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रबी की बर्बादी के बाद आई खरीफ की बीमा राशि
ब्यूरो/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 10 Apr 2015 12:19 AM IST
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बारिश और ओलावृष्टि से रबी सीजन में हुई बर्बादी के
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बाद बीमा कंपनियों ने खरीफ सीजन का बीमा क्लेम भुगतान करना शुरू कर दिया
है। बीमा कंपनियों ने बैंकों के खाते में एक करोड़ 61 लाख 72 हजार 848
रुपये भेजने का दावा किया है तो कृषि उपनिदेशक तीन दिन में यह राशि किसानों
तक पहुंचाने की दुहाई दे रहे हैं।
ओलावृष्टि से कराह रहे किसानों की दर्दभरी दास्तां को अमर उजाला ने प्रमुखता के आधार पर उठाया। लगातार खबरें प्रकाशित कर कृषि बीमा क्लेम की जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि किसानों को बीमा राशि का क्लेम नहीं मिल पा रहा है। लगातार खबरें छपने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया।
प्रशासन की ओर से बीमा कंपनियों को पत्र भेजे गए। इस पर जनपद के लिए अधिकृत एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि अभिषेक ने उप निदेशक कृषि कार्यालय को पत्र भेजा। इसमें बताया कि बैंक शाखाओं में खरीफ सीजन का क्लेम 1.61 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं।
कृषि उप निदेशक की मानें तो यह क्लेम राशि 11 अप्रैल तक किसानों के खाते में पहुंच जाएगी। एडीएम रमेश चंद्र यादव ने कहा कि फसल बीमा के खरीफ के बकाया क्लेम भुगतान के बाद बैंकवार लाभार्थियों की सूची चस्पा की जाएगी। ताकि किसानों को पता चल सके कि किनके खाते में कितना रुपया भेजा गया है।
यह भी छानबीन करेंगे कि क्राप कटिंग के अनुसार दिखाई क्षति के अनुपात में क्लेम की राशि आई है या कम? एडीएम ने कहा कि फसल बीमा योजना की मानीटरिंग वे खुद कर रहे हैं।
एडीएम रमेश चंद्र यादव ने क्राप कटिंग से जुड़े कलेक्ट्रेट के बाबुओं को गुरुवार को तलब किया। उनसे क्राप कटिंग से जुड़ा ब्यौरा मांगा है। साथ ही निर्देश दिए कि एक-दो दिन के अंदर क्राप कटिंग में लगे अफसरों और कर्मचारियों की बैठक बुलाई जाए, ताकि पता चले कि कितनी क्राप कटिंग हुई और कहां-कहां बाकी है।
दावा किया कि क्राप कटिंग समय से और सही ढंग से पूरी कराएंगे, ताकि किसानों को क्षति का क्लेम मिल सके। यदि किसी ने बीमा कंपनी से मिलकर या अन्य कारणों से क्राप कटिंग में गड़बड़ी की तो बख्शा नहीं जाएगा।
लखनऊ में बैठे बीमा कंपनी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि असिस्टेंट मैनेजर रूरल एंड एग्रीकल्चर अभिषेक यादव ने मोबाइल पर बताया कि खरीफ के सीजन में बीमित सभी 3627 किसानों के खाते में रुपये भेज दिए हैं। इसमें सहकारिता विभाग भी शामिल है।
उधर, विकास भवन स्थित सहकारिता विभाग के जिला सहायक निबंधक संतोष सिंह यादव ने बताया कि बीमा कंपनी के अफसर गलत जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने फर्रुखाबाद डिस्ट्रिक कोआपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक को फोन किया तो मालूम हुआ कि अभी बीमा क्लेम का रुपया नहीं आया है।
बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से भी शिकायत दर्ज कराई है। एआर कोआपरेटिव के मुताबिक बीमा कंपनी के एजेंट ने छानबीन कराकर तत्काल क्लेम का रुपया भेजवाने की बात कही है।
ओलावृष्टि से कराह रहे किसानों की दर्दभरी दास्तां को अमर उजाला ने प्रमुखता के आधार पर उठाया। लगातार खबरें प्रकाशित कर कृषि बीमा क्लेम की जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि किसानों को बीमा राशि का क्लेम नहीं मिल पा रहा है। लगातार खबरें छपने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया।
प्रशासन की ओर से बीमा कंपनियों को पत्र भेजे गए। इस पर जनपद के लिए अधिकृत एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि अभिषेक ने उप निदेशक कृषि कार्यालय को पत्र भेजा। इसमें बताया कि बैंक शाखाओं में खरीफ सीजन का क्लेम 1.61 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं।
कृषि उप निदेशक की मानें तो यह क्लेम राशि 11 अप्रैल तक किसानों के खाते में पहुंच जाएगी। एडीएम रमेश चंद्र यादव ने कहा कि फसल बीमा के खरीफ के बकाया क्लेम भुगतान के बाद बैंकवार लाभार्थियों की सूची चस्पा की जाएगी। ताकि किसानों को पता चल सके कि किनके खाते में कितना रुपया भेजा गया है।
यह भी छानबीन करेंगे कि क्राप कटिंग के अनुसार दिखाई क्षति के अनुपात में क्लेम की राशि आई है या कम? एडीएम ने कहा कि फसल बीमा योजना की मानीटरिंग वे खुद कर रहे हैं।
एडीएम रमेश चंद्र यादव ने क्राप कटिंग से जुड़े कलेक्ट्रेट के बाबुओं को गुरुवार को तलब किया। उनसे क्राप कटिंग से जुड़ा ब्यौरा मांगा है। साथ ही निर्देश दिए कि एक-दो दिन के अंदर क्राप कटिंग में लगे अफसरों और कर्मचारियों की बैठक बुलाई जाए, ताकि पता चले कि कितनी क्राप कटिंग हुई और कहां-कहां बाकी है।
दावा किया कि क्राप कटिंग समय से और सही ढंग से पूरी कराएंगे, ताकि किसानों को क्षति का क्लेम मिल सके। यदि किसी ने बीमा कंपनी से मिलकर या अन्य कारणों से क्राप कटिंग में गड़बड़ी की तो बख्शा नहीं जाएगा।
लखनऊ में बैठे बीमा कंपनी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि असिस्टेंट मैनेजर रूरल एंड एग्रीकल्चर अभिषेक यादव ने मोबाइल पर बताया कि खरीफ के सीजन में बीमित सभी 3627 किसानों के खाते में रुपये भेज दिए हैं। इसमें सहकारिता विभाग भी शामिल है।
उधर, विकास भवन स्थित सहकारिता विभाग के जिला सहायक निबंधक संतोष सिंह यादव ने बताया कि बीमा कंपनी के अफसर गलत जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने फर्रुखाबाद डिस्ट्रिक कोआपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक को फोन किया तो मालूम हुआ कि अभी बीमा क्लेम का रुपया नहीं आया है।
बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से भी शिकायत दर्ज कराई है। एआर कोआपरेटिव के मुताबिक बीमा कंपनी के एजेंट ने छानबीन कराकर तत्काल क्लेम का रुपया भेजवाने की बात कही है।