जनवरी का आधा पखवारा बीत जाने के बाद सर्दी शुरू हुई है। कुछ दिन यूं ही सर्दी पड़ जाए तो फसलों का उत्पादन बढे़गा।
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उद्यान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2016 में 48 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पक्की आलू की फसल की बुआई हुई है। पिछले वित्तीय वर्ष में आलू की मंडियों में उछाल न आने के कारण किसान आलू की फसल से कोई विशेष मुनाफा नहीं कमा सके है।



 इस कारण आलू के रकवे में पिछले वर्ष की तुलना में डेढ़ हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी हुई है। किसानों के मुताबिक अबकी पैदावार ठीक होने से उन्हें आलू का अच्छा भाव मिलने की उम्मीद थी, पर मौसम की वजह से उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा था।



अब दो दिन से सर्दी लौट आने से फिर आशा की किरण फूटी है। जिला उद्यान अधिकारी मुन्ना यादव का कहना है कि सप्ताह भर बाद इस मौसम के असर के बारे में कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल तो इस मौसम में पिछैती झुलसा रोग लगने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इससे आलू की पैदावार प्रभावित हो सकती है।




उधर, मौसम के बदले मिजाज से गेहूं की पैदावार करने वाले किसानों के चेहरे पर रंगत लौट आई है। अधिक तापमान से परेशान किसानों ने दो दिन से पड़ रही ठंड से राहत महसूस की है। जिला कृषि अधिकारी नीरज रान कटियार का कहना है कि जिले में करीब 76 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल की बुआई हुई है। दो दिन से हुए बदलाव के बाद यह मौसम गेहूं के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।


उन्होंने बताया कि अधिक तापमान से गेहूं की बाली की बढ़त रुक गई थी, लेकिन ठंड इसी तरह बनी रही तो गेहूं की बाली मजबूत होगी।
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