{"_id":"8d114ffca097c823826a886c8b36d0c8","slug":"the-npenge-negligence-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘लापरवाही बरतने वाले विवेचक नपेंगे’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘लापरवाही बरतने वाले विवेचक नपेंगे’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 09 Jan 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन
अपर पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र शाक्य ने शनिवार को
विज्ञापन
सदर कोतवाली में क्षेत्राधिकारी सदर के साथ जांच अधिकारियों की बैठक की।
सदर कोतवाली में लंबित विवेचनाओं पर सख्त लहजे में निर्देश दिया कि इन्हें
तत्काल पूर्ण करें। लापरवाही बरतने वाले विवेचक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की
जाएगी।
एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने बैठक के दौरान एक-एक उप निरीक्षक से लंबित विवेचनाओं के बारे में जानकारी हासिल की। इस दौरान अधिकतर विवेचकों के पास 18 से 25 विवेचनाएं लंबित पाई गईं। इस पर एएसपी ने नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि मारपीट संबंधी छोटे मामलों की विवेचनाएं तत्काल पूर्ण करें, जिन विवेचनाओं में आरोपी अभी तक फरार हैं, उन्हें तत्काल गिरफ्तार करें।
उन्होंने कहा कि इसी तरह बड़े मामलों पर भी नजर रखें, जिससे विवेचनाएं लंबित न रहें। न्यायालय में विचाराधीन मामलों की पैरवी समय से करें। उन्होंने कहा कि आईओ के पास कई मामले लंबित हो जाने से वह दबाव में रहते हैं। इस कारण मुकदमों की पैरवी व लिखा पढ़ी बेहतर तरीके से नहीं कर पाते हैं।
इस कारण आरोपी अक्सर कोर्ट से छूट जाते हैं। बड़े मामलों में वरिष्ठ उप निरीक्षकों से राय लेकर लिखा पढ़ी करें। इस मौके पर सीओ सदर करन सिंह, कोतवाल श्यामवीर सिंह, उप निरीक्षक रजनीश कुमार, वीके शिरोमणि, अरिमर्दन सिंह, उमेश चौरसिया, भारत सिंह, रामप्रकाश शर्मा, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।
एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने बैठक के दौरान एक-एक उप निरीक्षक से लंबित विवेचनाओं के बारे में जानकारी हासिल की। इस दौरान अधिकतर विवेचकों के पास 18 से 25 विवेचनाएं लंबित पाई गईं। इस पर एएसपी ने नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि मारपीट संबंधी छोटे मामलों की विवेचनाएं तत्काल पूर्ण करें, जिन विवेचनाओं में आरोपी अभी तक फरार हैं, उन्हें तत्काल गिरफ्तार करें।
उन्होंने कहा कि इसी तरह बड़े मामलों पर भी नजर रखें, जिससे विवेचनाएं लंबित न रहें। न्यायालय में विचाराधीन मामलों की पैरवी समय से करें। उन्होंने कहा कि आईओ के पास कई मामले लंबित हो जाने से वह दबाव में रहते हैं। इस कारण मुकदमों की पैरवी व लिखा पढ़ी बेहतर तरीके से नहीं कर पाते हैं।
इस कारण आरोपी अक्सर कोर्ट से छूट जाते हैं। बड़े मामलों में वरिष्ठ उप निरीक्षकों से राय लेकर लिखा पढ़ी करें। इस मौके पर सीओ सदर करन सिंह, कोतवाल श्यामवीर सिंह, उप निरीक्षक रजनीश कुमार, वीके शिरोमणि, अरिमर्दन सिंह, उमेश चौरसिया, भारत सिंह, रामप्रकाश शर्मा, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।