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करन को मारना था मकसद, गुस्से में रामवीर को मार डाला
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छिबरामऊ। ग्राम नथा नगला में किसान रामवीर की चाकुओं से गोदकर की गई हत्या के मामले में पुलिस के सामने कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद सामने आया है कि हत्यारों के निशाने पर रामवीर नहीं बल्कि उनका बड़ा बेटा करन था। विवाद के बाद हत्यारोपी उसी से खुन्नस खाए थे और उसकी ही हत्या करना चाहते थे। लेकिन हत्यारों की मंशा को रामवीर समझ गए और उन्होंने करन को घर के अंदर सुला दिया और खुद तीसरे नंबर के बेटे प्रदीप के साथ बाहर सो गए।
बुधवार की देर शाम शराब के नशे में रामवीर सिंह यादव का बेटा करन सिंह उर्फ लालू और गांव के ही आलोक व उसके चाचा राजेश सिंह पुत्र नत्थू सिंह के बीच हुई मारपीट में राजेश
चोटिल हो गए थे। ग्रामीणों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था।
पुलिस सूत्रों बताते हैं कि झगड़ा शांत होने के बाद भी रामवीर का मन अशांत था और वह गांव के इन युवकों पर भरोसा नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने अपने बेटे करन सिंह उर्फ लालू को घर के अंदर सुला दिया और खुद तीसरे नंबर के बेटे प्रदीप के साथ बाहर सो गए। रात करीब 12 बजे हत्यारोपी पहुंचे और जब उनको करन घर के बाहर सोता नहीं मिला तो बदले की भावना में उन्होंने रामवीर सिंह को ही मौत के घाट उतार दिया। पिता के पास में ही सो रहे प्रदीप पर हत्यारों ने तमंचा लगा दिया, जिससे वह शोर नहीं मचा सका। इस हत्याकांड के बाद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण कुछ भी खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। अब हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस की दो टीमें लगातार दबिशें दे रही हैं।
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इस संबंध में सीओ शिव कुमार थापा ने बताया कि आरोपियों की तलाश कराई जा रही है। शीघ्र ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
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बुधवार की देर शाम शराब के नशे में रामवीर सिंह यादव का बेटा करन सिंह उर्फ लालू और गांव के ही आलोक व उसके चाचा राजेश सिंह पुत्र नत्थू सिंह के बीच हुई मारपीट में राजेश
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चोटिल हो गए थे। ग्रामीणों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था।
पुलिस सूत्रों बताते हैं कि झगड़ा शांत होने के बाद भी रामवीर का मन अशांत था और वह गांव के इन युवकों पर भरोसा नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने अपने बेटे करन सिंह उर्फ लालू को घर के अंदर सुला दिया और खुद तीसरे नंबर के बेटे प्रदीप के साथ बाहर सो गए। रात करीब 12 बजे हत्यारोपी पहुंचे और जब उनको करन घर के बाहर सोता नहीं मिला तो बदले की भावना में उन्होंने रामवीर सिंह को ही मौत के घाट उतार दिया। पिता के पास में ही सो रहे प्रदीप पर हत्यारों ने तमंचा लगा दिया, जिससे वह शोर नहीं मचा सका। इस हत्याकांड के बाद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण कुछ भी खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। अब हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस की दो टीमें लगातार दबिशें दे रही हैं।
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इस संबंध में सीओ शिव कुमार थापा ने बताया कि आरोपियों की तलाश कराई जा रही है। शीघ्र ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।