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Kannauj News: आलू में रोग का पता लगाकर निदान भी बताएगा सॉफ्टवेयर

Thu, 05 Dec 2024 11:47 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Dec 2024 11:47 PM IST
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The software will detect the disease in potatoes and also tell the diagnosis
तिर्वा (कन्नौज)। आलू की पैदावार बढ़ाने के लिए फसल में लगने वाले रोग को पता लगाने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर ने एक शोध तैयार किया। सरकार से अनुमति मिलने के बाद पत्तियों पर चल रहे शोध को लेकर सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जो रोग के साथ उसका निदान भी बताएगा। इंजीनियरिंग के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सॉफ्टवेयर स्वीकार होने के बाद कॉलेज में खुशी की लहर दौड़ गई।
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क्षेत्र में आलू की अधिक पैदावार होती है। आलू में रोग लगने से अधिकतम पैदावार प्रभावित हो जाती है, जिससे किसानों को आर्थिक हानि हो जाती है। आलू में लगने वाले रोग पर रोकथाम को लेकर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रो. अभिषेक बाजपेयी ने पिछले साल शोध कर एक सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए शासन से अनुमति मांगी थी। शासन से तीन साल में शोध को तैयार करने के लिए 11 लाख का बजट दिया था। शासन के निर्देश पर इंजीनियरिंग काॅलेज के प्रोफेसरों ने खेतों में खड़ी आलू की फसल पर शोध के आधार पर काम करना शुरू कर दिया। प्रो. अभिषेक बाजपेयी ने बताया कि आलू की फसल को रोग से बचाने के साथ गुणवत्ता भी बढ़ा सकते हैं। बेनेट विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा के प्रो. योगेश पाल व कॉलेज के प्रो. डॉ. विवेक श्रीवास्तव व शोध सहायक शालिनी साहू के साथ मिलकर मॉडल आधुनिक ब्लाॅक आधारित एआई मॉडल बेस्ड पर शोध कर एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जो आलू के पौध की पत्तियों में लगने वाले रोग की पहचान कर बता देगा। पत्तियों में लगने वाले रोग को पता करने में एआई मॉडल अधिक प्रभावशाली साबित हुआ है। शोध को आईईई (इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स) की अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में स्वीकार कर लिया गया। यह शोध शनिवार को ऑरिएंटल विश्वविद्यालय ग्वालियर मध्यप्रदेश में प्रकाशित होने वाला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत होने पर संस्थान के निदेशक प्रो. मनोज शुक्ला ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर से आसपास क्षेत्र के किसानों को आर्थिक फायदा होगा। इस तरह के शोध से कॉलेज का नाम रोशन होगा। कुल सचिव प्रोफेसर बीडीके पात्रो ने शिक्षकों को बधाई दी है।
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इनसेट--



आलू के लिए वरदान साबित होगा सॉफ्टवेयर

कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ फसल वैज्ञानिक (पादप रोग) डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि उन्होंने इस साफ्टवेयर का अध्ययन नहीं किया है, लेकिन यदि आलू में रोग को बताकर उसका निदान होगा तो यह आलू के लिए वरदान साबित होगा। कृषि अनुसंधान की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। आलू में मुख्यता झुलसा और परपरा रोग लगते हैं, जिसका निदान कृषि विभाग की वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है।
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