{"_id":"60ff00af8ebc3e581c1d9459","slug":"there-will-be-no-new-selection-the-old-cook-will-remain-kannauj-news-knp642591274","type":"story","status":"publish","title_hn":"नया चयन नहीं होगा, पुराने रसोइया ही रहेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नया चयन नहीं होगा, पुराने रसोइया ही रहेंगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज। इस बार नए रसोइयों का चयन नहीं होगा। पुराने रसोइयों की संविदा को मिड डे मील प्राधिकरण ने पहले की तरह रखा है। इनकी संविदा समाप्त करने से पहले नोटिस देना पड़ेगा। इसके लिए प्राधिकरण ने नई गाइडलाइन सोमवार को जारी कर दी है।
कोरोना संक्रमण से दूसरे वर्ष मिड डे मील के रसोइयों की संविदा का नवीनीकरण स्थगित कर दिया गया है। शैक्षिक सत्र 2020-21 में कार्यरत रसोइया ही काम करेंगे। जिले के 1459 स्कूलों में 4009 रसोइया मिड डे मील बनाते हैं। इन्हें 1500 रुपये मानदेय दिया जाता है।
इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी केके ओझा ने बताया कि शासन ने इस इस बारे में गाइडलाइन जारी कर दी है। स्कूलों में बच्चे नहीं आ रहे हैं। इससे मिड डे मील का राशन व परिवर्तन राशि सीधे अभिभावकों को दी जा रही है। गर्मी की छुट्टियों का एमडीएम बच्चों के खाते में दिया जा रहा है। 10 महीने का मानदेय ही दिया जाएगा। केके ओझा ने बताया कि रसोइयों को तय मानदेय दिया जा रहा है। स्कूल खुलने के बाद ही रसोइयों की जरूरत पड़ती है।
विज्ञापन
एकाएक सेवाएं नहीं होंगी समाप्त
हर साल रसोइयों की संविदा का नवीनीकरण होता है। उन्हीं की संविदा का नवीनीकरण होता जिनका कार्य, व्यवहार अच्छा रहता है। इनके या घर के बच्चे स्कूल में पढ़ रहे होते हैं। सेवाएं संतोषजनक होने पर ही नवीनीकरण किया जाता है। नए नियमों के मुताबिक इनकी सेवाएं एकाएक खत्म नहीं की जा सकती हैं। लिखित तौर पर नोटिस देना जरूरी है। संबंधित प्रधानाध्यापक को रसोइया को असंतोषजनक सेवाओं के लिए लगातार नोटिस देना होगा। सेवा समाप्ति पर इन्हें साथ लगाना होगा। बिना किसी नोटिस के संविदा खत्म नहीं की जा सकती है। हालांकि 2018-19 से नियुक्त रसोइया ही लगातार काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण से दूसरे वर्ष मिड डे मील के रसोइयों की संविदा का नवीनीकरण स्थगित कर दिया गया है। शैक्षिक सत्र 2020-21 में कार्यरत रसोइया ही काम करेंगे। जिले के 1459 स्कूलों में 4009 रसोइया मिड डे मील बनाते हैं। इन्हें 1500 रुपये मानदेय दिया जाता है।
विज्ञापन
इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी केके ओझा ने बताया कि शासन ने इस इस बारे में गाइडलाइन जारी कर दी है। स्कूलों में बच्चे नहीं आ रहे हैं। इससे मिड डे मील का राशन व परिवर्तन राशि सीधे अभिभावकों को दी जा रही है। गर्मी की छुट्टियों का एमडीएम बच्चों के खाते में दिया जा रहा है। 10 महीने का मानदेय ही दिया जाएगा। केके ओझा ने बताया कि रसोइयों को तय मानदेय दिया जा रहा है। स्कूल खुलने के बाद ही रसोइयों की जरूरत पड़ती है।
विज्ञापन
एकाएक सेवाएं नहीं होंगी समाप्त
हर साल रसोइयों की संविदा का नवीनीकरण होता है। उन्हीं की संविदा का नवीनीकरण होता जिनका कार्य, व्यवहार अच्छा रहता है। इनके या घर के बच्चे स्कूल में पढ़ रहे होते हैं। सेवाएं संतोषजनक होने पर ही नवीनीकरण किया जाता है। नए नियमों के मुताबिक इनकी सेवाएं एकाएक खत्म नहीं की जा सकती हैं। लिखित तौर पर नोटिस देना जरूरी है। संबंधित प्रधानाध्यापक को रसोइया को असंतोषजनक सेवाओं के लिए लगातार नोटिस देना होगा। सेवा समाप्ति पर इन्हें साथ लगाना होगा। बिना किसी नोटिस के संविदा खत्म नहीं की जा सकती है। हालांकि 2018-19 से नियुक्त रसोइया ही लगातार काम कर रहे हैं।