{"_id":"044bf8d01384a3d95ee1aaa6480ca136","slug":"the-result-of-a-nexus-organically-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नापाक गठबंधन का नतीजा बवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नापाक गठबंधन का नतीजा बवाल
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Mon, 26 Oct 2015 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री रहे श्रीप्रकाश जायसवाल
विज्ञापन
ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकारों के बीच नापाक गठबंधन का नतीजा ही
यूपी का खराब माहौल है। भाजपा-सपा के बीच पर्दे के पीछे नूरा-कुश्ती का खेल
चल रहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री रविवार को दोपहर कन्नौज आ रहे थे। मानीमऊ रेलवे स्टेशन के पास उनको सेक्टर मजिस्ट्रेट एके सिंह कुशवाहा और तहसीलदार सदर राजेश कुमार ने रोक लिया। वहां से वह पैदल चल दिए। साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने कहा कि शहर जाने की अनुमति नहीं है और श्रीप्रकाश को साथ चल रहे पुलिसकर्मी मानीमऊ चौकी लाए।
यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि वह शांति का पैगाम लेकर आए हैं। उनके शहर में जाने से शांति का माहौल आएगा। वह राजनीति करने नहीं आए हैं। पता नहीं उनको क्यों रोका गया है। अगर मानीमऊ पुलिस चौकी तक ही आना था तो रेलवे स्टेशन के पास ही गाड़ियां क्यों रोक दी गईं।
उन्होंने कहा कि लखनऊ फेल है, इसलिए जिला प्रशासन टाइट कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि पता चला है कि बवाल में मरने वाले महेश के परिजनों को कम मुआवजा दिया गया है। प्रदेश सरकार मुआवजा देने में भेदभाव न करे। एक सवाल के जवाब में कहा कि मुआवजा कांग्रेस नहीं सरकारें देंगी। केंद्र में भाजपा की तो प्रदेश में सपा की सरकार है।
हां इतना जरूर है कि अधिक मुआवजा दिलाने की वह सरकारों से मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वह जनता से अपील कर रहे हैं मिल-जुलकर रहें। यूपी का इतिहास मैला न करें। एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर प्रशासन उनको शहर जाने से रोक रहा है तो वह नहीं जाएंगे। वापस लौट जाएंगे।
पौन घंटे गुजारने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे पूर्व केंद्रीय मंत्री वापस चले गए। उधर, जब श्रीप्रकाश मानीमऊ चौकी पहुंचे तो उसके कुछ देर बाद सदर एसडीएम सुनील शुक्ल व सीओ करन सिंह आए। पत्रकार वार्ता के बाद वह चौकी के अंदर चले गए। यहां एसडीएम और सीओ से बातचीत की। इसी दौरान कुछ कांग्रेसी अंदर घुसने लगे। उनको पुलिसकर्मियों ने रोका। अंदर घुसने को लेकर दोनों के बीच नोकझोंक होने लगी। बाद में कुछेक लोगों को अंदर जाने दिया गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री रविवार को दोपहर कन्नौज आ रहे थे। मानीमऊ रेलवे स्टेशन के पास उनको सेक्टर मजिस्ट्रेट एके सिंह कुशवाहा और तहसीलदार सदर राजेश कुमार ने रोक लिया। वहां से वह पैदल चल दिए। साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने कहा कि शहर जाने की अनुमति नहीं है और श्रीप्रकाश को साथ चल रहे पुलिसकर्मी मानीमऊ चौकी लाए।
यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि वह शांति का पैगाम लेकर आए हैं। उनके शहर में जाने से शांति का माहौल आएगा। वह राजनीति करने नहीं आए हैं। पता नहीं उनको क्यों रोका गया है। अगर मानीमऊ पुलिस चौकी तक ही आना था तो रेलवे स्टेशन के पास ही गाड़ियां क्यों रोक दी गईं।
उन्होंने कहा कि लखनऊ फेल है, इसलिए जिला प्रशासन टाइट कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि पता चला है कि बवाल में मरने वाले महेश के परिजनों को कम मुआवजा दिया गया है। प्रदेश सरकार मुआवजा देने में भेदभाव न करे। एक सवाल के जवाब में कहा कि मुआवजा कांग्रेस नहीं सरकारें देंगी। केंद्र में भाजपा की तो प्रदेश में सपा की सरकार है।
हां इतना जरूर है कि अधिक मुआवजा दिलाने की वह सरकारों से मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वह जनता से अपील कर रहे हैं मिल-जुलकर रहें। यूपी का इतिहास मैला न करें। एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर प्रशासन उनको शहर जाने से रोक रहा है तो वह नहीं जाएंगे। वापस लौट जाएंगे।
पौन घंटे गुजारने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे पूर्व केंद्रीय मंत्री वापस चले गए। उधर, जब श्रीप्रकाश मानीमऊ चौकी पहुंचे तो उसके कुछ देर बाद सदर एसडीएम सुनील शुक्ल व सीओ करन सिंह आए। पत्रकार वार्ता के बाद वह चौकी के अंदर चले गए। यहां एसडीएम और सीओ से बातचीत की। इसी दौरान कुछ कांग्रेसी अंदर घुसने लगे। उनको पुलिसकर्मियों ने रोका। अंदर घुसने को लेकर दोनों के बीच नोकझोंक होने लगी। बाद में कुछेक लोगों को अंदर जाने दिया गया।