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Kannauj News: मुसाफिरपुर गोशाला में दो दिन में दो गोवंशों की मौत
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तालग्राम। मुसाफिरपुर गोशाला में दो दिन में दो गोवंशों की मौत हड़कंप ई है। हालांकि, चिकित्साधिकारी और पंचायत सचिव ने गोवंशों की मौत को स्वाभाविक बताया पर ग्रामीणों में अव्यवस्था की चर्चा है।
ब्लॉक क्षेत्र के मुसाफिरपुर पंचायत स्थित गोशाला में प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। अव्यवस्थाओं के चलते गोशाला में दो गोवंशों की मौत हो गई है। ग्रामीणों की मानें तो मुसाफिरपुर गोशाला में गोवंशों के बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। काफी गंदगी है, कुछ भाग में ही तिरपाल लगाई गई है। अलाव भी पर्याप्त मात्रा में नहीं जलाए जा रहे हैं। गोवंशों को सूखा भोजन दिया जा रहा है, इससे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि सूखा भूसा खाने से गोवंश कमजोर हो रहे हैं। उनमें इतनी ताकत नहीं बची है कि एक बार बैठ कर दोबारा उठ सकें। ग्राम पंचायत सचिव पूजा सिंह ने बताया कि 14 कमजोर गोवंशों में दो काफी वृद्ध और कमजोर थे उनकी मौत हुई है। गोशाला में अलाव की व्यवस्था है और गोवशों के लिए काऊकोट के इंतजाम किए जा रहे हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह का कहना है कि गोवंशों की स्वाभाविक मौत हुई है। हरे चारे की व्यवस्था करने की हिदायत दी गई है।
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पशुओं को ठंड से बचाव के लिए करें विशेष प्रबंध
तालग्राम। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार इस मौसम को लेकर महिषवंशीय पशुओं की तुलना में गोवंशीय पशु अधिक संवेदनशील होतेे हैं। इसलिए सर्दी के दुष्प्रभावों का सर्वाधिक सामना गाय, बछड़ों को करना पड़ रहा है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने पशुपालकों को सलाह देते हुए बताया कि तापमान में गिरावट से पशुओं में बीमारियां बढ़ने, दूध उत्पादन घटने और नवजात बच्चों की वृद्धि रुकने का खतरा रहता है। इस मौसम में पशु-पक्षियों को खुले में रखने से बचें। पशु शेड के रोशनदान, दरवाजों और खिड़कियों को टाट या बोरे से ढककर ठंडी हवा को रोके। बाड़े में गोबर-मूत्र निकास की उचित व्यवस्था करें और कीचड़ न होने दें। बिछावन में पुआल और लकड़ी का बुरादा प्रयोग करें ताकि नमी और सीलन न हो। साथ ही पशुओं को खली, दाना, चोकर, गुड़ की मात्रा बढ़ा दें।
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फोटो:10: तिसौली गोशाला का निरीक्षण करते बीडीओ उमाशंकर साहू। संवाद
गोशाला में अव्यवस्थाएं मिलने पर सचिव को नोटिस
तेराजाकेट। तालग्राम विकासखंड की ग्राम पंचायत तिसौली स्थित गोशाला का बुधवार को खंड विकास अधिकारी उमाशंकर साहू ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोशाला में अव्यवस्थाएं देख उन्होंने नाराजगी जताई। गोशाला में गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए पर्याप्त तिरपाल व अलाव की व्यवस्था नहीं मिली। उन्होंने संबंधित सचिव को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही शीघ्र व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एडीओ पंचायत रविप्रताप सिंह मौजूद रहे।
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ब्लॉक क्षेत्र के मुसाफिरपुर पंचायत स्थित गोशाला में प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। अव्यवस्थाओं के चलते गोशाला में दो गोवंशों की मौत हो गई है। ग्रामीणों की मानें तो मुसाफिरपुर गोशाला में गोवंशों के बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। काफी गंदगी है, कुछ भाग में ही तिरपाल लगाई गई है। अलाव भी पर्याप्त मात्रा में नहीं जलाए जा रहे हैं। गोवंशों को सूखा भोजन दिया जा रहा है, इससे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि सूखा भूसा खाने से गोवंश कमजोर हो रहे हैं। उनमें इतनी ताकत नहीं बची है कि एक बार बैठ कर दोबारा उठ सकें। ग्राम पंचायत सचिव पूजा सिंह ने बताया कि 14 कमजोर गोवंशों में दो काफी वृद्ध और कमजोर थे उनकी मौत हुई है। गोशाला में अलाव की व्यवस्था है और गोवशों के लिए काऊकोट के इंतजाम किए जा रहे हैं। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह का कहना है कि गोवंशों की स्वाभाविक मौत हुई है। हरे चारे की व्यवस्था करने की हिदायत दी गई है।
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पशुओं को ठंड से बचाव के लिए करें विशेष प्रबंध
तालग्राम। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार इस मौसम को लेकर महिषवंशीय पशुओं की तुलना में गोवंशीय पशु अधिक संवेदनशील होतेे हैं। इसलिए सर्दी के दुष्प्रभावों का सर्वाधिक सामना गाय, बछड़ों को करना पड़ रहा है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने पशुपालकों को सलाह देते हुए बताया कि तापमान में गिरावट से पशुओं में बीमारियां बढ़ने, दूध उत्पादन घटने और नवजात बच्चों की वृद्धि रुकने का खतरा रहता है। इस मौसम में पशु-पक्षियों को खुले में रखने से बचें। पशु शेड के रोशनदान, दरवाजों और खिड़कियों को टाट या बोरे से ढककर ठंडी हवा को रोके। बाड़े में गोबर-मूत्र निकास की उचित व्यवस्था करें और कीचड़ न होने दें। बिछावन में पुआल और लकड़ी का बुरादा प्रयोग करें ताकि नमी और सीलन न हो। साथ ही पशुओं को खली, दाना, चोकर, गुड़ की मात्रा बढ़ा दें।
फोटो:10: तिसौली गोशाला का निरीक्षण करते बीडीओ उमाशंकर साहू। संवाद
गोशाला में अव्यवस्थाएं मिलने पर सचिव को नोटिस
तेराजाकेट। तालग्राम विकासखंड की ग्राम पंचायत तिसौली स्थित गोशाला का बुधवार को खंड विकास अधिकारी उमाशंकर साहू ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोशाला में अव्यवस्थाएं देख उन्होंने नाराजगी जताई। गोशाला में गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए पर्याप्त तिरपाल व अलाव की व्यवस्था नहीं मिली। उन्होंने संबंधित सचिव को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही शीघ्र व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एडीओ पंचायत रविप्रताप सिंह मौजूद रहे।