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Kannauj News: प्रेमिका को गोली मारने वाले युवक की 17 दिन बाद मौत
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आकाश राजपूत का फाइल फोटो।
- फोटो : पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन पर गोष्ठी करते बसपा कार्यकर्ता।
छिबरामऊ। नगर के बहुचर्चित प्रेमी-प्रेमिका गोलीकांड में 17 वें दिन लखनऊ के एसजीपीजीआई में इलाज चल रहे प्रेमी की मौत हो गई। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद गुरुवार की देर शाम शव गांव पहुंचा। बता दें कि 29 दिसंबर 2024 को गोली लगने से किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई थी।
ग्राम खानपुर कुर्मी निवासी आकाश राजपूत (20) ने 29 दिसंबर को बीएससी प्रथम सेमेस्टर में साथ पढ़ने वाली प्रेमिका रामलीला मैदान निवासी पायल शाक्य (17) को बात करने के लिए लक्षीराम नगला रोड पर बुलाया था। दोनों लक्षीराम नगला से रंधीरपुर जाने वाले कच्चे चकमार्ग पर सुनसान जगह पर बातचीत कर रहे थे। यहां पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। नाराज आकाश ने तमंचा निकालकर पायल की कनपटी पर सटाकर गोली मार दी थी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाद में आकाश ने खुद कनपटी पर भी गोली मार ली थी।
आकाश को अस्पताल से तिर्वा मेडिकल काॅलेज और वहां से लखनऊ के एसजीपीजीआई ट्रामा सेंटर भेजा गया था। चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन के बाद सिर में फंसी गोली को निकाल दिया था। तब से वेंटीलेटर पर था। 17 दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद बुधवार रात युवक की मौत हो गई।
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ग्राम खानपुर कुर्मी निवासी आकाश राजपूत (20) ने 29 दिसंबर को बीएससी प्रथम सेमेस्टर में साथ पढ़ने वाली प्रेमिका रामलीला मैदान निवासी पायल शाक्य (17) को बात करने के लिए लक्षीराम नगला रोड पर बुलाया था। दोनों लक्षीराम नगला से रंधीरपुर जाने वाले कच्चे चकमार्ग पर सुनसान जगह पर बातचीत कर रहे थे। यहां पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। नाराज आकाश ने तमंचा निकालकर पायल की कनपटी पर सटाकर गोली मार दी थी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाद में आकाश ने खुद कनपटी पर भी गोली मार ली थी।
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आकाश को अस्पताल से तिर्वा मेडिकल काॅलेज और वहां से लखनऊ के एसजीपीजीआई ट्रामा सेंटर भेजा गया था। चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन के बाद सिर में फंसी गोली को निकाल दिया था। तब से वेंटीलेटर पर था। 17 दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद बुधवार रात युवक की मौत हो गई।
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