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Kannauj News: चर्च बनाने के लिए धर्म प्रचारक ने खरीदी थी जमीन
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कन्नौज। जिले में धर्मांतरण का खेल पिछले एक साल से जारी है। पुलिस ने जब मामले की गहनता से जांच की, तो पता चला कि मुख्य आरोपी आंध्रप्रदेश निवासी गौवडा प्रसाद ने सौरिख क्षेत्र के मिसुरपुर गांव में चर्च बनाने के लिए जमीन खरीद ली थी। अब पुलिस राजस्व विभाग की मदद से इस मामले की जांच कर रही है। उधर, एसपी ने इस मामले की जांच सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय को सौंपी है।
गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में एक मकान में चोरी छिपे धर्मांतरण कर रहे चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सीओ सिटी ने बताया कि कई ईसाई मिशनरियां धर्मांतरण के लिए पैसा देतीं हैं। गौवडा प्रसाद नार्थ दिल्ली की एक हाले लोइया चर्च से जुड़ा हुआ है, जोक रोमन कैथोलिक मिशनरी के लिए काम करता है। उसे उत्तर भारत में ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार और धर्मांतरण की जिम्मेदारी दी गई थी।
मिसुरपुर गांव निवासी धर्मेंद्र दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था, जहां उसकी मुलाकात गौवडा प्रसाद से हुई। बताया गया कि दिल्ली में गौवडा ने धर्मेंद्र की आर्थिक मदद की थी। इसके बाद वह उसे लेकर गांव आया और अपने ही घर में आसपड़ोस के लोगों को बुलाकर प्रार्थना सभा करानी शुरू कर दी। उसके मोहल्ले के कई लोगों ने धर्म परिवर्तन कर लिया। तब वह रिश्तेदारों को भी बुलाने लगा। इस्माइलपुर गांव में भी उसकी रिश्तेदारी थी, जहां वह पहली बार गौवडा प्रसाद को लाया। लोगों ने जब हकीकत देखी तो धर्मांतरण का विरोध करना शुरू कर दिया और पुलिस को सूचना दे दी। तब चारों आरोपी पकड़े गए। जिस महिला का धर्म परिवर्तन कर रहे थे, उसी ने गुरसहायगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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विदेशी फंडिंग की जांच के लिए खाते खंगाल रही पुलिस
गौवडा प्रसाद और उसके साथी धर्म परिवर्तन के लिए लोगों की आर्थिक मदद करते थे। जिले में उसने कई लोगों के खातों में रकम भेजी थी। इन सभी खातों की जानकारी की जा रही है। साथ ही आरोपियों के खाते भी खंगाले जा रहे हैं। यदि विदेशी फंडिंग मिली तो मुकदमे में और भी धाराएं बढ़ाईं जाएंगी। सीओ सिटी ने बताया कि आरोपियों पर जो धाराएं लगाई गईं हैं वह गैर जमानती हैं। कोर्ट से लगातार रिमांड चल रही है।
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गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में एक मकान में चोरी छिपे धर्मांतरण कर रहे चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सीओ सिटी ने बताया कि कई ईसाई मिशनरियां धर्मांतरण के लिए पैसा देतीं हैं। गौवडा प्रसाद नार्थ दिल्ली की एक हाले लोइया चर्च से जुड़ा हुआ है, जोक रोमन कैथोलिक मिशनरी के लिए काम करता है। उसे उत्तर भारत में ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार और धर्मांतरण की जिम्मेदारी दी गई थी।
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मिसुरपुर गांव निवासी धर्मेंद्र दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था, जहां उसकी मुलाकात गौवडा प्रसाद से हुई। बताया गया कि दिल्ली में गौवडा ने धर्मेंद्र की आर्थिक मदद की थी। इसके बाद वह उसे लेकर गांव आया और अपने ही घर में आसपड़ोस के लोगों को बुलाकर प्रार्थना सभा करानी शुरू कर दी। उसके मोहल्ले के कई लोगों ने धर्म परिवर्तन कर लिया। तब वह रिश्तेदारों को भी बुलाने लगा। इस्माइलपुर गांव में भी उसकी रिश्तेदारी थी, जहां वह पहली बार गौवडा प्रसाद को लाया। लोगों ने जब हकीकत देखी तो धर्मांतरण का विरोध करना शुरू कर दिया और पुलिस को सूचना दे दी। तब चारों आरोपी पकड़े गए। जिस महिला का धर्म परिवर्तन कर रहे थे, उसी ने गुरसहायगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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विदेशी फंडिंग की जांच के लिए खाते खंगाल रही पुलिस
गौवडा प्रसाद और उसके साथी धर्म परिवर्तन के लिए लोगों की आर्थिक मदद करते थे। जिले में उसने कई लोगों के खातों में रकम भेजी थी। इन सभी खातों की जानकारी की जा रही है। साथ ही आरोपियों के खाते भी खंगाले जा रहे हैं। यदि विदेशी फंडिंग मिली तो मुकदमे में और भी धाराएं बढ़ाईं जाएंगी। सीओ सिटी ने बताया कि आरोपियों पर जो धाराएं लगाई गईं हैं वह गैर जमानती हैं। कोर्ट से लगातार रिमांड चल रही है।