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नहीं चला कलश ले जाने वाले का पता, पुलिस ने की छानबीन

Tue, 24 Aug 2021 11:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 24 Aug 2021 11:36 PM IST
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The address of the person carrying the urn was not known, the police investigated
रायपुर के टीले की खुदाई में निकला सिक्का। (फाइल फोटो) - फोटो : CHIBRAMAU
कन्नौज। रायपुर के टीले की खुदाई में सिक्कों से भरा कलश लेकर भाग जाने वाले चालक के बारे में मंगलवार को कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस छानबीन करने पहुंची तो वहां ठेकेदार के न मिलने पर लौट आई। उधर, दूसरी ओर हाईवे चौड़ीकरण के कार्य ने दोपहर बाद फिर तेजी पकड़ ली।
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जीटी रोड चौड़ीकरण के लिए सिकंदरपुर इलाके के रायपुर स्थित टीले के खेतों से मिट्टी निकालने का कार्य हो रहा है। इन्हीं में एक खेत से सिक्के मिले। सिक्के मिलने की खबर इलाके में फैलते ही लोग जुट गए। आरोप लगाया गया कि चालक कलश लेकर भाग गया। रास्ते में गिरे सिक्के लोग बटोरते देखे गए। मंगलवार सुबह लोग टीले के पास पहुंच गए। अपने-अपने तरीके से लोग खेत में सिक्के तलाशने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस को आता देख भाग निकले।
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इधर, पुलिस पहुंची और कुछ देर छानबीन के बाद लौट गई। कोतवाल विनोद कुमार मिश्र का कहना है कि ठेकेदार नहीं मिला। ठेकेदार से ही पता चल सकता है कि कलश लेकर कोई भागा भी है या नहीं। सिक्कों के एल्युमीनियम जैसे धातु होने की बात कही जा रही है। पहले यहां जमींदारों की बस्ती के रूप में टीले को बनाया गया था। धीरे-धीरे अब यह टीला खेत बनता जा रहा है। कई लोग खेती भी करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कुछ सिक्के सुनारों को दिखाए गए। उन्होंने कहा कि सोना या चांदी नहीं है। एल्युमिनियम जैसे लग रहे हैं।
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इलाकाई लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र पहले विशुनगढ़ रियासत का हिस्सा था। आज भी विशुनगढ़ रियासत के राजा चौधरी सदानंद त्रिपाठी के बेटे अवधेश त्रिपाठी विशुनगढ़ टीला परिसर में रहते हैं। इस प्रसिद्ध रियासत में बिना इजाजत किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं थी। कहा जाता है कि तब की रानी के लॉकेट में खजाने का नक्शा होता था। इसी वजह से यहां खुदाई में कभी मूर्ति तो कभी खजाने के सिक्के मिलते हैं।

20 साल पहले तीन ग्रामीणों की हुई थी मौत
जीटी रोड चौड़ीकरण के दौरान सिक्के निकलने की चर्चा हो रही है। यहां करीब बीस साल पहले भी सिक्के निकले थे। खजाने के चक्कर में टीला खोदते समय तीन ग्रामीणों की मिट्टी में दबकर मौत हो गई थी। रायपुर के उमेश, उनके चाचा महेश शाक्य व शाहजहांपुर के राम नरायन की मौत हुुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इसी टीले से देवी की मूर्ति भी निकली थी। इसे गांव में स्थापित करा दिया गया। टीले से कई कीमती वस्तुएं निकली हैं। इनकी चर्चा तो है लेकिन रिकार्ड नहीं। उधर, मंगलवार को भी टीले से मिट्टी की खुदाई जारी रही। सिक्के निकलने की चर्चा इस समय हर जुबान पर है।
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