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रिहर्सल कर दंगा कंट्रोल करने के बताए तरीके
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 28 Feb 2016 11:56 PM IST
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पुलिस जवानों ने बलवा मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान अपने को बचाने के
तरीके सीखे।
वहीं भीड़ को खदेड़ने की भी जानकारी हासिल की। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी की अगुवाई में आयोजित बलवा ड्रिल के दौरान क्षेत्राधिकारी सदर अंबरीश भदौरिया व आरआई मिथलेश तिवारी की अगुवाई में दंगे जैसे हालात से निपटने के तौरतरीके बताए गए। सीओ ने बताया कि दंगा होने पर अपने आपको बचाते हुए किस तरह दंगाइयों से निपटना है।
इसके लिए दंगा नियंत्रण के सभी शस्त्र साथ में लेकर जाएं। बाडी प्रोटेक्टर से लेकर हेलमेट का भी प्रयोग करें। भीड़ एकत्र होने पर उन्हें पुलिस किस तरह खदेड़ सकती है, यह भी बताया गया। इसके साथ ही भीड़ पर आंसू गैस का प्रयोग कब और कहां पर करना है, यह तकनीक भी समझाई गई।
दंगाइयों पर प्लास्टिक बुलेट किस तरह दागनी चाहिए, इसके बारे में शस्त्र चलाकर बताया गया। बाद में पुलिस जवानों को शस्त्र चलाकर निशाना साधने के लिए फायरिंग कराई गई। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले रिहर्सल में पुलिस जवानों ने दंगा नियंत्रण से लेकर सभी बारीकियां सीखीं।
वहीं भीड़ को खदेड़ने की भी जानकारी हासिल की। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी की अगुवाई में आयोजित बलवा ड्रिल के दौरान क्षेत्राधिकारी सदर अंबरीश भदौरिया व आरआई मिथलेश तिवारी की अगुवाई में दंगे जैसे हालात से निपटने के तौरतरीके बताए गए। सीओ ने बताया कि दंगा होने पर अपने आपको बचाते हुए किस तरह दंगाइयों से निपटना है।
इसके लिए दंगा नियंत्रण के सभी शस्त्र साथ में लेकर जाएं। बाडी प्रोटेक्टर से लेकर हेलमेट का भी प्रयोग करें। भीड़ एकत्र होने पर उन्हें पुलिस किस तरह खदेड़ सकती है, यह भी बताया गया। इसके साथ ही भीड़ पर आंसू गैस का प्रयोग कब और कहां पर करना है, यह तकनीक भी समझाई गई।
दंगाइयों पर प्लास्टिक बुलेट किस तरह दागनी चाहिए, इसके बारे में शस्त्र चलाकर बताया गया। बाद में पुलिस जवानों को शस्त्र चलाकर निशाना साधने के लिए फायरिंग कराई गई। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले रिहर्सल में पुलिस जवानों ने दंगा नियंत्रण से लेकर सभी बारीकियां सीखीं।