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गर्मी से मुर्छित हुआ सर्दी का बाजार
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज
Updated Sat, 16 Jan 2016 12:29 AM IST
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ठंड के मौसम में गर्मी के एहसास से सर्दी का बाजार मुर्छित-सा हो गया है। हाल यह है कि जिन दिनों ऊनी कपड़ों की दुकानों पर भीड़ उमड़ती थी, आज वहां सन्नाटा दिख रहा है। यही नहीं दुकानदार डंप माल को ऑफर सेल का बोर्ड लगाकर औने पौने दाम पर निकालने का जतन कर रहे हैं।
दुकानदारों की माने तो साख पर उधार खरीदा गया माल न बिकने पर भुगतान भी अटक गया है। इससे थोक व फुटकर विक्रेताओं के रिश्तों में भी खटास आ रही है। कई दुकानों पर सर्दी के मौसम में बुलाए जाने वाले अतिरिक्त कर्मचारी भी इस बार नहीं बुलाए जा रहे हैं।
इस कारण लोगों को रोजगार मिलने के अवसर भी मौसम परिवर्तन के चक्कर में कम हुए हैं। इस बार जनवरी महीने के आधे दिन बीत चुके हैं लेकिन कंपकंपाती ठंड का अता पता नहीं है। रोजाना सूर्य के दर्शन लोगों को हो रहे हैं और धूप निकल रही है। शीतलहर भी इस बार नजर नहीं आ रही है।
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दोपहर के वक्त तो लोगों का धूप में बैठना मुश्किल हो जाता है। इसका पूरा असर जनजीवन के साथ ही गर्म कपड़ों व इलेक्ट्रानिक आइटम बेचने वाले कारोबारियों पर पड़ा है। शापिंग कांप्लेक्स व माल में टंगी जैकेट, कार्डिगन, स्वेटर आदि खरीदने के लिए लोग कम ही नजर आ रहे हैं।
गोदाम तो दूर की बात दुकान के अंदर सजाया गया माल ही इस सीजन में नहीं बिक पाया है। वहीं फुटपाथ पर दुकान लगाकर सर्दी के सीजन को सहालग मानने वाले भी इस बार गच्चा खा गए। अब उन्हें अपना माल सस्ते में बेचना पड़ रहा है फिर भी भरपूर ग्राहक नहीं मिल पा रहे।
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दुकानदारों की माने तो साख पर उधार खरीदा गया माल न बिकने पर भुगतान भी अटक गया है। इससे थोक व फुटकर विक्रेताओं के रिश्तों में भी खटास आ रही है। कई दुकानों पर सर्दी के मौसम में बुलाए जाने वाले अतिरिक्त कर्मचारी भी इस बार नहीं बुलाए जा रहे हैं।
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इस कारण लोगों को रोजगार मिलने के अवसर भी मौसम परिवर्तन के चक्कर में कम हुए हैं। इस बार जनवरी महीने के आधे दिन बीत चुके हैं लेकिन कंपकंपाती ठंड का अता पता नहीं है। रोजाना सूर्य के दर्शन लोगों को हो रहे हैं और धूप निकल रही है। शीतलहर भी इस बार नजर नहीं आ रही है।
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दोपहर के वक्त तो लोगों का धूप में बैठना मुश्किल हो जाता है। इसका पूरा असर जनजीवन के साथ ही गर्म कपड़ों व इलेक्ट्रानिक आइटम बेचने वाले कारोबारियों पर पड़ा है। शापिंग कांप्लेक्स व माल में टंगी जैकेट, कार्डिगन, स्वेटर आदि खरीदने के लिए लोग कम ही नजर आ रहे हैं।
गोदाम तो दूर की बात दुकान के अंदर सजाया गया माल ही इस सीजन में नहीं बिक पाया है। वहीं फुटपाथ पर दुकान लगाकर सर्दी के सीजन को सहालग मानने वाले भी इस बार गच्चा खा गए। अब उन्हें अपना माल सस्ते में बेचना पड़ रहा है फिर भी भरपूर ग्राहक नहीं मिल पा रहे।